रात में चीख पड़ी जब भाई ने जोर से लौड़ा घुसाया विर्जिन चूत में

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अठारह साल होते ही मेरा भाई मेरे पीछे पड़ गया और रोज रोज मुझे मनाने लगा की मैं उसको अपनी चुत चुदाई को दूँ। पर ऐसा मौक़ा भी नहीं मिला और जो दूसरी बात थी वो डर था क्यों की मुझे काफी डर लग रहा ता की पहली बार चुदाई करवाते समय कही ज्यादा खून निकल गया तो क्या होगा।

किसी को बता भी नहीं सकती अगर मेरी चूत फट गई तो मैं दर्द को कैसे बर्दाश्त कर पाऊँगी। ये सब सोच कर मैं काफी परेशान रहती थी। फिर भाई ने मुझे नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के बारे में बताया और फिर मैं कई कहानियां पढ़ी तब जाकर मेरे मन से डर निकला और अपने भाई से चुदाई को तैयार हो गई।

दोस्तों जैसा की आपको पता चल गया मेरी उम्र अठारह साल है मेरा नाम पूजा है मेरे भाई का नाम रवि है वो मेरे से दो साल बड़ा है। घर में हम दोनों के अलावा मेरी माँ और पापा हैं वो दोनों डॉक्टर है पर आजकल कोरोना वायरस की वजह से हॉस्पिटल में ही रह रहे हैं उन दोनों की ड्यूटी लगी हुई है।

घर में पापा और माँ में नहीं रहने की वजह से हम दोनों भाई बहन को मौक़ा मिल गया और हद से गुजर गए। और चुदाई कर लिए रात में। शाम को मेरा भाई मेरे आगे पीछे कबूतर की तरह मडरा रहा था की मैं चुम्मा दे दूँ और अपनी चूचियां दबाने दूँ। पर मैं कह रही थी रात को करना जो भी करना होगा क्यों की मुझे शर्म आ रही थी।

पर उसने मेरी चूचियां दबा ही दिया और किश करने लगा। मैं भी अपने आप को रोक नहीं पाई और उसको भी खूब चुम्मा दी और ली वो अपना जीभ मेरे मुँह में दे रहा था और मैं उसके जीभ को चूस रही थी। धीरे धीरे वो मेरी चूचियों को सहलाने लगा और मैं कामुक होने लगी।

वो बार बार मेरी पेंटी खोल रहा था पर मैं मना कर रही थी। क्यों की उसके पास कंडोम नहीं था। और बिना कंडोम के चुदाई मैं नहीं चाहती थी। तभी वो मार्किट चला गया कंडोम लाने और फिर शाम को सात बजे आया।

दोनों घर से बाहर जाकर रेस्टुरेंट में ही खाना खाये फिर करीब नौ बजे आये। फिर हम दोनों शुरू हो गए। वो अपना सारा कपड़ा उतारा और मेरी तरफ टूट पड़ा उसने मुझे पलंग पर लिटा दिया। फिर उसने मेरी सैंडल उतारी, फिर उसने मेरे टॉप्स उतारे फिर मेरी जीन्स को उतार दिया।

अब मैं सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी, मेरा भाई मेरा होठ चूस रहा था और हौले हौले से मेरी चूचियां दबा रहा था। मैं इस नए एहसास का मजे ले रही थी। मेरे रोम रोम खड़े हो रहे थे। मैं कामुक फील कर रही थी।

दोस्तों फिर उसने मेरी पेंटी उतार दी और मैंने खुद से ब्रा का हुक खोल दी। वो मेरी चूचियों को पकड़ लिया और जोर जोर से मसलते हुए पिने लगा। निप्पल को दांत से दबा रहा था। मैं आह आह कर रही थी। तभी वो निचे की तरफ हो गया और मेरे दोनों पैरों को अलग अलग करते हुए मेरी चूत को जीभ से चाटने लगा।

दोस्तों अब मेरे होश हवस उड़ गए थे। मेरी चूचियां तन गई थी चूत गीली हो गई थी। उसने मेरी चूत में ऊँगली करने लगा था। ऊँगली से भी दर्द हो रहा था क्यों की इसके पहले कभी मेरी चूत में कुछ भी नहीं गया था।

मैं बोली लाइट बंद कर दो पर वो मना कर रहा था फिर मेरे कहने पर उसने लाइट बंद कर दिया और मैं शांत हो गई चुदने के लिए तैयार थी।

उसने मेरी चूत पर लंड रखा और जोर से घुसा दिया मैं कराहने लगी अँधेरे में मेरा भाई मेरी चूत फाड़ चुका था। चूत से खून निकल रहा था।

फिर उसने मेरी चूचियों को सहलाया और फिर से वो मेरी चूत में लौड़ा डालने लगा। धीरे धीरे करके वो पूरा लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिया और फिर यहाँ से शुरू हो गया भाई बहन की चुदाई (Bhai Bahan Ki Chudai Story) अब वो जोर जोर से चोदने लगा।

हम दोनों ने पूरी रात चुदाई की अलग अलग तरीके से। खूब मजे ली अठारह साल की जवानी का। मजे किये खूब मैंने पर दुसरा दिन मेरे लिए ठीक नहीं था क्यों की मैं चल नहीं पा रही थी। चूत दर्द कर रहा था।

आपको ये मेरी भाई बहन की चुदाई की कहानी कैसी लगी जरूर बताएं। तब तक के लिए धन्यवाद।

मेरे भाई ने मुझे बहूत चोदा गांड भी मारा और चूचियां भी दबाया

पहले तो आपसे माफ़ी मांगती हु, मेरी हिंदी ठीक नहीं है, इसलिए बहूत गलतियाँ हो सकती है, हेलो , मेरा नाम किरण है मे 38 साल की शादी शुदा महिला हूँ,मे मध्य प्रदेश के एक छोटे से शहर की रहने वाली हूँ ,मेरे प्रिवार मे, मे ,मेरे पति 47साल,मेरा बेटा 14 साल और बेटी 17 की है, मेरे पति जॉब करते है, उन्हें 8 साल से दमे की बीमारी है एस कारण तोड़ा सा भी सरिरिक काम करने से उनकी साँसे उखाड़ने लगती है एसए कारण पिछले 8 सालो से मे सेक्स का सुख नही ले पाई आब तो सेक्स की इकचाएँ भी मार सी गयी है ..लेकिन मेरा बदन आभी भी बहुत सेक्सी दिखता है बिल्कुल जया प्रदा की तरह दिखती हूँ मे ..खेर ..
एक बार मे आपने चाचा की लड़की की शादी मे बच्चों के साथ आपने मयके आई हुई थी, घर पर बहुत से मेहमान थे,शादी के एक दिन पहले मुझे नहाने के लिए बाथ रूम खाली नही मिल रहा था एसलिए मे उपर च्चत वाले बाट्रूम मे नहाने के लिए गयी तो देखा बॅयात रूम का दरवाज़ा अंदर से बंद था मेने पूंचा कों है आंदार तो आंदार से सूरज की आवाज़ आई दीदी मे हूँ ..बस 2 मिनिट ..मेने कहा ठीक है , सूरज मेरे चाचा का लड़का है उसकी उमर 28 साल है जब करता है , कुछ देर बाद सूरज ने दरवाज़ा खोला और बोला ..लो दीदी आब आप नहा लो बो तबील पहने था और आपने कपड़े हाथ मे लिए हुए र्गा ..ुआका कदम बॅयात रूम के बाहर पड़ते ही बो फिसल गया और धदाम से गिर गया ..गिरते ही उसकी टोबिल उपर हो गयी और उसका बड़ा लॅंड बिल्कुल नंगा मेरे सामने था .बो जल्दी से उठा और सरमाते हुए नीचे भाग गया ..मे उसका लॅंड देख कर सन्न रह गयी. मुझे पसीना आने लगा ..8 साल से सुखी चूतएक बार फिर फदाक उठी ..मे गुम सूम सी बात रूम के अंदर आई और दरवाज़ा बंद कर आपने सारे कपड़े उतार कर शावर के नीचे खड़ी होगयी .मे आभी भी सूरज के लंड मे खोई हयी थी .पानी मेरे उपर से लगातार बह रहा था ..अन्यास ही मेरा हाथ मेरी चूतपर चला गया …और मे आपनी अँगुलीूयों से आपनी चूतमसालने लगी .करीव 15 मिनिट तक चूतमसालने के बाद मेरी स्पीड बाद गयी और मेने हा से सिसकारियाँ निकालने लगी मे नीच्चे बेत गयी और शावर से गिरते पानी की आऊर आपनी चूतउठा दी आब पानी सीधे मेरी चूतपर गिर रहा था और मे लगातार सूरज के बारे मे सोचते हुए आपनी अंगुली चूतमे ज़ोर ज़ोर से आंदार बाहर कर रहै थी मुझे बहुत मज़ा आ रहा था …मेरे मूह से सिसीकरियाँ बादने लगी और आचनक मेने बहुत ज़ोर से चीखते हुए आपना पानी चूड़ दिया .और निढाल हो कर फर्श पर लेट गयी मेरी साँसे बहुत ज़ोर से चल रहै थी सच मे बहुत सुकून मिला ..मेने सोचा की सूरज के बारे मे सोचकर ही जब इतना सुख मिला तो जब बो मुझे छोड़ेगा तो मुझे कितना आंनद मिलेगा ..कुछ देर बाद मे उठी और नहा कर कपड़े बदल कर बाहर आ गयी ..
नीच्चे आकर मेने सूरज को देखा तो बो ऐसे कर रहा था जेसे कुछ हुआ ही ना हो .पर मेरी सोच सूरज के लिए आब बदल चुकी थी ..मे बार बार सूरज को छूने का प्रयास करती उसके आस पास ही रहती ..पर बो कुछ नही समझ पाया ..मे उसके लंड को भूल नही पा रही थी ..खेर .
एसए ही मज़े से शादी हो गयी और शादी के दो दिन बाद घर के सभी बड़े लोग चाचा की लड़की को लेने पहली बार उसकी ससुराल गये हुए थे ..घर पर कुछ महिला मेहमान के अलबा मे , मेरे बच्चे और सूरज ही थे …शादी की हाल चल के बाद आब घर मे कुछ शांति थी ..साम के 8 बजे थे सब खाना खा चुके थे एक कमरे मे सभी महिलाए सोने की तियारी कर रही थी मेरे बेटी और मुझे भी उसी कमरे मे सोना था .. सभी थके हुए थे ..मेरी बेटी उन महिलाओं के साथ सो गयी ..मेरा बेटा दूसरे कमरे मे पालग पर लेता टीवी देख रहा था बो उधर ही सोता है और सूरज का आलग रूम है, सूरज खाना खाने के बाद बाहर घूमने गया हुआ था मे बाहर आकर आपने बेटे के साथ उसके बिस्तर पर आधी लेट कर टीवी देखने लगी ..रात के 9 बजे सूरज घर आ गया ..देख कर मुस्कुराया ..बोला क्या देख रही हो दीदी ..मेने कहा .कहानी घर घर की .आऊ तुम भी देख लो .बो बोला आभी आता हूँ दीदी ..यह कह कर बो आपने रूम मे गया और कपड़े बदल कर वापस आ कर मेरे बेटे के बाजू मे लेट कर टीवी देखने लगा ..मेरे धड़कन बाद गयी ..मे जब भी सूरज के करीव होती तो मेरी चूतउसके लॅंड के लिए फड़कने लगती ..मेने सोचा काज़ आज मोका मिल जाए ..आज घर पर भी ज़यादा लोग नही है .मेरी चूतकी आग ठंडी हो जाए .ह आ ..मे मान ही मान ये बड बुडाती रही ..रात के 10 बाज़ रहे थे तब मेरा बेटा बोला की मुम्मी ये लाइट बंद कर दो मुझे नीड आ रहै है ..तुम्हारा ये सास बहू का नाटक बहुत देर चलेगा ..और मे जानता हूँ आप पूरा देख कर ही सूगी ..यह सुनकर मुझे हँसी आ गयी और सूरज भी हँसने लगा ..बोला हाँ दीदी लाइट बंद कर दो ..मेरी आँखे भी भारी होने लगे गी तो मे भी जल्दी सोने चला जाऊँगा ..मेने कहा थाई है और उठ कर लाइट बंद कर दी और उसी बिस्तर पर आपने बेटे के पास बेट कर टीवी देखने लगी ..आब दीवार की तरफ सूरज लेता था फिर मेरा बेटा और फिर मे ..कुछ देर बाद मेरे बेटे की नीड लग गयी और कुछ देर बाद सूरज की आँखें भी बंद हो गयी …मेने जान बुझ कर सूरज को उसके कमरे मे जाने के लिए नही जगाया ..मेने टीवी की आवाज़ बिल्कुल स्लो कर दी कुछ देर और इंतज़ार के बाद मेने दावे पाव उठी और बाजू वाले कमरे मे जाकर देख तो मेरी बेटी और मेहमान सब बे- सुध हो कर सो रहे थे ..मेने वापस आकर नाइट बल्ब जलाया और टीवी बंद कर दी और बेटे के पास ही लेट गयी ,,करीव आधा घंटा इंतज़ार के बाद मेने फिर इस्थिति का जायज़ा लिया सब गहरी नीड मे सो रहए थे मेने सूरज को देखा बो भी नीड मे था ..मेरी ढकान बाद गयी मे आपने हाथो से आपने दूध और चूतमसल ने लगी फिर मेने लेते हुए ही आपनी सारी उपर उठी और जांघून तक ले गयी जिस से मेरे भारी हुई गड्रई सफेद जांघे दिखने लगी फिर मेने आपनी सारी का पल्लू आपने सीने से नएचए कर के अपने बिलओवस का एक बटन खोल कर दूध को पकड़ कर एस तरह खिछा की आधा दूध और ब्रा दिखने लगे ..फिर मेने धीरे से आपने बेटे का सूरज की तरफ वाला हाथ आपने हाथ से पकड़ा और तोड़ा उपर उठा कर सूरज के मूह पर पटक दिया और झट से सो गयी जेसे मे बे-सुध सो रहै हूँ मूह पर बेटे का हाथ गिरते ही सूरज हद-बड़ा का उठ गया और उसने मेरे बेटे का हाथ दिखा तो समझ गया की नीड मे उस का हाथ टकरा गया ..बो फिर सोने ही वाला था की उसकी नज़र मेरे उपर पड़ी मे दबी आँख से सब कुछ देख रहै थी कमरे मे कम रोस्नी की बजाह से उसे मेरी थोड़ी खुली आमंख नही दिख रही थी मे एसए ही पड़ी रहै सूरज मेरी नंगी जांघों को देखता रहा ..कूचा देर देखने के बाद सूरज आपनी जगह पर ही लेट गया और मुझे देखता रहा ..मेने सोचा ..मर्द होने के कारण उसे नंगी जांघे देखना तो आच्छा लग रहा है पर भाई होने के कारण हिम्मत नही जुटा पा रहा है ..मेने सोचा कही मोका हंत से ना चला जाए तो फिर मेने उसके जहें मे हवस पेड़ा करने के लिए एक और हमला करने की सोची ..बो मुझे लगातार देखे जारहा था पर कुछ कर नही रहा था तब मेने आपना दाहिना पेर मोड़ कर तोड़ा उपर उठा दिया जिस कारण मेरी सारी आब मेरी कमर मे सिमट गयी आब मेरी पेंटी पूरी नज़र आने लगी ये देख कर सूरज फिर उठ कर बेत गया ..आब बो परेसां दिखने लगा ..बो बार बार मेरे बेटे की तरफ देख रहा था और लगातार मेरी नंगी जाँघो को देखे जारहा था . उसके होंठ सूख गये थे बार बार होंठों पर जीव फेर रहा था मेरी भी धड़कन तेज़ हो गयी थी एस कारण मेरे बड़े बड़े दूधा उपर नीचे हो रहे थे ..फिर सूरज धीरे से उठा और पलंग के नीचे आकर मेरे पैरों के पास ज़मीन पर पंजो के बाल बेत कर मुझे देखने लगान ..मे साँझ गयी की मे सूरज की काम बसना जगा ने मे कामयाब हो गयी हूँ ..उसने धीरे से मेरे परो को आपनी अंगुलियों से छुआ .मुझे करंट सा लग गया पर मे एसए ही पड़ी रही उसका मूह बिल्कुल मेरे परो के पास था उसकी गरम साँसे मे आपने पैरों पर महसूस कर रहै थी ..फिर बो उठा और आब बो पालग के एस तरफ आकर मेरी कमर के पास बेत गया और उसने धीरे से मेरी जांघून पर हाथ राका.. मेने कुछ नही कहा तो उसकी हिम्मत और बड़ी और आपना हाथ मेरी जांघों से फिरते हुए ..मेरी चूतपर रख दिया …मे बहुत ही गरम हो चुकी थी ..बो लगातार आपना हाथ धीरे धीरे फेरता जारहा था ..मुझे परम सुख की प्राप्ति हो रहै थी ..मे कब से तड़फ़ रही थी की सूरज मेरी चूतको सहलाए ..फिर यस्कि निगाह मेरे दूधों पर पड़ी तो उसने धीरे से आपना एक हाथ मेरी गोलैईयों पर रख दिया ..आब मुझे से सहन नही हो रहा था मेने उसके हाथ पर आपना हाथ रख कर ज़ोर से दूध पर दबा दिया और आपनी आँखें खोल दी सूरज घबडा गया ..पर आगले ही पल उसे मेरी हारकर का भान हो गया तो बो समझ गया की मे भी चूड़ना चाहती हूँ ..फिये मेने उसे आपने उपर खीच लिया ..आब सूरज बिल्कुल मेरे उपर था हम दोनो एक दूसरे को आपनी बाहों मे जकड़े हुए थे ..बो मुझे और मे उसे बे हतसा चूम रही रही बो आपने होंठ मेरे कान ,हूँठ और मेरे दूध से रग़ाद रहा था ..कुछ देर बाद मेने उस से कहा ..रूको यहा नही तुम्हारे रूम मे चलो..बो रुक गया ..फिर हम दोनो उठे और सूरज के रूम मे आ गये सूरज ने अंदर से दरवाजा बन कर दिया और मुझे पर टूट पड़ा बो खड़े खड़े ही मुझे बे हतसा चूमे जारहा था ..उसने सारी के उपर से ही मेरी चूतपर आपने होन्ट लगा दिए ..मे उपर से नीचे तक हिल गयी ..फिर उसने मुझे आपने गोद मे उठा कर बिस्तर पर पटक दिया, मे सेक्सी अदा के साथ लेट गयी और उसे नासीली निगाहों से देखती हुई आपनी जीव आपने होंठों पर फेर रही थी मेरी साँसे तेज चल रही थी उसने झुक कर मेरे पेर पर हाथ रखना चाहा तब मे एक दम बिस्तर पर पलटी मार गयी और बिस्तर के किनारे पर पेट के बाल लेट कर अक पेर मोड़ कर गांद उप्पर उठा कर उसे ललचाने लगी , मे कुछ देर पूरा मज़ा लेने के मूड मे थी , उसने फिर झुककर मेरे पेर का अंगूठा आपने होंठो मे दबाया कुछ देर बाद मुझसे से बर्दास्त नही हुआ तो मेने पेर उप्पर खीच लिया ..बो बिस्तर के बाहर ही खड़ा था आब मे बिस्तर पर कुछ और उप्पर खिसक कर आधी लेट गयी ..और मादक आड़ा से मेने आपने दोनो पेर फेलाए और धीरे धीरे सारी उप्पर करने लगी , बो खड़ा खड़ा देख रहा था मे आपने होंठों पर जीव फेर रही थी और नीच्चे से गांद उप्पर उठा उठा कर उसे ललचा रही थी , मेने आपने जांघों तक सारी उप्पर कर ली ..और एक हाथ आंदार डाल कर आपनी चूतमसालने लगी और दूसरे हाथ से आपने बूब दबाने लगी ..मे बहुत ही बिंदास तरीके से चूड़ना च्चती थी 8 सालो से मेरी चूततड़फ़ रही थी लॅंड के लिए आज पूरा सुख लेना चाहती थी, बो बिस्तर पर चढ़ गया और गुटनो {नी} के बाल किसी जांबर की तरह शेलेट हुए मेरे पेर को चाटने लगा. पेर से होते हुए जांगों के चाटते हुए मेरी चूतको आपने मूह मे भर लिया मे चीख पड़ी मे फिर बिस्तर पर पलट गयी आब मेरी गांद उसके सामने थी उसने फिर नीचे से चूमना सुरू किया और मेरी गड्राई जांघों को कूब सहलाया खूब चटा और सारी उप्पर कर दी..मेरी गांद देख कर तो बो म्सात हो गया …मेरी मस्त गोरी बड़ी गांद की पूरी गूलाईयों पर जीव फेरी बहुत सहलाया ..मेरे मूह से आवाज़ें निकालने लगी ..मे अभी भी पेट के बाल बिस्तर पर लेती थी बो मेरे उप्पर था फिर उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और मेरी पेंटी भी निकाल दी जो गीली हो चुकी थी , आब बो नंगा ही मेरे उप्पर आ गया उसका लंड मेरी मस्त गांद से खूब रगड़ा और आपने होंठो मे मेरे कान चबता रहा जिस कारण मे बेहतसा चिल्लाने लगी , चीखने लगी ये चीख मुझे आरहे मज़े के कारण मेरे मूह से निकल रहै थी ..
आब मे सीधी लेट गयी और बेत कर उसका लंड देख कर लपक कर आपने हाथ मे ले लिया, उसका 8” का लंड देख कर मेरी आँखों मे चमक आ गयी मेने उसे एक धक्का दिया जिससे बो बिस्तर पर सीधा गिर गया मे उसका लंड आभी भी पकड़े हुए थी ..आब मे उसके लंड के उप्पर झुक गयी और उसका पूरा लंड आपने मूह मे ले लया करीब10 मिनिट तक चूसने के बाद मे उसके उपर लेट गयी और उसे बेहतसा चूमने लगी उसेनए मुझे आपनी बाहों मे भर कर पलटी मारी और बो आब मेरे उप्पर आ गया मुझे चूमते हुए उसने आब मेरे कपड़े निकालना सुरू किया कुछ ही देर मे आब मे उसके सामने बिल्कुल नंगी लेती हुई थी .. उसने नीचे से उप्पर तक बे हतसा मुझे चूमा मेने भी पुर जोश के साथ उसका साथ दिया, हम दोनो एटने उत्तेजित हो चुके थे की पुर बिस्तर पर एक दोसरे से नाग- नागिन की तरह लिपट रहे थे और यहाँ बहन पलटी मार रहे थे कभी मे उसके उप्पर कभी बो मेरे उप्पर दोनो भूके शेर के तरह एक दोसरे को खा जाने के लिए बेताब थे आब मे बोली बस और मत तरसाओ प्ल्स.. डालडो आंदार्र्र्ररर और ये कहते हुए मेने बेरहमी से उसका लंड पकड़ कर आपनी चूतमे बहुत ज़ोर से रग़ाद दिया बो दर्द से कराह उठा उसके लंड के साथ साथ उसकी बोल भी मेरी मुट्ही मे आ गये थे उसने मेरे हाथ से आपना लंड छुड़ाया और मेरे दोनो पेर आपने दोनो हाथों से पकड़ कर मेरे सर की तरफ मोड़ दिए नीच्चे से मेरी गाड़ उप्पर उठ गयी बो घुटनो के बाल बेता था उसने आपनी जांघों पर मेरी गांद रख कर आपने लंड की सीध मे मेरी चूतलाकर मेरी चूतमे आपना लंड घुसेड दिया एक ही झतके मे पूरा आंदार कर दिया ……
मे चीक पड़ी मेरी आँखे बंद थी और मेने आपने दोनो हाथों से उसके बाजो पकड़ रखे थे लंड आंदार जाते ही मेरे नाकूं उसकी बाहों पर गड़ गये उसकी बाहों से खून निकालने लगा ..उसने परवाह नही की और आपनी स्पीड बड़ा दी 15 मिनिट तक एक सी स्पीड मे बो मुझे चोदता रहा …मुझे कुछ परेसांी होने लगाई मेने उसे रुकने को बोला बो रुक गया और आपने पेर उसके हाथों से छुड़ा कर सीधे कर लिए पेर सीधे होते ही मुझे कुछ रहट मिली , कुछ देर रुक कर मेने तोड़ा उप्पर उठ कर उसकी गर्दन आपने दोनो हाथों से पदकड़ ली और एक ही झटके से उठ कर उसकी गोद मे बेत गयी , उसका लंड आभी भी मेरी चूतमे था .मेने उसे पीच्चे की तरफ धक्का दिया बो लेट गया ,आब मे उसके उप्पर थी , आब मे उसे चोदरही थी और बहुत ज़ोर ज़ोर से आपनी कमर आयेज पीच्चे कर रही ही आचनक मेने आपनी रफ़्तार बड़ा दी मेरे मूह से चीख निकल रहै थी और ज़ोर ज़ोर से कमर हिलाते हुए मे पागलो की तरह चिल्ल्लाने लगाई और कमर ज़ोर ज़ोर से हिलती रहै हिलती रहै और हिलती रहै और्र्ररर एक जूरदार झटके के साथ मे छिलला पाडिइईई ……और एक दम रुख़ गयी और कुछ देर बाद निढाल हो कर उसके उपार धाम से गिर गयी .. मेरी साँसे बहुत रेज़ चल रहै थी उसके लंड की हालत तो खराब हो ही गयी थी मथानी की तरह मत गया था उसका लंड ..उसने पियार से मेरे सर पर हाथ फेरा मुझे चूमा ..मे बिल्कुल लास की तरह उसके उप्पर 15 मिनिट तक पड़ी रही ..फिर मे सामानया हुई तो आपने हाथों के शहरे तोड़ा उप्पर उठी ..मे बहुत खुश थी मुस्कुरा रही थी मेने उसे पियार से चूमा …पर उसकी आग आभी शांत होना बाकी थी उसका लंड खंबे की तरह मेरी चूतके आंदार आभी भी आग उगल रहा था …पर मे एक दूं खड़ी होगयी ..मेरी चूतका बहुत सारा पानी उसके लंड के चारून र फेल गया त्या बोमेरे दोनो पर के बीच मे पड़ा था ..फिर मे बिस्तर से नीच्चे आ गयी और बातरूम चली गयी ..बो बेसे ही पड़ा रहा , बात रूम से आकर मेने आपनी सारी के पल्लू से उसका लंड और आस पास की जगह सॉफ की हम दोनो ही पसीने मे तार हो गये थे फिर बो भी उठ कर बेत गया और हम दोनो ही कूलर के बिल्कुल पास जाकर खड़े हो गये , मेने उसके सीने पर हाथ रखा और फिर उसके सीने को चूमते हुए आपना सर रख कर चिपक कर खड़ी हो गयी उसने भी मुझे पियार किया और बाहों मे भर कर खड़ा रहा ..कुछ देर बाद गर्मी कुछ कम हुई तो हम लोग फिर बिस्तर पर आ गये , आब तक मे फिर चूड़ने के लिए तियार ही गयी थी ..उसने एस बार मुझे डोगी की तरह होने को कहा मेने फॉरन आपनी गांद उसकी तरफ कर दी उसने मेरी गांद मे लंड डालना चाहा पर मेने माना कर दिया ..फिर मेने नीचे से हाथ डाल कर उसका लंड पकड़ा और आपनी चूतमे डाल लिया ..उसने भी मुझे चोदना सुरू किया ..फिर आपनी स्पीड बड़ाई और एटनी बड़ाई की पूरा पालग आवाज़ करने लगा ..मे चिल्लाने लगी …पर बो कहाँ मानने बाला था बहुत देर से कोनरेवल किए हुए था ..20 मिनिट तक एक सी स्पीड से बो मुझे चोदता रहा मेरी बड़ी गाड़ जो उसके सामने थी जिसे देख कर उसे और जोश आ रहा था …मे बोली प्लज़्ज़्ज़्ज़ आब चोददो प्लज़्ज़्ज़…क्या जान ही निकाल दोगे मेरी प्ल्ज़ बो बोला ठीक है और आपनी फुल स्पीड से धक्के मार मार कर मेरी चूतमे आपना पानी चूड़ दिया ….दिल तो कर रहा था की सूरज रात बार मुझे चोदता रहे ….पर मुझे परेसांी हो रही मेरी चूतसूज गयी थी … बो मेरे उप्पर ही ढेर हो गया …..कुछ देर बाद हम उठे और बातरूम से आकर आपने आपने कपड़े पहने ..मे बेहद खुश थी ..मे बोली ..आज पहली बार मुझे एट्ना मज़ा आया ..मे तुम्हें कभी नही भूल पाऊँगी मेने उसका माता चूमा, पर सूरज कुछ गुम सूम सा था , मेने पूंचा क्या हुआ तो बो बोला की मुझे कुछ ठीक नही लग रहा है दीदी आप और मे भाई बहन है और हमारे बीच सेक्स …मेने कहा तो क्या हुआ सूरज हम भाई बहन होने के पहले औरत और मर्द है सेक्स सबकी ज़रूरत होती है ..और जहाँ तक मेरी बात है तो सूरज मेरे भाई तुझे तो तेरे जीजाजी की बीमारी के बारे मे तो पता ही है ..बो मुझे सेक्स का पूरा सुख नही दे पाते, कुछ देर करते है और ढेर हो जाते है और मेरी आग भड़क उतरी है ,आब मे ये आग कहाँ से बुझाओं 8 सालो से सेक्स के लिए तड़फ़ रही थी , आब यदि मे आपनी सेक्स की आग बुझाने के लिए बाहर किसी मर्द का सहारा लून तो बदनामी का दर और बीमारी का भी दर एस से तो आच्छा है की आपने एस भाई से ही आपनी सेक्स की पियास भुझाओं, बदनामी का भी दर नही रहेगा और घर की बात घर मे, आब तू ही बता की तुझे यह क्या आच्छा लगेगा की मे बाहर किसी गेर मर्द के साथ सेक्स करूँ ? बोलो, कुछ देर बो खामोस रहा फिर मुस्कुरा कर मुझसे लिपट गया ……
आब मे आप सभी स्टोरी पड़ने वालों से पूंचती हूँ की क्या मेने आपने भाई के साथ सेक्स करके ग़लत किया जबकि मुझे आपने पति से सेक्स नही मिल पा रहा था ?? आप को मेरी ये कहानी केसी लगी मुझे ज़रूर बताइए, और मेरी तरह सेक्स से बंचित शादी सुदा बहने अगर किसी दूबिधा मे हों तो मुझे आपनी दूबिधा बता सकती है , मुझसे जो बन पड़ेगा मे उचित सलाह देने की कोसिस करोंगी

पहले बॉयफ्रेंड का, फिर सगे भाई का लंड चूस चूसकर मैंने चुदवाया

हेल्लो दोस्तों, मैं अलीशा आप सभी का नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मैं पिछले कई सालों से नॉन वेज स्टोरी की नियमित पाठिका रहीं हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी।
दोस्तों जैसे ही मैं १२वी पास करके कॉलेज में बी.ए. करने पहुच गयी मुझे चुदाई के बारे में पता चल गया और मैं दिन रात सोचने लगी की कैसे सेक्स का मजा लिया जाए। मेरी सहेलियों ने मुझे कई लड़कों से मिलवाया और मैंने रोहन नाम के एक लड़के को अपना बॉयफ्रेंड बना लिया। हम दोनों डेट पर जाने लगे और धीरे धीरे मुझे उससे प्यार हो गया। एक दिन वो मुझे कॉलेज की छत पर ले गया। आमतौर पर वहाँ आना मना था। पर प्रेमी जोड़े यहाँ चुपके से आ जाते थे और छिपकर चुदाई करते थे। कॉलेज की छत पर आना तो मना ही था। उपर से हमारा प्रिंसिपल डी पी सिंह बहुत खडूस आदमी था। वो लड़के लड़कियों को आपस में बात करते नही देख सकता था और हमेशा यही सोचता था की उसके कॉलेज के लड़के लड़कियाँ आपस में चक्कर चला रहे है और चुदाई करते है।
मेरा बॉयफ्रेंड रोहन मुझे कॉलेज की छत पर ले आया। हमारा कॉलेज तो बहुत बड़ा और विशाल था, इसलिए छत भी बहुत बड़ी थी। जब मैं रोहन के साथ उपर कई तो कई जोड़े कोने कोने में लेट कर चुदाई का मजा कर रहे थे। मुझे भी ये बहुत अच्छा और मस्त लगा। रोहन ने मेरे दुपट्टे को जमींन पर बिछा दिया और हम दोनों बैठकर किसी प्रेमी जोड़े की तरह बात करने लगे।
“अलीशा……तूने कभी लंड खाया है????” रोहन ने पूछा
“नही….” मैंने हँसने लगी
“जान….. आज मैं तुमको बताऊंगा की लड़कियाँ लंड कैसी खाती है!!” रोहन बोला
“जानू…..आज मैं भी तुमसे कसके चुदना चाहती हूँ। रोहन आज तुम मेरी सारी जवानी लूट लू और मुझे कसके चोद लो!!” मैंने अपने बॉयफ्रेंड रोहन से कहा। उसके बाद हम दोनों कोने में बैठकर आपस में किस करने लगे। रोहन से मुझे बाहों में भर लिया था। मैं २० साल की वयस्क लड़की हो चुकी थी और चुदने को पूरी तरह से तैयार थी। मैं खुश थी की मेरा बॉयफ्रेंड रोहन आज मेरी सील तोड़ देगा और मुझे मस्ती से चोदेगा। हम दोनों कॉलेज की छत पर बैठकर रोमांस करने लगे। अगर हम खड़े हो जाते तो कॉलेज के गार्ड हमे देख सकते थे। इसलिए हम लोग बैठ गये थे और छिप गये थे। रोहन ने मुझे पीठ पर दोनों हाथो से पकड़ लिया और मेरे रसीले और गुलाबी होठ चूसने लगा। मुझे भी बहुत मजा आ रहा था।
दोस्तों मेरे ओंठ बहुत रसीले और गुलाबी थे। रोहन मेरे ओंठो की लाली चुरा रहा था। किस करते करते हम दोनों गर्म होने लगे। मैंने भी रोहन के होठ को मजे से चूस रही थी। धीरे धीरे मुझे अच्छा लग रह था और एक अजीब सा नशा छा रहा था। फिर रोहन ने मुझे दुपट्टे पर लिटा दिया। मैंने कॉलेज का सिलेटी रंग का सूट पहन रखा था। रोहन ने मेरी कॉलेज ड्रेस निकाल दी। मेरा कॉलेज का सिलेटी सूट निकाल दिया, फिर मेरी सफ़ेद रंग की कसी ब्रा भी निकाल दी। मेरे बूब्स ३४” के शानदार और बड़े सुंदर थे। मेरे खूबसूरत बूब्स को देखकर रोहन मचल गया और मेरे उपर ही लेट गया और मेरे बूब्स अपने हाथ से दबाने लगा। “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….”मैं आवाज करने लगी
“अलीशा…जान आवाज मत करो। देखो यहाँ जितनी लौंडिया चुद रही है कोई आवाज नही कर रही है। सब की सब आराम से आवाज दबा कर चुदवा रही है!!” रोहन बोला। फिर मैं बड़ी धीरे धीरे आवाज कर रही थी। वो मेरे खूबसूरत बूब्स को हाथ से दबाने लगा और मजे लेकर पीने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैं उसे प्यार करने लगी। मेरी चूचियां बड़ी मस्त मस्त गदराई हुई थी। रोहन मजे लेकर मेरी चूचियों को चूस रहा था। मुझे कुछ कुछ होने लगा। आज मैं पहली बार किसी लड़के से चुदने वाली थी। आज मेरी भी सील टूटने वाली थी। रोहन का मुंह तो जैसे मेरे सारे दूध को ही चूसे जा रहा था वो मेरी एक एक छाती को जोर जोर से दबा रहा था और फिर मुंह में लेकर चूस रहा था।
बॉयफ्रेंड की छुअन से मुझे एक अलग तरह की उतेज्जना महसूस हो रही थी। “…..ही ही ही…….अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” बोल बोलकर मैं कराह रही थी। मुझे अच्छा लग रहा था। मुझे मजा आ रहा था। आज मैं अपने जिस्म की भूख रोहन से चुदवाकर मिटाने वाली थी। रोहन मेरे दोनों बूब्स को बड़ी मेहनत से चूस रहा था। मेरी चूचियों की निपल्स अब खड़ी होकर कड़ी कड़ी हो गयी थी। मेरी नंगी पीठ, कन्धो और हाथो को भी रोहन चूम रहा था और किस कर रहा था। वो मेरी नंगी पीठ को सहला रहा था और उसने मुझे करवट करके अपनी बाहों में ले रखा था। मेरे बूब्स की निपल्स को वो दांत से काट रहा था। मुझे अजीब सा नशा चढ़ रहा था। जब वो मेरे ३४” के आम चूस चुका तो मैंने देखा की कई जहग उसके दांत के निशान मेरे मम्मो पर पड़ गये थे। पर मुझे इसमें मजा बहुत आया।
फिर रोहन मेरे कॉलेज की ड्रेस वाला नारा खोलने लगा और उसने मेरी सफ़ेद सलवार निकाल दी। मैंने अंदर सफ़ेद रंग की पेंटी पहन रखी थी। रोहन ने वो भी खीचकर निकाल दी। मुझे शर्म भी आ रही थी। आज वो मेरी रसीली चूत की सिटी खोलकर मुझे चोदने वाला था। मैंने शर्म से पिघल रही थी और पानी पानी हुई जा रही थी। रोहन ने मेरी दोनों टांगो को खोल दिया और मेरी चिकनी चमेली चूत को चाटने लगा। मैं मधहोश होने लगी। मुझे बड़ा अजीब सा लग रहा था। इसके अलावा मुझे बड़ा अच्छा भी लग रहा था। रोहन मेरे गुलाबी भोसड़े में चाट रहा था। मेरी चूत पर एक भी झांट नही थी। सुबह ही मैंने इसे क्लीन शेव कर लिया था। कुछ देर बाद वो रोहन बिलकुल से पागल हो गया और बड़ी जल्दी जल्दी मेरी बुर पीने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मुझे पुरे जिस्म में सनसनी महसूस हो रही थी। चरम और तीव्र यौन उतेज्जना को मैं महसूस कर सकती थी। मेरे बॉयफ्रेंड रोहन की जीभ मेरी चूत के हर एक हिस्से को चूस रही थी।
धीरे धीरे मेरी चूत नम और नर्म होती जा रही थी। रोहन मेरे चूत के दाने को चाट रहा था। फिर उसने अपना लंड मेरी बुर के छेद पर रख दिया और जोर से धक्का मारा। मेरी सील टूट गयी और वो मुझे चोदने लगा। रोहन का लंड मेरी चूत में गच्च से अंदर उतर गया। रोहन मुझे चोदने लगा। मुझे बहुत दर्द हो रहा था। अब मैं कुवारी माल नही रह गयी थी। रोहन ने मेरी गोरी गोरी झाघो को पकड़ लिया और मुझे हचाहच चोदने लगा। आज मैं जान गयी की चुदवाना क्या होता और और चूत में लंड खाना कैसा होता है। दोस्तों, आज मुझे ये मालूम हो गया। मेरी टाँगे अपने आप उपर की तरह उठ गयी और मैं मजे से अपने बॉयफ्रेंड से चुदवाने लगी। कुछ देर बाद मुझे भी खूब मजा मिलने लगा और मैं जोर जोर से कराहने लगी। “ऊऊऊ ….आआआअ ओह हो आ आ आहा !! उई उई उई !! आउच!!” करके मैं जोर जोर से मीठी और बेहद मादक सिसकारी निकालने लगी।
रोहन और जादा जोश में आ गया और मुझे कस कसके पेलने लगा। कुछ देर बाद वो मेरे भोसड़े में गहरे धक्के देने लगा। मेरी कमर अपने आप नाचने लगी। मैं अपना पेट उपर की तरह उठाने लगी और किसी इन्द्रधनुष की तरह लगने लगी। मेरी चूत में फुरफुरी उड़ने लगी। रोहन मुझे पक पक पेलने लगा। जैसे वो कोई कद्दू काट करा हो। फिर वो बिना रुके धक्के मारने लगा। कुछ देर बाद उसने अपना माल मेरी चूत में छोड़ दिया। फिर उसने मुझे कॉलेज की छत पर ही कुतिया बना दिया। अपने घुटनों और दोनों हाथो पर मैं कुतिया बन गयी।
रोहन मेरे पीछे आ गया और झुककर मेरी चूत पीछे से किसी कुत्ते की तरह चाटने लगा। आह—मुझे बड़ा मजा मिल रहा था। उसने फिर से अपना लंड मेरी बुर में डाल दिया और पीछे से चोदने लगा। मेरे नाजुक, गोल, मांसल और चिकने चुतड को वो मजे से सहला रहा था। पीछे से मुझे खचा खच चोद रहा था। कुछ देर बाद वो फिर से मेरी चूत में झड गया। उसके बाद हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहन लिए और अपने अपने घर चले आये। दोस्तों, धीरे धीरे मुझे चुदाई का नशा चढ़ने लगा और मैं रोहन से रोज चुदवाने लगी। मैं एक सेक्स एडिक्ट हो गयी और बिना चुदवाये तो मेरा दिन ही नही कटता था। मेरा बॉयफ्रेंड रोहन कुछ दिनों के लिए अपने पापा के साथ शहर से बाहर चला गया था और इधर बिना लंड खाए मेरा काम भी नही चल रहा था तभी मुझे एक तरकीब सूझी की क्यूँ ना मैं अपने भाई से ही चुदवा लूँ।
मेरा सगा भाई सलिल भी मेरी उम्र का २० २१ साल का था और अभी तक उसने कोई माल भी नही पटाई थी। मैंने सलिल के कमरे में अपना फोन छोड़ दिया। उसमे ढेर सारी ब्लू फिल्मे थे। सलिल को मुझसे गाने चाहिए थे। जैसे ही सलिल ने मेरा फोन खोला तो उसे बहुत ही ब्लू फिल्मे उसे दिख गयी और वो खुद को रोक ना सका और देखने लगा। कुछ देर बाद मेरा भाई बिलकुल पागल हो गया था, उसने दरवाजा बंद भी नही किया और अपनी पेंट खोलकर अपने बड़े से लौड़े को हाथ में लेकर फेटने लगा। मैं यही तो चाहती थी। मैंने इसी बीच सलिल के कमरे में सिर्फ ब्रा और पेंटी में पहुच गयी। मुझे देखकर वो घबरा गया और मोबाइल उसके हाथ से नीचे गिर गया। मुझे देखकर सलिल डर गया था। मैंने उसे पकड़ लिया और किस करने लगी।
सलिल को तो यकीन ही नही हो रहा था की उसकी अपनी सगी बहन कभी उसके सामने ब्रा पेंटी में आ जाएगी। जब तो वो कुछ सोचता मैं उसके होठो को चूसने लगी। उसने मुझसे दूर हटने की कोशिश की मगर मैंने उसे कसकर पकड़े रखा। कुछ दिन बाद मेरे भाई से शर्म ह्या त्याग दी और मुझे बाहों में भर लिया और मेरे गुलाबी होठ चूसने लगा। यही तो मैं चाहती थी। सलिल अच्छे से समझ रहा था की आज मैंने उससे चुदने के मूड में थी। आज मैं उसको अपनी बुर चोदने को देना चाहती थी। हम दोनों भाई बहन गरमा गर्म चुम्बन करने लगे। धीरे धीरे हम दोनों को बहुत मजा आने लगा। सलिल ने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे गले, कान, कन्धो, हाथ सब जगह किसी पागल आशिक की तरह वो किस करने लगा। मैं “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” करके सिसकारी लेने लगी।
सलिल के हाथ कुछ देर में मेरे रसीले बूब्स पर आ गये और वो मेरे बूब्स दबाने लगा। वो मुझ पर लेट गया था और मुझसे प्यार कर रहा था। हम दोनों में कोई बात नही हो रही थी क्यूंकि हम दोनों आज काम लगाने जा रहे थे। मैंने उससे अपनी बुर चुदाने जा रही थी। मेरा सगा भाई मेरी दुग्गी चोदने जा रहा था। उसने मेरी ब्रा खोल दी और पेंटी भी उतार दी। अपने सगे भाई के सामने अब मैं पूरी तरह से नंगी हो गयी थी। सलिल ने भी अपने कपड़े निकाल दिए और पूरी तरह से मेरे सामने नंगा हो गया था। फिर वो मेरे उपर लेट गया और प्यार करने लगा। फिर वो मेरे दूध पीने लगा।
सलिल फिर हपर हपर करके मेरा दूध पीने लगा। वो जोर जोर से काली काली निपल्स को दांत से पकड़ कर उपर की ओर खींचता तो मेरी चुचि उपर की तरफ उठ जाती। मेरी गदराई छातियाँ इतनी बड़ी थी की मुश्किल ने उसके हाथ में आ पा रही थी। वो तेज तेज मेरे दूध को दबा रहा था। मेरे रसीले स्तन किसी स्पंज छेने की तरह लग रहे थे। जिस तरह से छेने को दबाने पर रस टपकने लगता है और छोड़ दो तो छेना अपने आकार में फिर से वापिस आ जाता है, ठीक उसी मेरे दूध के साथ हो रहा था। जब सलिल जोर से मेरे दूध दबाता था तो वो पिचक जाते थे, पर जैसे ही वो छोड़ता था, फिर से मेरे रसीले दूध उतने बड़े हो जाते थे। इस तरह से सलिल मुझे बड़े प्यार से मेरे दूध खीच खीच कर पीने लगा। मुझे बहुत जोर की यौन उतेज्जना होने लगी। मैं कामातुर हो गयी। सलिल का लंड खाने को मैं तपड रही थी। पर अभी तो वो मेरे दूध पीने में ही बेहद व्यस्त था। मेरी दोनों चुचि की निपल्स को दांत से काट रहा था और खींच खींच कर किसी लीची की तरह चूस रहा था। मैं दावे से कह सकती थी की मेरे दोनों गोल गोल दूध बड़े मीठे होंगे। मैंने अपनी आँखों से देखा मेरे सगे भाई सलिल का लंड किसी बिजली के खम्भे की तरह खड़ा हो गया था। बड़ी देर तब वो मुझे अपनी बीबी की तरह मेरे दोनों दूध अदल बदल कर पीता रहा।
अब उसने मेरी टाँगे खोल दी और मेरी चूत में लंड डाल दिया और बड़ी शान से मेरा भाई मुझे चोदने लगा। सलिल मुझे धीरे धीरे चोदने लगे और मेरी चूत में लंड अंदर बाहर करने लगे। मैं अपने सगे भाई से चुदने लगी। उसका मोटा लंड खाने लगी। शुरू शुरू में मुझे बहुत दर्द हो रहा था। सलिल ने मेरी मुँह पर अपना मुँह रख दिया और मेरे होठ पीने लगे। इससे मेरी आवाज भी दब गयी। सलिल ने मुझे बाहों में लपेट लिया था और घपा घप चोद रहे थे। ओह्ह्ह्ह !! मैं बता नही सकती हूँ की चुदाई में मुझे एक अजीब सा नशा मिल रहा था। मेरी चूत के अंदर उसका विशाल लंड बड़ी जल्दी जल्दी अंदर बाहर जा रहा था। मेरी चूत चुदने से चट चट की मीठी आवाज हो रही थी। जैसे कोई ताली बजा रहा हो।
दोस्तों, मैं अपने बॉयफ्रेंड रोहन का लंड खा चुकी थी और आज अपने सगे भाई से चुद रही थी और ऐश कर रही थी। मुझे बहुत मीठा मीठा लग रहा था। कुछ देर बाद सलिल मुझे बहुत तेज तेज चोदने लगे। किसी मशीन की तरह उन्होंने मुझे २० मिनट में कोई २०० बार जल्दी जल्दी चोद दिया और मेरी चूत में लंड अंदर बाहर करता रहा। उसके बाद सलिल मेरी बुर में ही झड़ गये। पिच्च पिच्च की आवाज के साथ उसने अपना माल मेरी चूत में छोड़ दिया। दोस्तों अब मैं अपने बॉयफ्रेंड रोहन और भाई सलिल का लंड रोज खाने लगी थी। मेरी जिन्दगी खुशियों से भर गयी थी। कहानी आपको कैसे लगी, अपनी कमेंट्स नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरुर दे।

हमउम्र भाई ने मेरी जैसी विधवा को चोदकर अपने लंड की प्यास बुझाई

हेल्लो दोस्तों, मैं रूही सिंह आप सभी का नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मैं पिछले कई सालों से नॉन वेज स्टोरी की नियमित पाठिका रहीं हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी।

मैं कोलकाता की रहने वाली हूँ। मेरे पति एक टैक्सी ड्राइवर थे और उसकी हार्ट अटैक से आजे से ५ साल पहले मौत हो गयी थी। मेरे पति मुझे बहुत प्यार करते थे। उनके मरने के बाद मैं विधवा हो गयी थी। मुझे लौटकर अपने भाई सुधीर के पास आना पड़ा। मेरे माता पाता तो पहले ही गुजर चुके थे। इस दुनिया में मेरा भाई से सिवा कोई नही था। मैं विधवा होने के बाद अपने भाई सुधीर के आस आकर रहने लगी। सुधीर अभी कुवारा था, उसे कोई लड़की पसंद ही नही आ रही थी, इसलिए उसने अभी तक शादी नही की थी।

“बहन तुम बिलकुल फिक्र मत करो…इस घर को अपना ही समझो..” सुधीर बोला

मुझे बहुत अच्छा लगा ये बात सुनकर वरना जादातर भाई लोगो को जैसे ही कोई लकड़ी चूत दे देती है तो वो सुबह से शाम तक बस अपनी गर्लफ्रेंड के पीछे ही घूमते रहते है। सुधीर एक बड़ी कम्पनी में इंजीनियर था और महिना का १ लाख रुपया कमाता था। मैं उसके साथ रहने लगी। एक दिन मैं रात में २ बजे बाथरूम जाने के लिए उठी तो सुधीर बाथरूम में पूरी तरह से नंगा खड़ा था और जल्दी जल्दी मुठ मार रहा था। उसके बाद वो अपने कमरे में चला गया। सुधीर को एक मस्त चूत चोदने के लिए चहिये थी जो की मेरे पास थी। मैं अभी जवान थी और २६ साल की मस्त माल थी। बस मेरे पति ने मुझे ३ साल तक चोदा था उसके बाद वो स्वर्ग सिधार गये थे। मैं सुधीर के कमरे में चली गयी। ये जाड़े का मौसम था, काफी सर्दी पड़ रही थी। मैं अपने प्यारे भाई को अपनी चूत चोदने के लिए देना चाहती थी। मैं उसके बेड में चली गयी और उसकी रजाई में अंदर उसके जस्ट बगल ही लेट गयी। सुधीर नही जान पाया। वो सोता रहा। मैं उसे अपनी बुर चोदने के लिए देना चाहती थी, इसलिए उसे धीरे धीरे गर्म करना बहुत जरूरी था। मैंने अपना स्वेटर और गर्म लोअर रजाई के अंदर धीरे धीरे निकालना शुरू कर लिया। फिर मैंने अपनी ब्रा और पेंटी भी निकाल दी। और अपने भाई सुधीर से चिपक कर लेट गयी।

धीरे धीरे सुधीर भी गरमाने लगा। वो सो रहा था, मैंने उसके मुंह में अपना बाया वाला बड़ा सा ३६” का शानदार मम्मा दे दिया और उसके हाथ को अपनी दूसरी चूची पर रख दिया। सुधीर भले ही नींद में था, पर उसको मजे करने के लिए एक जवान मस्त लौंडिया तो चाहिए ही थी। धीरे धीरे अपने आप वो मेरी छाती पीने लगा और हाथ ने मेरी दूसरी छाती दबाने लगा। कुछ देर में उसकी आँख खुल गयी। मुझे अपने बिस्तर में पूरा नंगा देखकर वो परेशान हो गया और पीछे हटने लगा।

“कोई बात नही सुधीर…..तुमने मुझे रहने के लिए ये घर दिया है, क्या मैं तुमको चूत भी नही दे सकती?? कोई बात नही, ये राज सिर्फ हम दोनों के बीच रहेगा” मैंने उससे फुसफुसाकर समझाया। तब जाकर वो शांत हो गया और मेरे उपर मजे से बिना किसी शर्म के खुलकर लेट गया और मेरे दूध पीने लगा।“आआआआअह्हह्हह….ईईईईईईई…ओह्ह्ह्हह्ह…अई..अई..अई….अई..मम्मी….” मैं कसमसाने लगी। सुधीर तो बेचारा वैसे ही चूत और चुच्ची का प्यासा था। वो तेज तेज मेरे दूध पीने लगा। मेरे दूध को मुंह में लेकर ऐसे चूस रहा था जैसे आजतक उसने किसी लौंडिया की चूची ना पी हो। धीरे धीरे मुझे भी फुल मजा आने लगा। उसके दांत मेरी मुलायम निपल्स में गड रहे थे और मुझे चरम सुख का मजा दे रहे थे। धीरे धीरे मुझपर चुदाई का अजीब सा नशा छाना शुरू हो गया था। हाँ ये सच है की आज मैं अपने भाई से कसकर चुदवाना चाहती थी। मेरे बाए मम्मे को सुधीर ने २० मिनट किसी आम की तरह चूसा, फिर मेरे दाए दूध को मजे से चूं….चूं…की आवाज करते हुए चूसने लगा। कुछ देर बाद हम दोनों भाई बहन को सेक्स का जबरदस्त जुनून चढ़ गया। सर्दी में भी गर्मी का अहसास होने लगा। सुधीर से रजाई हटा दी और मेरा मखमली पेट किस करने लगा और फिर मेरी सेक्सी नाभि की तरह वो पहुच गया और जीभ से मेरी नाभि को छेड़ने लगा। आधा घंटा तो यही खेल चला। फिर मेरा भाई सुधीर मेरे पैर की एक एक ऊँगली को मुंह में लेकर चाटने लगा।

मैं बहुत गोरी और जवान माल थी। अब अपने आप से क्या मैं तारीफ़ तारीफ़ करूँ। मैं विधवा थी, पर भी भी मुझसे शादी करने के लिए कोई ना कोई रिश्ता आता रहता था। सब जवान लड़के मुझसे शादी करके मुझे चोदना चाहते थे और मेरा यौवन रस लूटना चाहते थे। मेरा रूप रंग बहुत ही गोरा था और मेरे पैर, पेट, जांघे और चूत तो बिलकुल मलाई जैसी थी। आज फर्स्ट टाइम मेरे भाई सुधीर ने मुझे नंगा देखा था और मेरे नग्न चोदने और पेलने लायक मेरे हुस्न का जादू उसपर पूरी तरफ से चल रहा था। मेरी कसकर चोदने की ललक मुझे भाई की आँखों में साफ़ साफ़ दिख रही थी। मैं अच्छे से जानती थी की सुधीर आज मुझे रगड़कर चोदेगा और मेरी चूत की एक एक कली को बेरहमी से फाड़ देगा और कुचल कर रख देगा। सच कहूँ तो मैं चाहती थी की वो ऐसा ही करे।

सुधीर मेरे पैर, टखने और घुटनों को मजे से चूसने लगा, और किस करने लगा। फिर वो मेरी गोरी और आइसक्रीम की तरह चिकनी जांघो पर किस करने लगा और दांत से काटकर निशान बनाने लगा। मुझे ये सब अच्छा लगा रहा था। कुछ देर बाद मेरे भाई ने मेरे दोनों पैर खोल दिए और मेरी क्लीन शेवड पुसी यानी चूत साफ़ साफ दिख रही थी। आखिर बड़े इंतजार के बाद वो पल आ ही गया जब मेरे भाई सुधीर ने मेरी चूत पर अपना मुंह लगा दिया और मजे लेकर चाटने लगा। आज पहली बार मैं अपने भाई से सामने नंगी हुई थी। आज मेरी बुर का सजदा हो रहा था। मैंने प्यार से अपना हाथ सुधीर के सर पर रख दिया और उसके घुघराले मैगी नूडल्स जैसे बालो में मैं अपनी ऊँगली बड़ी प्यार से फिराने लगी।

पर मेरा भाई सुधीर तो जैसे मेरी चूत की दुनिया में कहीं डूब गया था। वो मेरे चूत के दाने को जल्दी जल्दी चूस और पी रहा था। मेरी चूत बहुत सुंदर थी दोस्तों। बिलकुल सनी लिओन की तरह लाल लाल रखी हुई थी। कोई भी लड़का अगर मेरी चूत के दर्शन एक बार कर लेता तो मुझे चोद कर ही मनाता। इतनी सुंदर चूत थी मेरी दोस्तों। मैं बार बार “……मम्मी…मम्मी….सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करके कसमसा रही थी। मैं अपनी दोनों टांगो को पूरब और पश्चिम दिखा में पूरी तरह से खोल रखा था जिससे मेरे भाई को मेरी बुर पीने में कोई दिक्कत ना आए। सुधीर की जीभ मेरी चूत पर हर जगह जा रही थी और मुझे बहुत नशा दे रही थी। “….हाईईईईई, उउउहह, आआअहह” की आवाज सुधीर को बहुत कामोतेज्जक बना रही थी।

फिर उसने अपनी दो बीच वाली लम्बी उँगलियाँ मेरे भोसड़े में डाल दी और जल्दी जल्दी मेरी बुर को फेटने लगा। मेरी तो जैसे जान ही निकल रही थी।“……मम्मी…मम्मी….सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” मैं चिल्लाने लगी और मैं सुधीर के मैगी नूडल्स जैसी घुंघराले बालों को कसकर पकड़कर खीच दिया“……मम्मी…मम्मी….सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” दोस्तों मैं कैसी अपनी हालत आपको बयाँ करो। जब सुधीर ने अपनी दो दो मोटी उँगलियाँ मेरी चूत में कसकर पेल थी तो लगा की ४ ४ लौड़े मेरे भोसड़े में अंदर तक पेल दिए हो और कस कसके मुझे चोद रहे हो, मुझे तो बिलकुल ऐसा ही लग रहा था। सुधीर जोर जोर से मेरी चूत को अपनी २ ऊँगली से फेटने लगा। मैं बार बार उसके बाल किसी जंगली बिल्ली की तरह नोच लेती थी। ये खेल बड़ी देर चला। मेरी खूबसूरत फुद्दी को मेरा भाई अपनी उँगलियों से चोद रहा था।“……उई..उई..उई…. माँ….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ…. .अहह्ह्ह्हह..” मैं बार बार चिल्ला रही थी। मेरी चूत का दाना बहुत सेक्सी और तिकोने आकार का बड़ा सा था जिसे सुधीर मजे से दांत से पकड़ लेता था और काट काटकर मुझे मजा देता था। मैं तो जैसे पागल हो रही थी।

फिर सुधीर मेरी चूत में ऊँगली करते करते ही मेरी चूत पीने लगा और मजा मारने लगा। मैं बार बार अपनी गांड और कमर उठा देती थी। मैं बेचैन हो रही थी। फिर सुधीर ने आधे घंटे तक मेरी चूत को मुंह लगाकर पीया और जमकर मजा लिया। उसने अपना स्वेटर और ऊनि लोअर निकाल दिया और अपना ७” मोटा रसीला लंड मेरी चूत पर रखा और गच्च से एक मीठा सा धक्का दिया। पुच्छ की आवाज हुई और मेरा भाई सुधीर आज मुझ जैसी विधवा की जवान चूत मारने लगा। वो मेरे उपर लेट गया और मैं उसको उसके गाल, मुंह, चेहरे, आँखों, माथे पर सब जगह उसे किस करने लगी। आज की रात के लिए मेरा सगा भाई ही मेरा पति परमेश्वर बन चुका था। सुधीर मुझे गचा गच चोदने लगा।

“…..ही ही ही ही ही…..अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह…. उ उ उ..” मैं गर्म गर्म सिसकारी लेने लगी। कुछ ही देर में सर्दी के मौसम में भी हम भाई बहन के जिस्म में पसीना आ गया। मैं अपने भाई को आज दिल खोलकर प्यार कर रही थी। वो मुझे गचा गच चोद रहा था। उसकी कमर किसी मशीन की तरह तेज तेज मेरी चूत में मोटा लौड़ा सप्लाई कर रही थी और मुझे हौंक हौंक कर ठोंक रही थी। कुछ देर बाद मेरी कमर अपने आप नाचने लगी और मैं मजे से “उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ अहह्ह्ह्हह सी सी सी सी.. हा हा हा.. ओ हो हो….” करके चुदवाने लगी। अब मेरी बुर चोदते चोदते आधा घंटा होने वाला था। मेरा भाई सुधीर अब आ आह आह करके हाफ़ने लगा था। मैं जान गयी थी की अब उसका माल गिरने वाला है। मैंने सुधीर को कसके अपनी दोनों बाहों में पकड़ लिया और तेज तेज धक्के मेरी रसीली चूत में मारते मारते वो झड़ गया। उसके बाद हम दोनों किसी हसबैंड वाइफ की तरह प्यार करने लगा।

“…बहन…..हम दोनों की ये ठुकाई वाली बात सिर्फ हम दोनों के बीच में ही रहे” सुधीर बोला

“…तुम फ़िक्र मत करो भाई…ये राज सिर्फ हम दोनों के बीच में रहेगा” मैं कहा

उसके बाद हम दोनों चिपककर एक दूसरे को बाँहों में भरकर सो गये। पहली चुदाई के बाद सुधीर मुझसे खुल गया और खुलकर अपने प्यार का इजहार करने लगा। मैं भी उससे पूरी तरह से खुल गयी थी। हम लोग अब रोज रात में चुदाई करते थे और मजा लेते थे। सारे पड़ोसी तो यही जानते थे की हम भाई बहन है, पर हम बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड की तरह रोज  रात में ठुकाई करते है, ये बात कम लोग ही जानते थे। एक दिन बड़ी अच्छी धुप निकली थी। हमारे बेडरूम तक धूप आ रही थी। उस दिन मेरा अपने भाई का लंड चूसने का बड़ा दिल कर रहा था। सुधीर भी घर पर ही था।

“सुधीर मेरा तेरा मोटा लंड चूसने का बड़ा दिल कर रहा है” मैंने कहा

वो हँसने लगा। फिर वो राजी हो गया। हम दोनों गुनगुनी धूप में बेडरूम में खिड़की के बगल लेट गए और हम भाई बहनों ने अपने अपने कपड़े निकाल दिए। मेरा प्यारा भाई सुधीर बिस्तर पर सीधा लेट गया और और मैं उसके ठीक बगल बैठ गयी। मैं पूरी तरह से नंगी थी। ब्रा और पेंटी भी मैंने निकाल दी थी। मेरे बड़े बड़े ३६” के दूध उसके सामने थे और किसी रसीले दशहरी आम की तरह लटक रहे थे। सुधीर मेरे दूध को हाथ में लेकर टच करने लगा और फिर हल्का हल्का दबाने लगा। मैं झुककर उसके मोटे लौड़े को हाथ में लेकर फेटने लगी और मजा लेने लगी। कुछ देर बाद उसका लंड किसी रोकेट की तरह खड़ा हो गया और मैंने झुककर उसे मुंह में ले लिया और मजे से चूसने लगी। सुधीर …उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ. हममममअहह्ह्ह्हह..करने लगा। मैं एक हाथ से उसका मोटा लौड़ा फेट रही थी तो दूसरे हाथ से लंड को मुंह से चूस रही थी। मुझे बहुत मजा मिल रहा था। फिर मैं जल्दी जल्दी अपना मुंह भाई के लौड़े पर उपर नीचे करने लगी और मजा लेने लगी। सुधीर का मुंह बार बार खुल जाता था और उसे काफी मजा आ रहा था। मैं ४० मिनट तक अपने सगे भाई का लौड़ा चूसती रही और सुधीर मेरे दूध को जोर जोर से दबाता और मसलना रहा।

उसके बाद हम दोनों को बहुत जोश चढ़ गया। मुझे चुदवाने का बड़ा दिल कर रहा था।

“सुधीर…..रोज तुम मेरी चूत लेटकर मारते हो, पर भाई आज मुझे कुतिया बनाकर चोदो” मैंने कहा

“बहन जैसी तुम्हारी मर्जी!!” सुधीर बोला

उसके बाद उसने मुझे कुतिया बना दिया। मैंने अपने दोनों हाथ और घुटनों को मुडकर किसी हुबहू कुतिया जैसी लग रही थी। मेरा भाई सुधीर बड़ी देर तक मेरी चूत पीता रहा। मेरे पीछे आकर मेरे मस्त मस्त पुट्ठे पीने लगा। उसकी जीभ मेरे पिछवाड़े को हर जगह छूने लगी। सच में मेरे चूतड़ बहुत आकर्षक थे। बिल्कुल लाल लाल खुर्बुजे की तरह थे। उसने झुक पर मेरे चूतडों पर किस कर दिया और चूत पीने लगा। मेरे भाई सुधीर ने अपना मोटा ७” का लौड़ा मेरी चूत में डाल दिया और मुझे पीछे से किसी कुत्ते की तरह बैठकर चोदने लगा। मैं आगे पीछे जल्दी जल्दी हिलने लगी, क्यूंकि वो बहुत तेज तेज ठोंक रहा था। मैं “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ. हमममम अहह्ह्ह्हह.. अई…अई….अई……” करके चीख और चिल्ला रही थी। मेरी चूत में से जैसे अंगारे ही जलने लगे थे। जैसे मेरी चूत से चिंगारियां उड़ने लगी थी। सर्दी के मौसम में भी मुझे गर्मी लगने लगी और पसीना छूट गया,  १ घंटे तक सुधीर ने मेरी चूत को किसी कुत्ते की तरह रगड़ रगड़ कर चोदा। “प्लीससस……..प्लीससस…..भाई ..उ उ उ….मुझेझेझेझेझे…कसकर चूसो मेरे आमममम … उ उ उ उ उ……अअअअअ” मैं किसी आवारा छिनाल की तरह चिल्ला रही थी। फिर आकर वो आउट हुआ। मेरी चूत में से जब उसने अपना मोटा लौड़ा निकाला तो उसका सफ़ेद रस मेरी बुर से नीचे की तरह शहद की बूंद की तरह टपक रहा था। कहानी आपको कैसे लगी, अपनी कमेंट्स नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरुर दे।

बहन की पेंटी सूंघ सूंघ कर बड़ा हुआ फिर अपने बर्थडे में चोदने का सपना पूरा हुआ

दोस्तों मेरा नाम अजय है, मैं पानीपत में रहता हु, मेरी बहन जो की मेरे से एक साथ बड़ी है, बहूत ही मस्त है, आप को मैं बताना चाह रहा हु, की जब से मेरे लण्ड से पानी निकलना शुरू हुआ था तब से ही मैं अपनी बहन के मदमस्त जिस्मों को निहारता रहता था, जब वो कभी हाथ ऊपर करती, मैं हमेशा उनके अंदर आर्म के बालों को देखता था, जब वो झुकती थी तब से ही मैं चूचियों को निहारते रहता था, मुझे एक आदत सी हो गई थी, मैं अपने बहन के जिस्मो को जब तक झांक कर देख नहीं लेता था तब तक चैन नहीं आता था, उसके बाद मेरी एक आदत हो गई थी. पेंटी सूंघने की.

मेरे घर में मैं मेरी बहन मम्मी और पापा है, मम्मी पापा दोनों जॉब पर चले जाते है, और हम दोनों भाई बहन कॉलेज से २ बजे तक वापस आ जाते है, हम दोनों निकलते भी घर से लेट है, तो पहले दीदी नहाने जाती है फिर मैं जाता हु, दीदी अपना ब्रा और पेंटी नल के ऊपर रख देती थी, मैं बाथरूम का दरवाजा बंद कर के, उनकी पेंटी को खूब मस्ती में सूंघता, और ब्रा को खूब चूमता और दीदी के चूत की खुसबू को उनके पेंटी से ही एहसास करता, गजब लगता था. लगता था इसलिए बोल रहा हु की ये बहूत दिन तक चला था, अब तो मैं चुदाई के बारे में बताऊंगा, तो दोस्तों उनकी ब्रा की साइज चौतीस है, और कमर की साइज बत्तीस, मैं उनके पेंटी को सूंघ सूंघ कर मदमस्त हो जाता था, और फिर बाद में मूठ मार कर उनके पेंटी में ही पोछ देता था,

समय ऐसे ही बीतते गए, मैं एक नंबर का कमीना हो गया था बहन की जिस्म को देखते देखते पर अब सिर्फ देखने से और पेंटी को सूंघने से काम चलने बाला नहीं था अब मुझे अपने बहन की चूत चोदने के लिए चाहिए थी इसवजह से अब मैं प्लान करने लगा की कैसे अपने बहन की चूत तक अपनी पहुच बनाऊं, रात में कभी कभी जब वो सोई रहती थी तब मैं उनकी चूचियों को छू देता था और फिर वापस आकर मूठ मार कर सो जाता. यानी की अब दिन में दो बार मूठ मारने लगा था एक बार तो तब जब मैं उनकी पेंटी और ब्रा को बाथरूम में सूंघता और लण्ड में रगड़ता था, और दूसरी बार जब वो सो जाती थी उस समय मैं उनके हॉट बूब को और होठ को छूता था,

एक दिन मैंने यानी की होली के दिन, रंग लगाते हए मैंने अपने बहन की चूचियों को मसल दिया था, पर शायद मेरी बहन को अच्छा नहीं लगा उन्होंने खा की देख भाई ऐसा फिर मेरे साथ कभी दुबारा नहीं होनी चाहिए, होली के दिन से मैं अपने बहन से कभी सीधी मुँह बात नहीं करता था, पंद्रह मार्च को मेरा बर्थ डे थे, उन्होंने पूछा की बोल भाई तुम्हे क्या गिफ्ट चाहिए, मैंने कहा मुझे कुछ नहीं चाहिए मुझे आपसे कोई भी गिफ्ट नहीं लेना है. वो मुझे मनाने लगी. हम दोनों उस दिन कॉलेज नहीं गए थे, माँ पापा दोनों जॉब पर गए थे. वो मुझे मनाने लगी. मैं मान नहीं रहा था, फिर उन्होंने मुझे कसम दिया, को बोल तुझे क्या हुआ, मैंने कहा कुछ भी नहीं, वो मुझे बार बार पूछने लगी. बता तू क्या गिफ्ट लेगा. मैंने कहा कुछ नहीं तो वो फिर मुझे बोली तुम्हे मेरी कसम बताना पड़ेगा. मैंने कहा जो मांगूंगा देना पड़ेगा. वो बोली ठीक है पर वो मेरे बस के बाहर ना हो. मेरे पास देख जो होगा वो तू लेना, मैंने कहा ठीक है पर तुम मना नहीं करना उन्होंने कहा नहीं करुँगी.

मैंने उसको अपनी कसम दें दी. और बोला की देखना अगर तुमने मना किया तो तुम मेरा इस जन्म दिन पर मेरा मरा मुह देखोगी. मैंने ब्लाक मेल करने लगा. वो मान गई. और बोली बता की तुम्हे क्या चाहिए, मैं बोल नहीं पा रहा था, मुझे काफी डर लग रहा था, की कही ये माँ पापा को बोल दी तो मेरा क्या हाल होगा. मैं हड़बड़ा रहा था, पर उन्होंने मुझे ढाढस बंधाया और बोली बोल, मैंने कहा मैं आपके साथ सेक्स करना चाहता हु. आप मुझे बहूत पसंद हो. वो खड़ी हो गई. वो बोली ये नहीं होगा. ये नहीं हो सकता है, भाई बहन में ये बातें नहीं होगी है. ये पति पत्नी के रिश्ते में ये होता है. मैंने कहा ठीक है. अब मेरी जो मर्जी होगी करूँगा.

वो रूम के बाहर चली गई. मैंने दरवाजा अंदर से लगा दिया, वो तुरंत वापस आकर दरवाजा पीटने लगी. मैं चुपचाप हो गया वो काफी डर गई थी. उसे लगा कई मैं कुछ कर ना लू. वो रोने लगी. पर मैं कुछ नहीं बोल रह रहा था, और फिर आवाज आई ठीक है तू जो चाहता है कर ले. मैंने दरवाजा खोल दिया. वो अंदर आ गई और पलंग पर बैठ गई.

मैंने नजदीक गया और बोला की आई लव यू, वो बोली चुप हो जा कमीने, मैंने कहा निकल जा बाहर, वो बोली आई लव यू, और फिर मैंने उसके होठ के अपने होठ से चूसने लगा. फिर धीरे धीरे चूचियों को दबाने लगा. और फिर देखते ही देखते मैंने उसके सारे कपडे उतार दिए और मैंने अपना भी उतार दिए. मैंने उनकी चूची को चूसने लगा. गुलाबी निप्पल गजब का लग रहा था. फिर मैंने उनकी चूत को चाटने लगा.वो पहले दस मिनट तक चुपचाप रही फिर वो धीरे धीरे वो रिस्पांस देने लगी. और वो भी मेरे जिस्म को सहलाने लगी और मेरे होठ को चूसने लगी. फिर वो बोली लण्ड नहीं चखायेगा मैंने कहा क्यों नहीं दीदी ये लण्ड तो अब आपकी है मैं कौन होता हु मना करने बाला, और मैंने अपना लण्ड अपने बहन के मुह में दें दिया और वो फिर चूसने लगी. मुझे बहूत गुदगुदी होने लगी. और वो अपने चूचियों को दबाते हुए मेरे लण्ड को चूसने लगी.

फिर क्या था, वो बहूत ही मजे ले रही थी कहने लगी. भाई तू मुझे पहले क्यों नहीं बोला, तू पहले ही जिद करता, कितना मजा आ रहा है. मैंने कहा मैं तो तुम्हे आज से नहीं करीब चार साल से ताड़ रहा हु, तुम्हारी याद में दो बार मूठ मारता हु, वो बोली तू पहले कहता, तो मैंने कहा क्या हुआ पहले नहीं कहा तो, अब तो बन जाओ मेरी रानी, वो बोली मैं हु ही तुम्हारी रानी. पर अब रानी को मत तड़पाओ. मैं चुदने के लिए बेताब हु. और मैंने अपना लण्ड बहन के चूत के ऊपर रखा और जोर से पेल दिया. दोस्तों बहन की चूत काफी टाइट थी क्यों की वो पहले कभी नहीं चुदी थी. पर फिर से मैंने कोशिश की थोड़ा थूक लगा कर और इस बार अपना लण्ड बहन के चूत में पेल दिया.

अब वो गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी. और मैंने जोर जोर से उसके चूत में अपना लण्ड ठोकने लगा. वो आह आह कर रही थी मैं हाय ह्या हाय हाय कर रहा था. आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है. उसके बाद तो कभी वो ऊपर कभी मैं ऊपर कभी वो घोड़ी बनती कभी कुतिया, करीब दो घंटे तक चोद चोद कर चूत सूजा दिया था. और फिर दोनों झड़ गए और एक दूसरे को पकड़ कर सो गए.

दोस्तों अब मुझे उनकी पेंटी सूंघने की जरुरत नहीं पड़ती है. अब तो मैंने चूत की चाट लेता हु. और ब्रा की भी जरुरत नहीं है अब चूचियां जब मर्जी तब मसल देता हु. अब तो मैं अपनी बहन को गर्ल फ्रेंड बना लिया. अब खूब मजे कर रहा हु. आपको मेरी ये कहानी जरूर अच्छी लगी होगी. मैं अपनी दूसरी कहानी भी नॉनवेज स्टोरी पर लेके आऊंगा.

भैया की गठीले बदन की तेल मालिश करते चुद गई, पूरी रात चोदा भैया ने

दोस्तों मेरा नाम कविता है, मैं 18 साल की हु, मैं अभी कॉलेज में पढ़ती हु, मेरे घर में मैं मेरा भाई, पापा और मम्मी है. ये कहानी परसों की ही है. उसी दिन मेरे भैया मुझे रात भर चोदा, मैं मालिश करने लगी भैया के गठीले बदन को और पता भी नहीं चला कब उनके जिस्म के आगोस में आ गई और अपना चूत दे बैठी, और वो भी बहनचोद निकला मुझे रात भर चोदा, मैं आपको पूरी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे बता रही हु.

ये परसों की बात है, मेरे मम्मी और पापा दोनों नानी घर गए थे, घर में मैं और मेरा भाई सुमित था, सुमित भैया २१ साल के है. वो क्रिकेट खिलाडी है. वो ज्यादा समय मैच खेलने में ही लगाते है. वो डिस्ट्रिक्ट लेबेल पर खेलते है. उस दिन क्रिकेट के मैच में कैच लेने के चक्कर में एक दूसरे खिलाड़ी से टकरा गए थे. इसलिए उनके पीठ में चनक आ गया था. घर में मम्मी थी नहीं इसलिए मैंने कहा भैया आप डॉक्टर दिखा लो. अभी तो तीन भी बजे है. भैया बोले नहीं नहीं कोई बात नहीं, ठीक हो जायेगा. तुम सरसों का तेल गरम के के उसमे लहसून डाल कर मेरे पीठ पर मालिश कर दो, दर्द से आराम हो जायेगा, पिछले महीने भी तो लगा था मम्मी मालिश कर दी थी एक घंटे में ही ठीक हो गया था. मैंने कहा ठीक है और तेल गरम कर के ले आई.

भैया अपना बनियान खोल कर पलंग पर लेट गए, मैं पलंग पर बैठ गई और उनके पीठ पर मालिश करने लगी. दोस्तों क्या बताऊँ, गठीला बदन, और जवान लड़के को पहली बार ऐसा मालिश कर रही थी. तो मेरी चूत गीली होने लगी. मैं ध्यान भटकाने की कोशिश करने लगी. क्यों की मैं अपने रिश्ते की अहमियत को समझती थी. इसलिए मैंने फिर इधर उधर की बात करने लगी. भैया भी हां में हां मिला रहे थे. उसके बाद वो वापस सीधा हो गए. दोस्तों आप विस्वास नहीं करेगे, उनका पजामा तम्बू बना हुआ था. उनका मोटा लंड खड़ा हो गया था. वो मेरी बड़ी बड़ी गोल गोल चूचियों को निहार रहे थे. और मेरे होठो को घूर रहे थे. मुझे लगा की इनको भी मेरे जैसा ही वासना का परवान चढ़ गया है.

उसके बाद भैया बोले कविता एक चिज बताओ. क्या गर्ल फ्रेंड होना जरुरी है? मैंने बोली आज कल का ज़माना ऐसा है की जिसके पास गर्ल फ्रेंड या बॉय फ्रेंड नहीं है उसकी कोई इज्जत उसके दोस्तों में नहीं है. आज कल तो ये होना स्टेटस की बात हो गई है. उसके बाद भैया बोले . एक बात बता आज मैं तुमसे एक बात पूछना चाहता था. तुम मम्मी पापा को नहीं बताना. मैंने कहा नहीं बताऊगी. तो वो बोले चन्दन को जानती है. मैंने कहा कौन चन्दन जीना मोड़ के पास घर है. वो लंबा लड़का. भैया बोले हां वो मेरा दोस्त चन्दन, मैंने कहा हां मैं समझ गई. तो भैया बोले उसकी बहन पुष्पा को देखा है तुमने. मैंने कहा हां उसको मैं बहूत ही अछि तरह से जानती हु, वो रीमा की बेस्ट फ्रेंड है. तो भैया बोले, आजकल पुष्पा मुझे लाइन दे रही है.

मैं अवाक् रही गई. मैं नहीं चाहती थी की पुष्पा के चक्कर में भैया रहे, मैंने कहा भैया आप बिल्कुल भी पुष्पा के साथ कोई भी दोस्ती नहीं करेंगे. मैंने कहा मैं अछि तरह से जानती हु, वो ठीक लड़की नहीं है. वो चार चार लड़के से बहूत कुछ करवा चुकी है. दोस्तों मेरे से ये बात फिसल गई. भैया बोले तुम क्या कह रही हो? करवा चुकी है? मैंने कहा हां भैया मेरी दोस्त रीमा मुझे सब कुछ बताते रहती है उसके कैरेक्टर के बारे में., वो पहले भी रवि के साथ सम्बन्ध में थी और वो प्रेग्नेंट हो गई थी. गुप्ता नरसिंग होम में उसका एबॉर्शन हुआ है.

भैया बोले अच्छा हुआ तुमने मुझे उस चुड़ैल की चंगुल से बचा ली, और भैया मुझे अपने गले से लगा लिए. मैंने उनके सीने से चिपकी हुई थी. मेरी चूचियां दबाब से बाहर आ गई थी. आपको तो पता है. मैं पहले ही पानी पानी थी. उसके बाद वो मेरे पीठ को सहलाने लगे. और फिर क्या हुआ दोस्तों क्या बताऊँ. मुझे तो जरा भी शर्म नहीं आ रही है आप लोगो के सामने अपनी इस चुदाई की कहानी सुनाने में नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे . दोस्तों उनोने मेरे होठ को अपने होठ से लॉक कर लिया और मेरे निचले होठ को चूसने लगे. मैं अब कुछ भी नहीं कर पा रही थी. मुझे लग रहा था की इससे बढ़िया कुछ हो नहीं सकता. और फिर मैंने भी भैया के होठ को चूमने लगी.

बात बढ़ गई और धीरे धीरे वो मेरी चूचियों को दबाने लगे. और और फिर मेरे सारे कपडे उतार दिए, दोस्तों मेरी चूचियां जो की 34 के साइज की है. वो मसलने लगे. और मैं सिसकियाँ भरती हुई, उनके अपने जिस्म से सटा रही थी. अब कमरे में आह आह की आवाज गूंजने लगी. और वो मुझे निचे लिटा दिए और खुद ऊपर होक, मेरे पैरो को अलग अलग कर दिया, मैंने उसकी दिन अपने चूत के सारे बाल को काटे थे. इसलिए चूत मेरी एक डैम साफ़ सुथरी थी. वो देखते ही बोले, आह क्या माल है तू, ओह्ह्ह्ह और वो मेरे चूत को चाटने लगे. मुझे सिहरन सी होने लगी, जब वो जीभ चूत में बिच में रखते तो मैं पानी पानी हो जाती और चूत से गरम गरम पानी छोड़ देती. उसके बाद ऊपर आये और मेरी चूचियों के निप्पल को पिने लगे.

मैं होशो हवास खो चुकी थी. मेरी आँखे लाल हो गई थी. मेरी चूची के निप्पल एक दम कड़े हो गए थे. मुझे लगा रहा था, की क्या करूँ भैया के लंड के साथ, और मैं तुरंत ही भैया को ऊपर और की और उनके लंड को अपने मुह में ले ली. और चूसने लगी. भैया के लंड से थोड़ा सा वीर्य निकल गया था. वो मुझे नमकीन लगा और बहूत मजा आया. और फिर करीब पांच मिनट चूसने के बाद. भाया बोले अब मुझे चोदने दे. मैंने कहा तो रोका मैंने कब था आपको. ये आपकी चीज है आप जो करें, और फिर उन्होंने मेरे दोनों पैर को अलग अलग किया, और अपने चूत के बिच में अपने लंड को सेट किया और जोर से धक्का मारा दोस्तों पूरा का पूरा लंड मेरी गीली चूत के अंदर प्रवेश कर गया.

मैं दर्द से छटपटा गई, मेरी चूत फट चुकी थी. वो अब मेरी चूत में अपने मोटे लंड से पेलने लगा. और मैं चिल्लाने लगी. वो आह आह करता और जोर से मेरी चूत में अपना मोटा लंड घुसेड़ देता. मैं कराह रही थी और वो मुझे चोद रहा था. करीब १० मिनट के बाद ही मेरा सारा दर्द ख़तम हो गया और मैं भी अपना गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी. फिर क्या था कभी मैं निचे कभी वो निचे, जितने भी पोजीशन होते है बेस्ट चुदाई का सब आज माँ ली. और करीब दो घंटे चुदने के बाद हम दोनों निढाल हो गए. और एक दूसरे के पकड़ कर सो गए.

करीब शाम को सात बजे उठे. भैया फिर से मेरे होठ को चूमा और मेरी चूचियों को सहलाया, और बोले की मैं अभी मार्किट से आ रहा हु, खाना बाहर का खायँगे, भैया बाहर चले गए. खाना लेके आये. और दोनों मिल कर खाना खाया, तभी मेरी नजर टेबल पे पड़ी एक पैकेट पे पड़ी, मैंने पूछा ये क्या है तो वो बोले की ये, वियाग्रा है. मैं समझ गई की आज रात मुझे खूब पेलने बाला है वियाग्रा खा कर. मैंने भी खुश हो गई और फिर क्या था दोस्तों, उहोने वो टेबलेट खाई, और फिर से वो लगे मुझे चोदने, अब तो वो टेबलेट खा कर रुक ही नहीं रहे थे वो बिलकुल पोर्न मूवी में जैसे चोदता है वैसे ही वो मुझे चोदने लगे. और फिर रात बार चुदी,

खूब चोदा मेरे भाई ने मुझे, सुबह मैं ठीक से चल भी नहीं पा रही थी क्यों की मेरी चूत काफी सूज चुकी थी. पर मजा बहूत आया था.

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भाई ने मुझे खूब चोदा मैं भी कोई कसर नहीं छोड़ी चुदवाने में

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दोस्तों ये मेरी दूसरी कहानी है नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे मेरा नाम नेहा है. मैं बात को ज्यादा ना बढ़ाते हुए सीधे कहानी पे ही आती हूँ. हम सब फॅमिली बड़े ही ख़ुशी ख़ुशी रहे थे, पाप हम लोगो को बहूत ही ज्यादा प्यार करते थे.और पाप थोड़ा मुझे अलग टाइप बाला भी प्यार करते थे. पर अब पाप जी का ट्रांसफर कानपुर हो गया तो . अब घर पे सिर्फ़ मैं, मम्मी और मेरा भाई राहुल ही होते थे. भाई कॉलेज जाता था.

मैं स्कूल और मा भी जॉब पे चली जाती थी. भाई को आदत थी की वो रोज रात को सोने से पहले चाय ज़रूर पिता था लेकिन दूध को कभी हाथ भी नही लगता था.

मा सुबह मुझे अपनी स्कूटी पे स्कूल छोड़ देती थी और भाई पापा वाली स्कूटी पे जाता था कॉलेज. दुपेहर को मैं 1 बजे ऑटो से घर आ जाती थी और भाई मा के आने से कोई एक घंटे पहले ही आता था. पापा को कानपूर गये हुए 15 दिन हो गये थे और मैं सेक्स के लिए तड़प रही थी. मुझे कोई रास्ता नही दिख रहा था की अब मैं मज़े किसके साथ करूँ और किसे कहूँ की वो मेरी प्यास बुझा दे.

एक दिन की बात है मा की तबीयत ठीक नही थी तो भाई ने उनसे कहा की उसे आज चाय नही पीनी है. ये बात मा मुझे बताना भूल गये और सो गये तो मैं चाय लेकर भाई के रूम की तरफ गई. अभी मैं भाई के रूम की खिड़की के पास ही पहुँची थी की एकदम से मेरी नज़र खिड़की से अंदर पड़ी, क्यों की खिड़की थोड़ी खुली हुई थी,

मैने देखा की भाई सिर्फ़ अंडरवेर और बनियान मैं थॉ और कोई कीताब पढ़ रहा था और उसके कच्छे मैं उसका खड़ा हुआ लंड दिख रहा था जिसे की वो सहला रहा था.

मैं तो ये देख कर बस वहीं खड़ी की खड़ी ही रह गई. मेरी हिमत नही हुई आगे बढ़ने की. भाई पूरी मस्ती से आपने लंड को सहला रहा था.उसके कच्छे मैं पूरा टेंट बना हुआ था. मैं ये भी भूल गई की भाई को चाय देने आई हूँ.

वो शायद इस लिए बेफिकर था क्यूकी उसे था की आज कोई चाय देने नही आएगा लेकिन उसे क्या पता था की मैं उसे ये सब करते हुए देख रही हूँ. मेरी चूत मैं खुजली होने लगी थी.

मेरे दिल की धड़कने बढ़नेलगी थी मेरा मन बेचैन होने लगा था. मन कर रहा था की अभी अंदर जाऊं और भाई से कहूँ की नही भाई ऐसे तुम मत सहलाओ इसे तो मैं सहलाती और मैं तुम्हारे लैंड को और तुमको खुश करती हु. लेकिन मेरी मजबूरी थी की मैं अंदर नही जा सकती थी. इस लिए वहीं पे बैठी हुई आपनी चूत को सहलाने लगी भाई का खड़ा लंड मेरी चूत मैं खलबली मशीन के लिए काफ़ी था.

फिर भाई ने आपने लंड को कच्छे मैं से बाहर निकल लिया है रे मेरी किस्मत काश की मैं वहाँ पे होती तो उसे वहीं कच्छा ही चबा जाती क्या मस्त लंड था, कोई 6.5 इंच लंबा और करीब 3 इंच मोटा होगा.

अब भाई उसे आगे पीछे करने लगा तो मेरी चूत चिल्ला पड़ी की अरे पगले ये क्या कर रहा है देख तेरी बेहन की चूत इसे अंदर लेने को तैयार है और तू मूठ मार रहा है लेकिन क्या करती आपनी चाहत को दिल मैं ही दबाना पड़ा और खुद भी फिंगरिंग करने लगी उधर भाई के लंड ने पानी छोड़ा और इधर मेरी चूत का भी पानी निकल गया.

मैं उठी और वहाँ से वापिस आ गई चाय ठंडी हो चुकी थी.

मैं आपने रूम मैं आ गई. मैने भाई के लंड का दीदार कर लिया था और अब मेरा मन और मेरी चूत दोनो ही भाई के लंड को पाने का तरीका ढूँडने लगे थे.

मैने भाई का लंड देख लिया था ये मुझे पता था लेकिन उसे नही पता था और भी मैं सब से पहले आपने भाई को आपनी चीकनी चूत दिखाना चाहती थी ताकि भाई का लंड मुझे देखते ही खड़ा होने लगे तभी भाई के मन मैं मुझे चोदने का विचार आएगा लेकिन ये होगा कैसे मेरी समझ मैं कुछ भी नही आ रहा था. भाई सुबा 6 बजे नहा कर जाता था और मैं और मा 8 बजे से पहले उठते नही थे.

भाई उपर बाले बातरूम मैं ही नहा कर चला जाता था. मेरी आँखों से नींद गायब हो चुकी थी हर पल मेरी आँखों के सामने भाई का फनफनता हुया मस्त लंड घूम रहा था मैं जब भी आँखें बंद करती मुझे मेरा भाई चूत के लिए तड़पता हुआ नज़र आता और मेरा दिल कहता की उसे यू तड़पने नही देना है.

रात के कोई 2 बज चुके थे लेकिन मेरी आँखों मैं नींद नाम की कोई चीज़ नही थी मेरी चूत मुझे सोने नही दे रही थे ये हर पल कह रही थी की मुझे चाहिए तो बस चाहिए और वो लंड चाहिए.

और मैं आपनी चूत के हाथों मजबूर थी इसके लिए लंड का इंतज़ाम करने का कोई प्लान बना रही थी ताकि मेरे मन मैं एक आइडिया आया. मैं उपर छत पे गई और भाई के बातरूम के नाल बाले वाल्व बंद कर दिया टंकी भाई को नहाने के लिए पानी ना मिले और खुद आपने रूम मैं आ गई.

करीब 5.45 पे मैं आपने बातरूम मैं थी और मैने आपने कपड़े उतार दिए थे और तोड़ा सा दरवाजा खोल के भाई का वेट करने लगी थी क्यूकी मुझे पता था की वो नहाने के लिए नीचे ज़रूर आएगा.

करीब 6 बजे मैने उसे सीडिओं से नीचे आते हुए देख तो मैं हल्का सा शावर चला कर नहाने लगी.

मैं दरबाजे की कुण्डी नही लगाई थी. मेरा मूह दरवाजे की तरफ़ था और मैं एक हाथ से आपने चूचियों मसलने लगी और एक हाथ से आपनी दोनो टाँगे खोल कर आपनी चूत को सहलाने लगी तभी भाई ने दरवाजा खोला और मुझे चूत सहलाते हुए देखा मैने भी एकदम से ऐसे डरने की कोशिश की जैसे की मुझे कुछ पता ही ना हो जबकि मैं तो खुद चाहती थी की भाई एक बार मेरी चूत और मेरे चूचियों का दीदार कर ले फिर ही उसे पटाया जा सकता है.

भाई ने एकदम से दरवाजा बंद कर दिया और मैने भी अंदर से कुण्डी लगा ली जो की मेरे प्लान का एक हिसा था. मैं नहा कर कपड़े पहन कर बाहर आ गई. मैने आपनी पेंटी जान बुझ कर वहीं छोड़ दी थी. भाई बाहर ही खड़ा था. मैं आपने रूम मैं भाग गई.

फिर भाई नहा के आपने रूम मैं चला गया तो मैं चाय लेकर उसके रूम मैं गई और उसे बोला की भाई सॉरी मुझे नही पता था की आप आ जाओगे मेरी नज़रें ज़ुकी हुई थी भाई की हालत भी ऐसी ही थी वो बोला की नही सॉरी तो मुझे बोलना चाहिए. दरअसल उपर पानी नही आ रहा था इस लिए मैं नीचे नहाने गया था मैने चोर आँखो से देखा की भाई मेरी चूचियों को चोरी चोरी देख रहा था जो की टाइट टी शर्ट की वजह से पूरे उभर के सामने आ गये थे. मैं समझ गई की भाई लाइन पे आ रहा है.

फिर मैं नीचे आ गई भाई ट्यूशन पे चला गया.

मैने भाई के लंड का दीदार कर लिया था लेकिन भाई को नही पता था और भाई ने मेरी चूत का दीदार कर लिया था ये हम दोनो को पता था. इस लिए अब मैं भाई को ये एहसास दिलाना चाहती थी की मुझे भी उसके लंड की सख्त ज़रूरत है लेकिन कैसे ये ही समझ नही पा रही थी.

मैं उस दिन स्कूल नही गई और मा को बोला की मेरी तबीयत खराब है और सारा दिन घर पे बैठी सोचती रही की क्या करूँ. फिर मेरे मन मैं एक आइडिया आया. शाम को जब मा और भाई आए तो मैने मा से कहा की मुझे भी स्कूटी सिख़ाओ तो वो बोली की मेरी तबीयत ठीक नही है मैं नही सीखा सकती तुम्हारे पापा आएँगे उनसे सीख लेना लेकिन मैने कहा की नही मुझे अभी सीखनी है तो मा ने भाई से कहा की तुम सीखा दो इसे स्कूटी.

तो भाई पहले बोला की मैं नही सीखा सकता लेकिन फिर जैसे ही उसे ये ख़याल आया की वो मेरे पीछे बैठा होगा तो शायद मेरे चूचियों को टच करने का मौका मिल जाए तो वो मान गया और मैं तो यही चाहती थी की आज भाई मुझे स्कूटी सिखाए क्यूकी मैं जानती थी की अगर भाई के लंड ने मेरी गांड को टच कर लिया तो भाई की रातों की नींद उड़ जाएगी और वो मुझे चोदने के लिए उतावला हो जाएगा और यही मेरा प्लान था की चल मैं चालू लेकिन भाई समझे की मैं उसके जाल मैं फँस गई हूँ जब की मैं आपनी मर्ज़ी से उसे मजबूर कर रही थी मुझे चोदने के लिए.

भाई आपने रूम मैं गया और कुर्ता पाएज्मा पहन की आ गया, और मुझे बोला की चलो ग्राउंड मैं चलते हैं वहीं सिखाता हूँ मैने स्कर्ट पहनी हुई थी और मैं दोनो तरफ टाँगे करके बैठ गई भाई ज़रा सी ही ब्रेक लगता तो मैं आपने चूचियों उसकी पीठ से टच करा देती अब भाई जान बुझे कर ब्रेक लगाने लगा था और मैं आपने चूचियों के सपर्श से उसके होश उड़ा रही थी लेकिन ये अलग बात है की मेरी चूत मैं भी बहूत हलचल मची हुई थी की हो सकता है भाई के लंड का सपर्श मिल जाए तो मज़ा ही आ जाए. और मैं सोच कर रोमांचित हो रही थी.

फिर हम ग्राउंड मैं पहुँच गये तो भाई ने मुझे कहा की तुम स्कूटी चलाओ मैं पीछे बैठता हूँ. मैं थोड़ी बहुत स्कूटी तो चला ही लेती थी. पहले भाई बैठ गया और मैं भाई के बॉडी को टच करती हुई बैठ गई और मुझे लगा की मेरे चुतड़ों से कुछ टच कर रहा है और ये सच ही थॉ ओ कुछ और नही भाई का लंड ही था जो मेरे चूचियों के सपर्श की वजह से फनफना रहा था.

मैने हॅंडल पकड़ा तो भाई ने भी मेरी दोनो बाजू के नीचे से हाथ डाल के हॅंडल पकड़ लिया और भाई के बाजू से मेरे चूचियों सपर्श कर गये भाई का लंड जैसे फूंकारा हो एकदम से झटका खा के मेरे चुतड़ों को टच किया मैं तो जैसे मस्त होने लगी थी.

फिर मैं स्कूटी चलाने लगी तो भाई तोड़ा सा और सट के मेरे करीब आ गया. अब उसका लंड मेरे चूतड़ों के नीचे घुसने की कोशिश कर रहा था. मेरा बुरा हाल होने लगा था मन कर रहा था की अभी एक बार थोड़ा उपर उठ जाऊं और लंड को नीचे दबा लूँ मैं मारी जा रही थी उस लंड को पाने के लिए उसको प्यार करने के लिए.

उसके लंड को मुह में लेने के लिए उसका पानी पीने के लिए और उसे चुदवाने के लिए लेकिन इतनी जल्दी मैं खुद को पेश कर देती तो वो मज़ा नही आता जो दोनो के तड़पने से आना था लेकिन हाँ स्कूटी चलते चलते मैने भाई के लंड को आपने चुतड़ों से रगड़ कर ये संदेश ज़रूर दे दिया था की ये मुझे पसंद है..कोई 1 घंटा भाई ने मुझे स्कूटी चलानी सिखाई. इस 1 घंटे मैं मेरी चूत बिल्कुल गीली हो गई थी और भाई का लंड भी लारे टपका टपका के गीला हो चुका था. और फिर हम घर आ गये.

दूसरा दिन फ्राइडे था और सॅटर्डे को मा को छुट्टी थी तो वो बोली की मैं फ्राइडे ईव्निंग को कानपूर जा आयुं तुम्हारे पापा के पास तो मैने कहा की मैं भी जाउंगी तो वो बोली की नही तुम भाई के साथ रुक जाओ.

उनकी ये बात सुनकर तो मैं खुशी से चिल्लाने वाली ही थी की बड़ी मुश्किल से खुद को रोका की हो सकता है इन दीनो मैं मैं भाई को पता ही लू मुझे पेलने के लिए. और मैं ये मौका हाथ से जाने भी नही देना चाहती थी क्यूकी मा मंडे को आती तो करीब 3 दिन थे मुझे आपने भाई को पता कर उसे चुदाई करवाने के लिए और फुल मज़ा लेने के लिए.

जब ये बात भाई को पता चली तो वो भी बड़ी ही जालिम तरीके से हंस था जिसे सिर्फ़ मैने ही महसूस किया था. रात को मा आपनी तैयारी कर रहे थे और मैं मा के साथ बैठी हुई थी की तबी भाई आया पीछे से और मैने देखा की वो मेरे चूचियों को ही निहार रहा था मैने तोड़ा सा शरमाने की एक्टिंग की मैने देखा की वो मेरे चूचियों को देख रहा था और एक हाथ से आपने लंड को भी सहला रहा था लेकिन मुझे आपने लंड को सहलाता हुआ देख कर उसने आपना हाथ एकदम से हटा लिया और मेरी तरफ देख कर एक स्माइल दी तो मैने भी उसे वापिस एक स्माइल दे दी ये सिग्नल था की हाँ हम दोनो कुछ कुछ रेडी हैं मज़े लेने के लिए.

फिर वो मा के पीछे खड़ा हुआ मेरे चूचियों को देखता हुआ बोला की मा मुझे आज दूध पीना है और वो भी फ्रेश मीन्स ताज़ा, तो मा बोली की तुझे क्या हो गया है तू तो दूध पीता नही है और आज तू दूध माँग रहा है तो वो बोला की हाँ मुझे भी टेस्ट करना है दूध का.

मैं समझ गई की वो कौन से दूध की बात कर रहा है वो दरअसल मेरा दूध पीना चाहता था तो मैने कहा की कोई बात नही भाई मैं पीला दूँगी कल आपको दूध और वो भी बिल्कुल फ्रेश और मूह नीचे करके हंस दी और साथ ही बोली की बाजार से ला के लेकिन वो मेरा इशारा समझ गया था सो उसने मा के पीछे खड़े हुए ही मुझे आँख मार दी और मैने शरमाने की ज़बरदस्त एक्टिंग की लेकिन मन ही मन फ़ैसला कर लिया की भाई कल तो तुमसे चुदवा कर ही दम लूँगी.

रात को भाई को जब मा चाय दे आई तो मैं उसके करीब 15 मिंट बाद उपर गई तो देखा की खिड़की खुली हुई थी और भाई बेड पे लेता हुआ था उसका सर खिड़की की तरफ था और उसके हाथ मैं मेरी एक फोटो थी वो उसे पागलों की तरह चूम रहा था.मैं ये देख मुस्कुरा उठी की मेरा भाई मेरे लिए दीवाना हुआ जा रहा है. अब वो मुझे चोदे बिना चैन नही लेगा और मैं उससे चुद्वाये बिना मानूँगी नही.

वो एक हाथ से आपने लंड को भी सहला रहा था और फिर देखते ही देखते वो मेरी तस्वीर को देख कर मूठ मरने लगा और मैं पागलों की तरह अपनी चूत मैं फिंगरिंग करने लगी की वा मेरा भाई मेरे लिए मूठ मार रहा है तो मैं क्यू ना उसके नाम से आपना पानी छोडूं.

और फिर मेरे भाई ने आपना सारा माल मेरी फोटो पे गिरा दिया और बुदबुदाने लगा की कल ऐसे ही तुझे सारा माल खिलौँगा मैं तो जैसे पागल सी हो गैट ही मैं वहीं बैठी आपने चूचियों मसल रही थी आपनी चूत को सहला रही थी मन कर रहा था की अभी जाऊं और भाई से कहूँ की भाई मुझे चोद डालो अब और नही रह सकती मैं तुम्हारे लंड के बिना लेकिन मा के डर की वजह से नीचे आ गई और फिर सारी रात सो नही पाई यही हालत भाई की भी वो सोया नहीं था.

सुबा उठा कर मा तैयार हुई और अपपनी जॉब पे जाने लगी तो मैं भी साथ मैं स्कूल के लिए चल पड़ी. 1 बजे जब छुट्टी हुई तो मैं ऑटो लेने के लिए स्कूल से बाहर आई तो मैने देखा की भाई वहीं पे खड़ा था और मेरा इंतज़ार कर रहा था.

मैं समझ गई की अब वो और इंतज़ार नही कर पा रहा है वो तो बस मुझे जल्दी से जल्दी घर ले जाकर चोदना चाहता है. और मेरी तो खुशी का कोई ठिकाना ही नही था की आज मेरी चूत की बुझ जाएगी, ये तड़प रही है इसे भी आज कुछ शांति मिल जाएगी.

मैं भाई के पीछे बैठ गई और बोली की आज यहाँ कैसे तो बोला की मुझे आज जल्दी छुट्टी हो गई थी तो मैने सोचा की तुम्हे भी साथ लेता चलू. मैं कुछ नही बोली और चुप रही.

भाई ब्रेक लगाता तो मैं उसे आपने चूचियों का सपर्श देकर मस्त करती रही रास्ते मैं ताकि उसकी मुझे चोदने की खावहिश इतनी बढ़ जाए की जब मैं ना चुदबाने के लिए नखरे भी करूँ तो वो मुझे हर हाल में चोदे.

मैं चुदना चाहती थी लेकिन इस तरह की भाई सोचे की उसने मुझे चोदा है जब की असल मैं भाई को चोदने पे मजबूर मैं कर रही थी. मेरी चूत मैं ये सोच सोच कर खुजली और बाद रही थी की भाई घर जा कर मुझे ऐसे चोदेगा ऐसे मेरी चूत चाटेगा ऐसे मुझे मज़े देगा. मेरी चूत स्कूटी पे बैठे बैठे ही गीली हो रही थी. मैं पूरी तरह से तैयार थी भाई के लंड से मज़े लेने के लिए.

और फिर वो पल भी आ गया जब हम घर पहुँच गये. भाई ने स्कूटी खड़ी की और हम ने डोर ओपन किया और अंदर दाखिल हुए घर के.

मैने भाई से कहा की तुम भी कपडे चेंज कर लो और मैं भी चेंज कर लेती हु फिर मैं खाना बनाती हूँ और हम खाना खाते हैं. मैने टी शर्ट और स्कर्ट पहन लिए थे ताकि भाई को ज़यादा मुश्किल ना आए और भाई भी लोवर पहन के नीचे आ गया था.

मैं किचन मैं खाना बनाना लगी तो भाई मेरे पीछे आ गया और बोला की नेहा मुझे खाना नही खाना है तो मैने कहा की क्यू तो बोला की मुझे आज दूध पीना है मैं भाई का इशारा समझ गया, पर मैं थोड़ा मजे लेने के लिए कह दी की पहले कहता तो मैं बाजार से दूध ले के आ जाती.

लेकिन अब शाम को मैं दूध ले आउंगी तो पी लेना तो वो बोला की नही मुझे अभी दूध पीना है और वो भी फ्रेश तो मैने कहा की अभी मैं तुम्हे दूध कहाँ से पिलाऊँ तो उसने पीछे से मुझे पकड़ लिया और मेरे चूचियों को मसलते हुए बोला की मुझे ये वाला दूध पीना है अपनी बहना का ताज़ा और फ्रेश दूध पीना है उसका खड़ा लंड मेरी गांड से सटा हुआ था जो की मेरी गांड और चूत मैं खलबली मचा रहा था मेरा मन कर रहा था की भाई को बोलू की भाई वेट किस बात की है आओ पीलो दूध और ले लो आपनी बेहन की चूत लेकिन मैं नखरे दिखती हुई बोली छोडो भाई ये क्या कर रहे हो मैने नकली गुस्से से कहा मैं बेहन हूँ तुम्हारी तुम्हे शरम नही आती मुझसे ऐसी बातें करते हुए.

एक बार को तो उसने आपने हाथ पीछे खींच लिए और मुझे लगा की काम बिगड़ जाएगा लेकिन फिर से उसने मेरे चूचियों मसलने शुरू कर दिए और मेरी गर्दन पे किस करने लगा उसका पाएज्मे मैं फनफनता हुआ लंड मेरी चूत तक पहुँचने के लिए तड़प रहा था ऐसा लगता था की वो पाएज्मे समेत ही मेरी चूत मैं घुसने को तैयार था. भाई मेरे चूचियों मसल रहा था और मैं कह रही थी है भाई नही ये सब ग़लत है है मुझे छोड दो मैं बेहन हूँ तुम्हारी प्लज़्ज़्ज़्ज़ भाई ऐसा मत करो लेकिन भाई तो आपनी मस्ती मैं ही मस्त था उसने तो जैसे मेरी कोई बात सुनी ही नही थी वो तो बस मेरे चूचियों से खेल रहा था और पीछे से आपने लंड का दबाव मेरी गांड पे बड़ा रहा था.

अब मैं भी आह भाई उफ़ भाई करने लगी थी. उसने मेरा मूह आपनी तरफ किया मैने आँखें बंद की हुई थी उसने मेरे होठों पे आपने होंठ रख दिए और मेरे होठों का रस्पान करने लगा फिर उसने मुझे गोद मैं उठा लिया और मुझे मेरे रूम मैं ले गया जो की किचन के सामने ही थी और मुझे बेड पे लिटा दिया. मैं बहुत खुश थी की आज मेरी चूत की प्यास मिटने वाली है अब मेरा भाई मुझे चोदने वाला है मेरी चूत तो ख़ुशी से किलकरियाँ मार रही थी भाई के लंड का एहसास पा कर ही वो लार टपकाने लगी थी.

भाई ने मुझे बेड पे लिटा दिया और मेरे उपर आ कर मेरे होठों का रास्पान करने लगा और मेरे चूचियों को सहलाने लगा. मैं पूरी तरह मस्त होने लगी थी. फिर भाई मेरी गर्दन पे किस करने लगा मैं कहने लगी नही भाई प्लीज ये पाप है मुझे छोड़ दो प्लीज भाई ऐसा मत करो लेकिन उसने मेरी एक नही सुनी और मैं चाहती भी यही थी की वो मेरी एक ना सुने बस आज मुझे जी भर के चोदे.

अब मैं भी मस्त हो गई और मैं भी कहने लगी आ भाई बहुत अच्छा लग रहा है आहह हाईईइ बहुत मज़ा आ रहा है. ये बातें सुन के भाई की हिमत और बढ़ गई और उसने मेरी टी शर्ट उतार दी और मेरे चूचियों को देख कर पागलों की तारहे उन्हे सक करने लगा और बोला की जब से इन्हे देखा है बस इनका दूध पीने की तमन्ना थी तो मैं बोली की पी लो ना भाई मना किसने किया है जी भर के आहह हाीइ जी भर के आह आह आह जीए भर के दूध पिल लो मेरा आह आह हाईईइ आह अहहहह.

अब मैं पुरे मूड मैं आ गई थी ही सो मैने भी भाई के लंड को पाएज्मे के उपर से ही सहलाना शुरू कर दिया मेरे हाथों का सपर्श पता ही उसने एकदम ज़ोरदार झटका खाया जैसे की फूंकारा मारा हो की आअहह आ जाओ मेरी जान आज सिर्फ़ तुम्हारा ही इंतज़ार है आज तुम्हे तसल्ली से चोदना है.

फिर भाई ने मेरी स्कर्ट भी उतार दी और नीचे सिर्फ़ पेंटी ही रह गई थी.

फिर भाई ने आपने कपड़े भी उतार दिए भाई नीचे कच्छे नही पहने हुए था उसका फनफनता हुआ लंड मेरी आँखों के सामने था और ज़ोर ज़ोर से झटके खा रहा था उसे देखते ही मैने झट से उसे आपने हाथों मैं पकड़ लिया और उसे किस करने लगी भाई हैरान था ये देख कर किन उसके लंड को देख कर कैसे पागल हो रही हूँ लेकिन मैं तो मस्त थी सो आपनी मस्ती मैं ही मैने उसके लंड को आपने मूह मैं ले लिया और अंदर बाहर करने लगी मैं उसके पुरे लंड को आपने मूह मैं ले कर दोस्तों मुझे बहुत मजा आ रहा था. आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे ये कहानी पढ़ रहे है.

उसके भाई भी सिसकने लगा था अया आह हाीइ नेहा मेरी जान आह खा जाऊओ इसे आह आह हाीइ क्या मस्त आह लंड आह आह हाीइ और मज़े से आह छुपो आपने आह भाई का लंड आह हाीइ आह ऑश आह हाई ऊहह बहुत मज़ा एयाया रहा है हाईईइ आह.

और मैने भाई के लंड को ऐसे चूसा की उसका पानी निकाल दिया और उसे पी गई.

अब भाई ने मुझे लिटा लिया और मेरी पेंटी उतार दी और मेरी चूत को सुंगते हुए बोला की अगर उस दिन तुम आपनी पेंटी नहाने के बाद ना भूलती तो शायद मैं तुम्हे कभी चोदने के बारे मैं ना सोचता क्यू की तुम्हारी चूत की खुसबू तुम्हारी पेंटी से पाकर मेरे लंड ने उसी समये फ़ैसला कर लिया था की इतनी खुशबूदार और कमसिन चूत को तो हर हाल मैं छोड़ना है और मैं मान ही मान मुस्कुरा उठी सोच कर की भाई ये तो मेरी चूत की खावहिश थी के आपके मस्त लंड से छुड़वाना है वरना आप तो सपने मैं भी मुझे चोदने का ना सोचते.

फिर भाई मेरी दोनो टाँगों के बीच मैं आ गया और उसने आपने होंठ मेरी कमसिन , चिकनी और मस्त चूत पे रख दिए उसके साँसों मैं ऐसी गर्मी थी की मेरी चूत सनसना उठी थी. भाई ने मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया था. वो मेरी चूत को पूरी मस्ती से चाट रहा था.

वो आपनी ज़ुबान को मेरी चूत मैं घुसाने लगा मेरी चूत तो जैसे धड़कने लगी थी आग सी लग गई थी मेरी चूत मैं मेरी चूत लंड पाने को बेचैन हो रही थी.

मैं सिसकने लगी थी आहह ह अहह हाईईईई उईईईई माआ हााअ हाईईईई आअहह ह हाईईईईई ऊफ्फ आह हाईईईई भाई आ खा जाओ आपनी बेहन की चूत को उउफ़फ्फ़ ऑश माआ हाीइ और चतो भाई इसकी आग बुझा दो जो तुमने लगाई है अहह अहह हाईईइ खा जाओ ईसीई हाईईइ ह छोड़ने मत अहह ईससीई आह ऊओह माआ हाीइ आह मेरी सिसकिओं से पूरा रूम गूँज रहा था और भाई और भी मस्ती से मेरी चूत को चाट रहा था.

वो जब आपनी जीभ घुसाता था मेरी चूत मैं तो मैं जैसे पागला सी जाती थी आ आह हाई भाई अहह भाई अहह मेरी चूत पानी छोड़ चुकी थी और भाई ने उसका टेस्ट भी किया और बोला की बहुत नमकीन चूत है नेहा तेरी और फिर शुरू हो गया मेरी चूत को चाटने के लिए.

अब उसने मेरी क्लिट को आपने होठों मैं ले लिया तो जैसे मेरी जान ही निकलने लगी थी अब मुझसे रहा नही जर आहा था मैं चिल्ला रही थी आहह हाईईइ भाईईइ ह अब आपने लंड अहह हाईईइ लंड अहह हाीइ लंड का कमाल दिखाओ ह अब लंड घुसा दो अहह हाईईइ मेरी चूत मैं ह अहाआहह हाीइ ओफफफ्फ़ ऊओ आह अब रहा नही जर आहा अब हमें चोद दो आअपनी ही प्यारी बहन को को आहह हाीइ उईईइ माआअ ऑश भाई प्ल्ज़ अब आपना लंड को डाल दो मेरी चूत मैंन्णणन् आह प्लज़्ज़्ज़्ज़ आअहह हाीइ मर गैइइ ह ह ह हाईईइ भाई प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़ ह

अब लंड डाल भी दो ह ऑश भाई प्लज़्ज़्ज़्ज़ मेरी सिसकियाँ सुन कर भाई को और जोश आ रहा था मेरी सारी चूत उसके मूह मैं थी वो और भी मज़े लेकर चूत को सक करने लगा और मैं मरी जा रही थी की मुझे जल्दी से लंड मिल जाए मेरी चूत की हालत बुरी हो गई थी मुझसे अब सहन नही हो रहा था आहह ह आह हाईईईई भाईईइ ना सताओ अप्प्पनी इस बेहन को ह हाईईइ प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़ अब नही आआहह सहहा जर आहा अहह्ा हहह आह आह है अब इसे लंड डेडॉ प्लज़्ज़्ज़ हहह आह हाीइ अब मत सातो इसे लंड के लिए आह हाीइ ऊऊहह माआ हाईईइ माआ हाीइ ह बाहियिइ प्लज़्ज़्ज़ अब दे दो अपनी बेहन की चूत को लंड आह आह हाईईइ भाई प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़. लेकिन भाई मेरी क्लिट को मूह मैं ले कर सहला रहा था और पुर मज़े ले रहा थॉ ओ मुझे तडपा रहा था लंड ना देकर जैसे की मैने उसे तडपएआ था आपनी चूत दिखाकर. मेरी हालत खराब हो रही थी मेरा मान कर रहा था की बस लंड घुस जाए मेरी चूत मैं और फाड़ दे उसे और मैं बहाल सी चिल्ला रही थी आहह हाीइ भाई कुछ तो रहम करो अपनी बेहन पे आअहह मत सताओ आपनी बहन को आहह है अब डाल भी दो आपना मस्त प्यारा और मजबूत लंड आपनी बहन की चूत मैं आह भाई है मान जाओ ना भाई आह हाीइ आह ऊओ माआ ह हाीइ प्लज़्ज़्ज़्ज़ भीइ प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़.

जब भाई ने देखा की अब मैं बर्दस्त नही कर पा रही हूँ तो भाई उठा और बोला की ले मेरी बहना अब तेरी इच्छा पूरी कर देता हूँ और मेरी पीठ के नीचे तकिया रखा और आपने लंड पे थोड़ा सा थूक लगाया और मेरी चूत के मुह पे लगा दिया मुझे लगा जैसे किसी ब्वहूत गरम चीज़ ने मेरी चूत को टच किया हो.

भाई ने लंड को मेरी चूत पे रख क एक धक्का मारा और आधा लंड मेरी चूत मैं समा गया मैं चिल्ला उठी है मर गई और इसी मैं भाई ने दूसरा धक्का मारा और पूरा लंड मेरी चूत के अंदर में पहुँचा दिया.

मुझे दर्द बहुत हुआ लेकिन मैं जानती थी की ये उस आनंद से पहले की शुरुआत है जो मुझे अब मेरे भाई के लंड से मिलने वाला था. भाई ने लंड को मेरी चूत मैं अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था. मुझे बहुत आनंद आ रहा था मेरी चूत मेरे भाई के लंड को ऐसे गले मिल रही थी जैसे जन्मो की पयासी हो भाई के लंड ने मेरी चूत मैं तहलका मचा रखा था.

भाई मेरी चूचियों को भी मसल रहा था और मुझे चोद भी रहा था. मैं भी नीचे से गंद हिला हिला के भाई का साथ दे रही थी मैं पूरी मस्ती मैं थी आहह आह हाईईइ भाईईइ आह और ज़ोर से छोड़ो ह मुझे ह भाईईईईई आह भीइ हाीइ और तेज आह फाड़ दो आहह आजज्ज आपनी बहहन की आहह चूत आह हाीइ ऊहह माआ ऊफफफफ्फ़ ऊओ ह ह हाईईइ ऊऊहह माआ हाईईइ ह ओर तेज भीइ आह ह हाीइ ओर ज़ोर से ह ह भाई का जोश और बढ़ता जा रहा था उसके धक्कों की स्पीड बढ़ने लगी थी उसके लंड ने मेरी चूत को पूरा प्यार किया था बहुत मस्त चोद रहा थॉ ओ मुझे भाई का लंड मेरी चूत की वादियों मैं खो गया था मेरी चूत की दीवारों से रगड़ता हुआ वो मुझे मस्त किए जा रहा था.

भाई की स्पीड बढ़ने लगी थी मैं एक बार झड़ चुकी थी लेकिन अभी भी मन कर रहा था की लंड बाहर ना निकले मैं फिर से मस्त हो रही थी भाई की स्पीड बढ़ने लगी थी मैं फिर से सिसकने लगी थी आह आह हाई भाई और तेज और तेज आह आह ह और तेज और है फाड़ दो मेरी चूत आ फदद्ड़ आअहह दो आहह फाड़ दो फाड़ दो आह मेरी चूत को आह हाईईइ प्लज़्ज़्ज़ भाई और ज़ोर से ढके आह मरो आह आह हहह आह आह आह और भाई की स्पीड इतनी बाद गई की रूम से चुप चुप की आवाज़ आने लगी थी.

फिर कोई 20 मिंट की चुदाई के बाद हम दोनो एक साथ ही झाड़ गये मेरे मुख से ऐसे निकला की है मार गई मुझे ऐसा लगा की जैसे मेरे जिसम से जान ही निकल गई हो मुझे बहुत ही ज़यादा मज़ा आयआ था भाई के लंड ने मेरे अंदर जैसे कोई गरम लावा सा उगल दिया था उसकी पिचकारी ने मुझे बहुत मज़ा दिया था और फिर भाई मेरे उपर ही लेट गया था.

कोई 15 मिंट यू ही लेटने के बाद भाई ने आपना लंड निकालने चाहा तो मैने कहा की भाई इसे निकालो मत ऐसे ही पड़े रहो मुझे अच्छा लग रहा है. कोई 10 मिंट यू ही रहने के बाद भाई ने लंड निकाला और मेरी चूत को चाट कर साफ़ करने लगा और बोला की वा क्या नमकीन पानी है तेरी चूत का.

मैने भी भाई के लंड को चाट के साफ़ किया. फिर मैने भाई से बोला की भाई क्या आप ये मज़ा मुझे रोज दोगे तो वो तो जैसे खुशी से पागल सा हो गया और बोला की हाँ हाँ क्यू नही बहना मैं तो हर पल हर लम्हे तुम्हे चोदने को तैयार हूँ तो मैने भाई को गले से लगा लिया.

फिर मैने भाई के लंड को दुबारा से सहलाना शुरू कर दिया तो कोई 10 मिंट बाद वो फिर फनफनाने लगा वो फिर मेरी चूत की तरफ देख कर फूंकारने लगा. तो भाई बोला की नेहा ये अब तेरी चूत को हर पल चोदने को रेडी है जब चाहो इसे इशारा करो ये तुम्हे चोदेगा तो मैं बोली की भाई मेरी चूत भी तो आपकी ही है इसे जब चाहो चोद डालो. फिर तो दोस्तों हम दोनों को जब भी मस्ती चढ़ती थी हम दोनों एक दूसरे को पूरा सहयोग करते.

 

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