दोस्त की भाभी ने मुझसे चूत का किया सौदा

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हेल्लो दोस्तों, मै अक्षय मिश्रा आप सभी का नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम में स्वागत करता हूँ। मै जौनपुर का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 21 साल है, आज मै आप को अपनी उस कहानी को सुनाने जा रहा हूँ, जो मेरे दोस्त के घर उसके शादी में हुई थी। मैंने तो सोच ही नही था कि मै अपने दोस्त के ही शादी में उसके ही भाभी को चोदूंगा।
मेरा एक सबसे खास दोस्त है, उसका नाम अनूप है। हम दोनों बहुत पक्के दोस्त थे, जब उसको कोई परेशानी होती है मै उसको मै हल करता हूँ। और जब मुझे कोई परेशानी होती है तो उसे वो हल कर देता है। हमरी दोस्ती तो पूरे कॉलेज में मशहूर थी। अनूप को एक लड़की से प्यार हो गया था, वो कॉलेज में ही पढ़ती थी। मैंने उन दोनों को मिलवाया। उन लोगों ने एक साथ बहुत कुछ किया, किस तो हमेसा जब मिलते थे, और हफ्ते में एक दिन वो दोनों दोस्त के रूम पर जमकर चुदाई करते थे।
कुछ साल बीता, तो अनूप के घर वालो ने उसकी शादी के लिये लड़की ढूंढने लगे। अनूप ने मुझसे कहा – “मै अगर शादी करूँगा तो केवल अपनी गर्लफ्रेंड अनुष्का से”। मैंने उससे कहा – “तू अपने पापा से बात क्यों नही करता”। तो उसने मुझसे कहा – “मेरी तो उनसे फटती है”। मैंने कहा – “ठीक है मै उनसे बात करता हूँ”।
मै अगले ही दिन अनूप के घर पहुँच गया। उसकी मम्मी मुझे बहुत प्यार करती है। मैने उसकी मम्मी से कहा – आंटी सुना है आप अनूप कि शादी के लिये लड़की ढूंढ रही है?? उसकी मामी ने कहा – “हाँ बेटा अब उसकी शादी करने उम्र हो गई है तो शादी करनी ही होगी”। उसकी मम्मी ने मुझसे पूछा – बेटा तू कब शादी करेगा ?? मैंने उनसे कहा – “बस जल्दी ही मै भी कर लूँगा”। मैंने आंटी से पूछा – आप किस तरह की लड़की चाहती है?? उन्होंने सारी बाते बताई जो उन्हें बहू में चाहिए थी।
मैंने उनसे कहा – “एक लड़की है, जो बहुत ही सुंदर है और संस्कारी भी, लेकिन वो दूसरे कास्ट कि है लेकिन अनूप और वो एक दूसरे को चाहते भी है”। आप लोग चाहे तो उसे एक बार देख सकते है। मैंने किसी तरह से उसकी मम्मी को उससे मिलने को मना लिया।
अनूप कि मम्मी अनुष्का से मिलने के बाद पक्का कर दिया था कि मुझे तो बहू पसंद है। कुछ दिन बाद अनुष्का के घर वालो से बात करके अनूप और अनुष्का कि शादी तय हो गई। अनूप ने मुझे अपने घर एक हफ्ते पहले ही बुला लिया था। मै उसके घर पहुंचा, उसके घरवालो ने मुझे बहुत प्यार करते थे, इसलिए मुझे एक अलग कमरा दिया रहने के लिये। मै अपने कमरे में बैठा हुआ था कुछ देर बाद अनूप की भाभी मेरे लिये चाय लेकर आई। मैंने उनसे कहा – कैसी हो भाभी?? उन्होंने कहा – ठीक हूँ। मैंने पूछा और भैया कैसे है। वो भी ठीक है ऐसा भाभी ने कहा। वो मुझे चाय देकर चली गयी।
भाभी जी के बारे में बात करे तो वो ज्यादा गोरी नही है लेकिन फिर भी बहुत अच्छी है।मुझे तो बहुत ही हॉट लगती है। पहले तो मै उनसे बात नही करता था, लेकिन धीरे धीरे वो मुझसे बातें करने लगी। एक बार भाभी मुझे बता रही थी कि अनूप के भैया उन पर ज्यादा ध्यान नही देतें है¸इसलिए वो थोड़ी उदास रहती है।
दोस्तों, मै तो कभी भी इतनी अच्छी भाभी को चोदने कि कोसिस ना करता लेकिन भाभी ही बहुत ज्यादा चुदासी थी, तो मै क्या कर सकता था। अगर मै ना चोदता तो कोई और चोदता।
एक दिन बीत गया, अनूप के हल्दी लग रही थी और मै उसको देख रहा था, कुछ आगे खड़े लोग थे और सबसे पीछे था। थोड़ी देर बाद अनूप की भाभी भी देखने के लिये आई, ज्यादा भीड़ होने से वो पीछे ही खड़ी हो गयी मेरे ही बगल में। मै तो अनूप को देख रहा था लेकिन मेरा हाथ पता नही कैसे भाभी की जांघ में छूते हुए उनकी चूत में छू गया।, मैंने पीछे मुडकर देखा तो भाभी खड़ी थी। मैंने अपने हाथ को रोक लिया। मैंने देख कि भाभी मुझसे चिपकती जा रही थी। मै धीरे धीरे आगे होने लगा। जब मैंने देखा कि भाभी रुक नही रही है तो मै वहां से अपने कमरे में चला गया। मै अपने कमरे में बैठा सोच ही रहा था, भाभी को क्या हो गया था, इतने में भाभी मेरे कमरे में आ गयी।
मैंने उनसे कहा – आप यहाँ क्या कर रही है? आप को तो बाहर होना चाहिए। उन्होंने मुझसे कहा – “मै तुमसे कुछ बात करना चाहती हूँ। इसीलिए आई हूँ”। कहो क्या बात करना है – मैंने कहा। भाभी ने कहा – “तुम्हे तो पता ही है मै ज्यादा गोरी नही हूँ इसलिए अनूप के भैया ना तो जल्दी मेरे साथ लेटते है और ना ही मुझे चोदते है। आज जब तुम्हारा हाथ मेरी जांघ को छूते हुए मेरी चूत में छू गया, तो मुझे औसा लगा कि मेरे बदन में करंट दौने लगा। मेरे अंदर कि वासना जो इतने दिनों से सोई हुई थी वो जाग गयी है। कोई मुझे चोदना ही नही चाहता है, और मेरा मन बहुत कर रहा है चुदने का। अब तम ही बताओ मै क्या करू। तुम्हारे हाथ छूने से मै जोश में आ गई थी, इसीलिए मै तुम से चपकती जा रही थी। उन्होंने मुझसे कहा अब ये सब बातें मै किसको बताऊँ”।
मैंने उनसे कहा – तो आप मुझे ये सब बातें क्यों बता रही है?? मै क्या कर सकता हूँ? तो भाभी ने कहा – तुम बस मेरा एक काम कर सकते हो?? मैंने उनसे पूछा कौन सा काम है?? उन्होंने कहा – “मेरे अंदर जो कामोत्तेजना जाग गई है उसको तुम अपने लंड के पानी से बुझा सकते हो”।
मैंने उनसे कहा – “आप क्या बात कर रही है अगर किसी को पता चल गया तो मै किसी को सबको क्या मुह दिखाऊंगा’। भाभी ने कहा – “कोई नही जान पायेगा, तुम चिंता ,मत करो बस किसी तरह मेरे चुदाई के ज्वाला को शांत करो तुम”। आप ये कहानी नॉन वेज सस्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहें है।
मैंने उनसे कहा – “लेकिन मेरे पास कोंडोम नही है, और मै रिस्क नही लेना चाहता।“ भाभी ने मुझसे कहा – “देखो अनूप के भैया मुझे क्जल्दी चोदते नही है, आज तुम मुझे बिना कंडोम के चोदो और अपने माल को मेरी चूत में गिरा देना। मै एक दो दिन में अनूप के भैया को किसी तरह से चोदने पर मजबूर करके उनसे चोदवा लूँगी। वो मेरी चूत में जल्दी अपना माल नही गिरते है, उनको लगेगा कि ये मेरे ही चोदने से पैदा हुआ है”।
मैंने सोचा, क्यों ना भाभी से सौदा कर लूँ उनकी चुदाई का। मैंने भाभी से कहा – “मै आप को चोदूंगा लेकिन मेरी एक शर्त है”। भाभी ने पूछा क्या है वो?? मैंने कहा – ‘मै आप को चोदने और आप को माँ बनाने के 10,000 हजार रुपये लूँगा”। पहले तो भाभी ने कुछ देर सोचा फिर उन्होंने कहा – “ठीक है मै तुम्हे पैसे दे दूँगी लेकिन ये बात हमारे सिवा किसी दूसरे को पता नही चलनी चाहिए”। मैंने कहा ठीक है। इस तरह भाभी ने मुझसे अपनी चूत का सौदा किया और मुझे पैसे भी दिए। मैंने भाभी से कहा कब चुदाई करनी है?? भाभी ने कहा – “आज ही तुम मुझे चोद सकते हो आज मै बहुत चुदने के मूड में हूँ”। मैंने कहा ठीक है, मैंने पहले तो अपने कमरे की कुण्डी लगाई।
भाभी बेड पर बैठ थी, उन्होंने काली और नीली साडी पहनी हुई थी, जो की उनके ऊपर बहुत अच्छी लग रही थी। उनकी चूची तो ब्लाउस में बिल्कुल टाइट बंधी लग रही थी। मैंने सबसे पहले भाभी को खड़ा करके उनके साडी के पल्लू को हटा दिया और उनके गर्दन को पीने लगा। मैंने उनके गर्दन को दांतों से काट काट कर पीने लगा और भाभी धीरे धीरे और भी जोश में आने लगी। लगातर उनको गर्दन को पीते हुए मै उनकी बड़ी और मस्त चूची को दबाने लगा। मै भी धीरे धीरे कामातुर होने लगा। मैंने उनके गर्दन को पीते हुए उनके गाल को कटे हुए उनके होठो को अपने मुह में भर लिया और उनके होठो को काटते हुए चूसने लगा। मै उनके मम्मो को मींजते हुए उनके होठो को पी रहा था। भाभी भी उत्तेजित हो गयी और मुझे कस कर अपने बाहों में भर लिया और मेरे नाजुक और रसीले होठो को अपने दांतों से काटने लगी और धीरे धीरे सिसकने लगी। मैंने अपने जीभ को भाभी के मुहं में डाल दी और उनके होठो को जोर जोर से काटने लगा जिससे भाभी अपने शरीर को ऐठते हुए सहल उठी।
लगभग 40 मिनट तक एक दूसरे के होठ पीने के बाद मैंने भाभी की साडी को निकालने लगा, जैसे जैसे भाभी की साडी खुल रही थी मेरा लंड धीरे धीरे और भी टाइट जा रहा था। मैंने भाभी की साडी को निकाल दिया और उनके चूची को दबाते हुए उनकी ब्लाउस की बटन को खोलने लगा। जैसे ही मैंने भाभी की ब्लाउस निकली उनकी काली ब्रा दिखने लगी। मैंने उनकी चूची को ब्रा के ऊपर ही दबाने लगा, चाची ने अपने हाथो से ही अपने ब्रा को निकाल दिया। उनकी चूची को देखकर मै अपने आप को रोक नही पाया। मैंने जल्दी से भाभी की चूची को अपने दोनों हाथो से दबाने लगा। उनकी चूची बहुत ही मुलायम और चिकनी भी मैंने उनकी चूची को दबाते हुए उनकी चूची को पीने लगा। भाभी तो बेकाबू हो रही थी, उन्होंने भी अपनी मेरे साथ अपनी चूची को दबाना शुरू कर दिया। मै उनकी चूची की निप्पल के काले भाग को अपाने दातो से कटते हुए चाट रहा था। इससे भाभी को बहुत मजा आ रहा था। भाभी ने मुझसे कहा – “मेरी कमसिन चूची को और भी मज़े से पियो मुझे मजा आ रहा है”।
बहुत देर तक उनकी चूची को पीने के बाद मैंने अपना अपना लंड निकाला और भाभी के मुह में रख दिया चूसने के लिये। भाभी ने मेरे बड़े से लंड को चाटते हुए अपने मुह में रख लिया। मैंने उनके सर को पकड लिया और उनके मुह में अपने लंड को घुसेड़ने लगा। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहें है। मै बड़ी तेजी से अपने लंड को भाभी के मुह में डाल रहा था और भाभी तो ऐसे ओह ओह … कर रही थी जैसे उनको उलटी आ रही है। लेकिन मै लगातार उनके मुह में अपना लंड डालता रहा। कुछ देर बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला, तो भाभी की कुछ अच्छा फील हुआ। इसबार तो भाभी ने खुद ही मेरे लंड को चूसने लगी , उन्होंने मेरे लंड के साथ साथ मेरी गोली को भी चूसने लगी। मुझे बहुत मजा आ रहा था।
भाभी ने बहुत देर तक मेरे लंड को चूसा, फिर मैंने भाभी के सारे कपडे निकाल दिए अब वो केवल पैंटी में बची थी। मैंने उनको बेड पर लिटा दिया और उनके पैरों को चूसते हुए और सहलाते हुए उनकी फुद्दी के पास पहुचा। उनकी चूत तो बहुत ही गजब लग रही थी। मैंने उनकी चूत को अपने उंगलियो से सहलाते हुए उनकी चूत में उंगली करने लगा, मेरी उंगली उनकी चूत में अंदर तक जाती। अंदर जाने के बाद मै अपनी उंगली को अंदर ही हिलाने लगता जिससे भाभी तो मचल जाती और …. आह अहह अहह .. उहूहूँ … उहनू… करके सिसकने लगती। लगातार उनकी चूत में उंगली करने से भाभी तो पागल हो रही थी, कुछ ही देर बाद उनकी चूत का पानी निकलने लगा और भाभी जोर जोर से …उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ. हमममम अहह्ह्ह्हह.. अई…अई….अई करके चीखने लगी।
उनकी चूत का पानी निकालने के बाद मैंने उनकी चूत को चोदने के लिये भाभी को आधे बेड पर लेटाया और खुद मै फर्श पर खड़ा था, भाभी की चूत को चोदने के लिये मैंने अपने लंड को भाभी की चूत पर रख दिया और अपने लंद्द को भाभी की चूत में डालने लगा, पहले तो भाभी धीरे धीरे सिसक रही थी लकिन जब मैंने अपने चोदने की रफ़्तार बढ़ाई तो बहभी का बुरा हाल होने लगा, कुछ ही देर में भाभी की चूत को फाड़ने लगा और मेरा लंड भाभी की चूत को फैलाते हुए उनकी चूत के अंदर घुस जाता जिससे भाभी चिल्लाते हुए अपने कमर को हवा में उठाने लगी,, मेरा मोटे लौडे से भाभी की चूत सिकुड़ गयी थी। बड़ी कसी कसी रगड़ थी वो। चुदते चुदते भाभी के पेट में मरोड़ उठने लगी। इसके साथ ही उनके बदन में बड़ी अजीब सुखद लहरें उठने लगी, जो उनकी चुदती चूत से उठ रही थी और पूरे बदन में फ़ैल रही थी। मैं फटर फटर करके उनकी चूत को चोद रहा था। किसी तेज तर्रार आदमी की तरह मै भी भाभी के साथ संभोग कर रहा था। कुछ देर मै बहुत जादा चुदासा हो गया और बिना रुके किसी मशीन की तरह उनकी चूत मारने लगा। भाभी “उई..उई..उई…. माँ….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ…. .अहह्ह्ह्हह.. मम्मी…मम्मी….सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करके जोर जोर से चिल्लाने लगी।

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मै बहुत तेजी से भाभी की चूत को चोद रहा था, मुझे ऐसा लगा मेरा माल निकलने वाला है मैंने अपने लंड को चूत से बाहर निकाल दिया और भाभी को किस करने लगा। कुछ देर बाद मैंने भाभी को पलट कर गांड की तरफ कर दिया और, उनकी गांड को सह्लाते हुए उनकी गांड को फैला दिया और अपने लंड को भाभी की गांड में उतार दिया। भाभी तो चीख उठी और आगे खिसक गई। मैने अपने लंड को फिर से उनकी गांड में डाल कर पेलने लगा और और भाभी तो बड़ी मस्ती से अपने गांड को हिला हिला कर अपनी गांड मरवाने लगी। मै लगातर उनकी गांड मार रहा था लगभग 20 मिनट तक गांड मारने के बाद मेरा माल निकलने वाला था मैंने अपने लंड को निकाला और भाभी की चूत में डाल कर चोदने लगा। मेरी रफ़्तार बहुत तेज हो गई थी मै अपनी पूरी ताकत लागा के उनकी चूत को चोद रहा था, कुछ ही देर में मेरा माल उनकी चूत में अंदर ही गिर गया। और मेरा लंड भाभी की चूत से ढीला हो कर निकाला।
भाभी ने कहा – तुम तो बहुत मस्त चुदाई करते हो। तुम चाहो तो मेरी रोज चुदाई कर सकते हो जब तक तुम यहाँ हो। मैंने कहा – ठीक है, रोज रात को चुपके से मेरे कमरे में आ जाना चुदाई करवाने के लिये।
मैंने भाभी से चुदाई के पैसे भी ले लिये और उनकी चुदाई भी खूब की और कुछ ही दिन में वो मेरे बच्चे की माँ भी बन गई। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहें थे। मै उम्मीद करता हूँ आप को ये कहानी अच्छी लगी होगी।

दोस्त की चुदासी वीणा भाभी के साथ गैंग बैंग

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Desi Bhabhi sex story : हेलो दोस्तों, मैं दुष्यंत उपाध्याय आप सभी का नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ. मैं आपको बड़ी सेक्सी स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ. मेरे बेस्ट फ्रेंड राजकुमार ने मुझे एक दिन एक बहुत ही ख़ास ऑफ़र दिया जिसे सुनकर मैं बिलकुल उछल पड़ा. मुझे उसकी बात का विस्वास ही नही हो रहा था. ‘दुष्यंत!! मेरे भाई! क्या तुम मेरे साथ मिलकर मेरी सगी भाभी जान के साथ गैंग बैंग करना चाहोगे??’ राजकुमार ने मुझसे पूछा.

‘यार! सुबह से कोई मिला नही क्या?? देख मैं अभी मजाक के मूड में नही हूँ!’’ मैंने कहा. राजकुमार ने मुझे बताया की उसकी जवान चुदासी सेक्सी वाणी भाभी उसको पिछले ८ महीनो से चूत दे रही है. उसके बड़े भैया फ़ौज में है इसलिए वो घर महीनो महीनो नही आ पाते. इसलिए भैया की जगह वो भी भाभी को चोद चोदकर खुश करता है. ८ महीनो से चुदवाने के कारण उसकी भाभी की लौड़े की भूख कुछ जादा ही बढ़ गयी है और उनका एक लौड़े से काम नही चल रहा है. इसलिए वो २ लौड़े एक साथ खाना चाहती है..एक चूत में, तो दूसरा गांड के छेद में. दोस्तों, ये ऑफ़र सुनते ही मेरा लौड़ा तुरंत खड़ा हो गया और वाणी भाभी को चोदने को बेक़रार हो गया. मैंने अपने दोस्तों राजकुमार से हाँ कर दी. कुछ दिन बाद उसने मुझे छुट्टी के दिन अपने घर बुलाया.

मैं बनठन के राजकुमार के घर पहुच गया. कुछ देर में वर्षा भाभी प्रकट हुई. उनको देखते ही मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया. जहाँ हर आम शादी शुदा औरत दिन में साड़ी और रात में मैक्सी या नाइटी पहनती है, वाणी भाभी तो दिन में भी एक लो कट डार्क गुलाबी रंग की नाइटी डाले थी. राजकुमार से मुझे बताया की भाभी को लौड़े की इतनी तलब रहती है की किसी भी समय चुदवा लेती है. इसलिए उसके लिए साड़ी या सलवार सूट पहनना घोर बेईमानी जैसा है. इसलिए वाणी भाभी जादातर समय हल्की पारदर्शी नाईटी में ही रहती है. जब मन आये नाइटी उठाओ और चोदना शुरू कर दो. राजकुमार ने मुझे ये सब बताया. मैंने सोचने लगा की ऐसी चुदासी कामवासना की पुजारिन तो लाखों में एक होती है. ऐसी चुदासी औरते जल्दी मिलती कहाँ है जो हमेशा लंड खाने को तैयार रहे. वाणी भाभी मुझे देखकर मुस्कुराने लगी.

मेरा लंड और जोर से टन्ना गया.  ‘नमस्ते जी!!’ वो अपने लिपस्टिक लगे होठो से बोली तो मेरा दिल बल्लियों उछलने लगा. सामान तो बड़ा कड़क थी भाई. कद काठी, बाल, चाल, ढाल सब नॉ १ केटेगरी का था. राजकुमार कितना किस्मत वाला है की ८ महीनो से भाभी के भोसड़े में लौड़ा दे रहा है. ही इस रेअली लकी!! मैंने सोचा.

‘नमस्ते भाभी जान!! आपके बारे में राजकुमार ने मुझे सब कुछ बता दिया है. तबसे मैं आपसे मिलने को बेक़रार था!’ मैंने कहा. चुदासी लौड़े की प्यासी वाणी भाभी मुस्कुरा दी.

‘भाभी जान ! ये मेरा दोस्त है दुष्यंत!!’ राजकुमार बोला. वो उनको भाभीजन भाभीजन कह कर पुकार रहा था. इसलिए मैं भी उनको भाभीजन कहकर पुकारने लगा.

‘चलिए कम से कम तुम्हारे दोस्त हमारे गरीब खाने में आये तो!!’ भाभीजान बोली. दिन में उनको नाइटी में देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया. मुझे वो बिलकुल कोई फ्रूट केक लग रही थी, जिससे खाते वक़्त आवाज भी नही होती और मजा भी पूरा आता है. दोस्तों मेरा तो दिल कर रहा था की इस घर की माल को चोदना शुरू कर दूँ, क्यूँ बेकार में जान पहचान बनाने में वक़्त ख़राब किया जाए. पर भाभी के अपने तरीके से चुदने के, और हम दोनों दोस्त उसमे दखल नही डाल सकते थे. भाभी किचन में गयी और चाय ले आई. राजकुमार और मैं चाय पीने लगे. वाणी भाभी सायद पार्टी के मूड में थी. उसको नाच गाना बहुत पसंद था. उन्होंने डेक ओन कर दिया और हम लोगो के सामने की डांस करने लगी. ‘ये….मेरा दिल प्यार का दीवाना … इस गाने पर वाणी भाभी ने जमकर कुल्हे मटकाए और झूम झूमकर पुरे हाल में डांस किया. मैं समझ गया की वो बड़ी रंगीली मिजाज औरत है जिसको संगीत भी बेहद पसंद है.

मैंने और राजकुमार दोनों ने खूब आखें सेकी. फिर भाभी आई और मुझे उठा ले गयी और अपने साथ नाचने पर मजबूर कर दिया. मैंने वाणी भाभी की कमर में हाथ डाल दिया और डांस करने लगा. इसी दौरान मैंने उसके ताजे ताजे फेसिअल गालों पर चुम्मा भी ले लिया. कुछ ही देर में वाणी भाभी का चुदाई का मूड बन गया.

‘राजकुमार!! तुम्हारे दोस्त दुष्यंत तो बहुत फ़ास्ट है!! सीधे मुद्दे पर आ गये!!’’ भाभी मुस्काकर कहने लगी.

‘भाभी जान!! आपकी गुलाबी चूत की इनती तारीफ़ मैंने इस छिछोरे से कर दी की इससे रहा ना गया. और बेचारा भागा भागा चला आया. भाभी जान प्लीस!! इसे निराश मत करना. इसे अच्छे से चूत दे देना!’ राजकुमार बोला और उसने वाणी भाभी को आँख मारी और किसी मजनू की तरह हथेली से चुम्मा देने लगा. वाणी भाभी ने जब अपनी तारीफ़ सुनी तो गल्ल हो गयी.

‘तो लड़को चलो कमरे में !!’ भाभी हसकर बोला. अंदर कमरे में जाते ही चुदाई महोत्सव शुरू हो गया. वाणी भाभी किसी विदेशी काल गर्ल की तरह गले में फर वाला स्टोल डाले थी. नाइटी और फर वाले स्टोल में वो गजब की चुदासी और सेक्सी लग रही थी. वो बेड पर लेट गयी. एक बाजू में मैं लेट गया तो दूसरी बाजू में मेरा दोस्त और उनका सगा देवर राजकुमार. हम दोनों आशिक एक साथ ही वाणी भाभीजान से इश्क लड़ाने लगे. जहाँ राजकुमार भाभी की मक्खन सी कमर चूमने चाटने लगा, मैं भाभी के गोरे गोरे गालों को निशाना बनाने लगा. गाल तो इतने चिकने थे जैसे हेमा मालिनी के गाल हो. आज २ २ आशिक उसने प्यार फरमा रहे थे. हर रोज तो राजकुमार अकेले ही इतने झक्कास माल को सम्हालता है, पर आज तो मुझे भी साथ में मौका मिल गया.

हमदोनो आशिक वाणी भाभी जान से प्यार करने लगे. कुछ ही देर में वो इतनी चुदासी हो गयी की मुझे अपने मस्त मस्त होठ पिलाने लगे. उनकी महकती सांसों को सूंघते हुए वाणी भाभी के होठ पीने लगा. अपने आप मेरे हाथ उसके बूब्स पर चले गये. नाइटी के रेशमी कपड़े के उपर से मैं उनके बूब्स दबाने लगा. दोस्तों, ये सब बिलकुल किसी सपने जैसा था. मैंने कभी सोचा नही था की इतनी झक्कास माल को कभी मुझे चोदने खाने को मिलेगा. हाँलाकी मैंने कई अच्छी अच्छी लड़कियां चोदी है. पर एक शादी शुदा घरेलू माल की चूत मारना अपने आप में एक दिसचस्प बात है. मैं वाणी भाभी के होठ पीते पीते उसके मस्त मस्त नारियल जैसे नुकीले बूब्स हाथों से जोर जोर से दबाने लगा. मुझे उनकी ब्रा और हल्की पारदर्शी पेंटी नाइटी के कपड़े में से साफ साफ दिख रही थी. बड़ी देर तक किसी सीरियल किसर की तरह मैं वाणी भाभी जान के होठ और सासें पीता रहा. नीचे मेरा दोस्तों राजकुमार उनकी गोरी गोरी सुडौल जांघों को चूम चाट रहा था.

वाणी भाभी चुदास और काम क्रीडा की जीती जागती मिसाल थी. उनको चोदकर मैं गंगा नहाने वाला था. जिसने उन जैसी माल की चूत नही ली, समझ लो की लाइफ में उसने कुछ नही किया. बड़ी देर तक उनके कामुक अधरों को चूसने और पीने के बाद आखिर वो समय आ गया जब मैंने उनकी रुमाल सी दिखने वाली नाईटी उपर कर दी. उन्होंने २ पीस पहन रखा था. मुझे अंदर का भाभी का माल उनके मस्त मस्त बूब्स दिखने लगे. मैंने जोर जोर से ब्रा के उपर से उसके दूध को मसलने लगा. ‘राजकुमार!! तेरा दोस्त तो बहुत तेज है. कहीं ये मेरी जान न ले ले!!’ भाभी बोली

‘अरे भाभी दुष्यंत काई औरतों को पेल चूका है. बड़ी मस्त पेलैया करता है मेरा दोस्त. अगर एक बार इसका १२ इंची लौड़ा खा लोगो तो रोज रात में याद करोगी और इसे घर में बुला बुलाकर चुदवाओगी!’ राजकुमार बोला और मेरी तारीफ़ करने लगा. ये सुनकर वाणी भाभी मचल गयी. उन्होंने अपनी पीठ में हाथ डाल दिया और ब्रा खोल दी. जैसे ही उन्होंने ब्रा खिंची मेरी तो दुनिया ही हमेशा के लिए बदल गयी. २ बेहद खूबसूरत ३८ साइज़ के बूब्स थे भाभी जान के. निपल्स काली काली कड़ी कड़ी और बड़े बड़े वृत्ताकार घेरे के बीच में कड़ी कड़ी निपल्स तो जैसे कामदेव को चुनौती दे रही थी की ‘चोद सको तो चोद लो’, पी सको तो पी लो. सेकंड में मेरा हाथ वाणी भाभी के छलकते जाम पर आ गया. इतने बड़े मम्मे थे की मेरे हाथ में नही अट रहे थे. रबर के गुब्बारे जैसे सॉफ्ट और मुलायम. मैंने उसी समय सोच लिया की भाभी के मम्मे जरुर चोदूंगा.

नीचे मेरा दोस्त और वाणी भाभी जान का देवर राजकुमार कब की उनकी पेंटी निकाल चूका था और उनकी चूत पी रहा था. मैंने कहा चलो अच्छा है भाभी के माल का बटवारा हो गया. राजकुमार चूत पिये और मैंने उनके छलकते मम्मे. मैंने वाणी भाभी जान के दूध मुँह में ठूस लिए और मजे से पीने लगा. बहुत ही आकर्षक दूध थे उनके. बिलकुल रुई जैसे सॉफ्ट और मुलायम और बर्फ जैसे सफ़ेद. भाभी जान के बाप ने उनकी माँ को खूब दिन रात चोदा होगा तब जाकर इतनी मस्त माल का जन्म हुआ, मैं सोचने लगा. मैं हाथ से जोर जोर से दबा दबाकर भाभी जान के दूध पीने लगा. नीचे राजकुमार उनकी चूत में ऊँगली कर रहा था और चूत में से पानी निकालते निकालते पी रहा था. उपर मैं जोर जोर से भाभी जान के चुच्चे दबा दबाकर मींज रहा था और पी रहा था. बड़ी देर तक यही खेल चलता रहा. फिर हम दोनों दोस्तों ने अपने अपने कपड़े निकाल दिए और खड़े लंडों में आ गया. मैंने भाभी के क्लीवेज में अपना १२ इंची लौड़ा रख दिया. दोनों मम्मो के गेंदों को आपस में बीच की दिशा में हाथ से दबा दिया और मजे से चोदने लगा. उधर राजकुमार अभी भी भाभी जान की चूत में ऊँगली करके पानी निकाल रहा था और चूत पी रहा था.

कुछ देर बाद राजकुमार ने भाभी के दोनों पैर खोल दिए. उनकी चूत में लौड़ा डालकर पेलने लगा. मैंने हटकर भाभी के सिरहाने पर आ गया. और दोनों गेंदों के बीच में लंड लगाकर चोदने लगा. इससे वाणी भाभी जान को डबल डबल मजा मिलने लगा. उधर उनकी चूत चुद रही थी, तो इधर उनके बूब्स. वो कमर और सीना उठवा उठवाकर दोनों चीजे चुदवाने लगी. भाभी जान की ३८ साइज़ बेकाबू बेपरवाह अड़ियल छातियाँ चोदने में मुझे अभूतपूर्व सुख मिला. दोनों चुच्चे इतने बड़े इतने विशाल थे की मुस्किल से मेरे दोनों हाथों में आ पा रहे थे. मैं अपने १२ इंची लौड़े ने घंटो उनकी नर्म नर्म छातियाँ चोदता रहा. कुछ देर बाद राजकुमार भाभी जान की चूत में शहीद हो गया. अब शहीद होने का नॉ मेरा था. मैं भाभी की चूत की साइड आ गया. मैंने उनकी टाँगे खोलकर नही बल्कि दुसरे स्टाइल से चोदना चाहता था.

शुरुवात मैंने वाणी भाभी जान की चूत पीने से की. उनकी चूत में अभी भी मेरे यार और उनके देवर राजकुमार का माल भरा था. मैं जीभ से राजकुमार का सारा माल पी गया और भाभी की चूत में ऊँगली करने लगा. मैं जोर जोर से फचर फचर की आवाज करते हुए उनकी फटी चूत में ऊँगली करने लगा. भाभी कमर उठाने लगी. मेरा दोस्तों राजककुमार उनके बूब्स पीने लगा जिनको मैंने अभी अभी चोदा था. मैं भाभी के बूब्स में झड भी गया था. राजकुमार भी मेरा माल जीभ से चाट रहा था. वो वाणी भाभी के नारियल जोर जोर से आवाज करते हुए पी रहा था. मैं इधर उनकी चूत पीने में डूबा था.

दोस्तों, कुछ देर बाद मैंने उनकी चूत में अपना १२ इंची लौड़ा सरका दिया और मजे से चोदने लगा. वाणी भाभी जैसी चुदासी छिनाल की दोनों दुधिया टांगे मैंने एक के उपर क्रोस करके रख दी और दोनों पैरो को कसके हाथ से पकड़ के पक पक उनको चोदने लगा. दोंनो टांगो को क्रोस करके रखने से उनकी चूत में बड़ी गहरी पकड़ मिलने लगी और मैं गचागच उनको चोदने लगा. वाणी भाभी को राजकुमार से ८ महीने पेला था पर अभी भी चूस कायदे से नही फट पाई थी. जैसी रंडियों की चूत बिलकुल फटी हुई झलरा होती है उस तरह उनकी चूत बिलकुल नही थी. अच्छी खासी कसी चूत थी. मैंने जोर जोर से अपने धक्के लगा रहा था. वाणी भाभी मेरा १२ इंची विशाल लंड खा रही थी और चुदवा रही थी. जबकि राजकुमार उनके बूब्स चोद रहा था. फिर ताबडतोड़ धक्के मारते मारते मैं भी उनकी चूत में शहीद हो गया.

हम दोनों आशिक अब थोडा ढीले पड़ चुके थे. क्यूंकि २ २ बार हम दोनों झड चुके थे. इतना चुदवाकर भी वाणी भाभी का दिल नही भरा. ‘क्यूँ बच्चो!! सारी मर्दानगी खत्म हो गयी है क्या ???’ भाभी ने हम दोनों दोस्तों को चैलेन्ज कर दिया. हम दोनों चोद चोदकर थक गये थे पर भाभी नही थकी थी. कुछ देर बाद हम दोनों मर्द फिर से खड़े हो गए और हमारे लौड़े भी खड़े हो गये. इस बार हमदोनो का एक साथ भाभी को खाने का मन था. मैंने वाणी भाभी को बिस्तर से उठाया. अपने लौड़े में मैंने देर सारा तेल लगा लिया. उधर राजकुमार ने भी अपने लौड़े में ढेर सारा तेल मल लिया. कुछ देर तक मैं भाभी की गांड का मस्त मस्त कसा कसा छेद पीता रहा. फिर मैंने सबसे नीचे लेट गया. भाभी मेरे उपर पेट के पल लेट गयी. मैंने उनकी चूत में लौडा डाल दिया. फिर राजकुमार भी आ गया.

उसने भाभी की गांड में लौड़ा डाल दिया. फिर हम दोनों ताल मेल बिठाते हुए अपनी प्यारी छिनाल वीणा भाभी के साथ गैंग बैंग करने लगे. अब भाभी की माँ चुदी ‘मेरे देवरों!! बड़ा दर्द हो रहा है!! प्लीस एक एक कर अपने लौड़े मेरी बुर और गांड के छेद में डालो!! ..प्लीस एक साथ मत डालो!!’ भाभी जान जोर जोर से गुहार करने लगी. पर हम दोनों चुदसे देवर कहाँ उनकी सुनने वाले थे. हम तो अपने अपने लौड़े एक साथ भाभी के दोनों छेदों में दे रहे थे. वाणी भाभी की माँ चुद चुकी थी. अपनी सुरमयी आँखों से मोटे मोटे आशू बहा रही थी. पर दोस्तों हम दोनों पर कोई फर्क नही पड़ा. हमारा तालमेल अच्छे से बैठ गया. हमदोनो बड़ी देर तक वाणी भाभी जान के साथ गैंग बैंग करते रहे. फिर हम कोई १ घंटे बाद झड गए. जब हमदोनो अपने अपने लौड़े निकाले तो भाभी बिलकुल असली रंडी बन चुकी थी. उनके दोनों छेद खूब मोटे मोटे हो चुके थे. उसके बाद से हम दोनों हर हफ्ते उनके साथ गैंग बैंग खेलने लगे. ये कहानी आप नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

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