मामा ने मेरी सगी माँ की भरी हुई चूत में लंड डालकर दबाके चोदा

हेल्लो दोस्तों, मै मुन्नीलाल यादव आप सभी का नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से नॉन वेज स्टोरी का नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।

दोस्तों जब जब मेरे मामा मेरे घर आते थे, मेरी माँ तरह तरह के पकवान उनके लिए बनाने लग जाती थी। अब ये बात तो नार्मल है की हर बहन अपने भाई को बहुत प्यार करती है। पर वो बहुत जादा सजती सवरती थी। ये बात मुझे हजम नही होती थी।

“मुन्नीलाल !! जा बजार से पनीर और सब्जियाँ ले आ। आज तेरे मामा आ रहे है। और सुन बेटा मिठाइयाँ लाना मत भूलना। ले १००० का नोट” माँ कहती और मुझे झोला लेकर बजार भेज देती। मैं ये बात समझ नही पा रहा की माँ इतना जादा उतेज्जित आखिर क्यूँ हो जाती है। दोपहर के २ बजे मैं रेलवे स्टेशन अपनी मोटर साइकिल लेकर पहुच गया था। इन्तजार करते करते मेरी आँखें थक गयी थी। मामा की मथुरा छपरा एक्सप्रेस पूरा ३ घंटा लेट थी। बड़ी इन्तजार के बाद ट्रेन आये और मामा भी आये। मैंने उनको अपनी मोटर साइकिल पर बिठा लिया और घर ले आया। घर आते ही मेरी माँ मामा को लेकर अंदर कमरे में चली गयी और दरवाजा बंद कर लिया।

मैं हैरान था की आखिर कौन सी बहन अपने भाई से कमरे में दरवाजा बंद करके मिलती है। पर मैंने उनकी तरफ जादा ध्यान नही दिया। क्यूंकि मुझे विडियो गेम खेलना था। मामा को आये 5 दिन हो गए थे। मेरे पापा तो सुबह ही अपनी बैंक को निकल जाते थे। उनके पास मामा से बात करने का जादा समय नही था। मेरी माँ मामा को लेकर हमेशा कमरे में घुसी रहती और दरवाजा बंद ही रहता। उन दिनों दोस्तों मैं मुस्किल से 13 14 साल का अबोध लड़का था। मुझे चूत चुदाई के बारे में कुछ नही पता था। मैं जिस तरह भोला और सीधा था ठीक उसी तरह बाकी दुनिया को भी समझता था।

एक दिन दोपहर में मैं विडियो गेम अपने टीवी पर खेल रहा था। मुझे एक ग्लास पानी चाहिए था। इसलिए मैंने गेम को पास कर दिया और किचेन की तरफ आया तो देखा की मामा किचेन में खड़े थे और मेरी जवान चुदासी माँ को बाहों में भरे हुए थे। दोनो आपस में किस कर रहे थे। ये सब देखकर मेरा तो होश उड़ गया था। मैं एक दीवाल के पीछे से उनकी ये रासलीला देखने लगा। मामा ने मेरी 30 साल की जवान और खूबसूरत माँ को बाहों में भर रखा था। माँ ने एक मस्त साड़ी पहन रखी थी। वो मामा को जानू जानू…कहकर बुला रही थी। मामा ने मेरी माँ को कमर से पकड़ रखा था और उनके गुलाबी होठो को चूस रहे थे। फिर माँ कढ़ाई में पक रही सब्जी को चलाने लगी। मामा ने फिर से मेरी माँ को बाहों में भर लिया और सीने से चिपका लिया।

दोस्तों जब मैंने ये सब देखा तो मेरा तो दिमाग का फ्यूज ही उड़ गया था। मेरी माँ मेरे मामा से ही सेट हो चुकी थी। अब मुझे सब कुछ समझ में आ गया था की कमरा बंद करके कौन सा कांड कमरे में होता था। मेरा मामा बहनचोद था और मेरी माँ की रसीली चुद्दी[चूत] में लंड डालकर खूब कुटाई करता था। वो माँ को खूब पेलता चोदता और खाता था। उधर मेरी सगी माँ को भी उनका मोटा खाने को बुरी आदत लग चुकी थी। दोस्तों मैंने अब फैलसा कर लिया था की मैं उन दोनों की चुदाई अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करके अपने पापा को दिखा दूंगा जिससे वो कभी मामा को इस घर में दुबारा न घुसने दें। इसलिए मैंने वहां पर किसी से कुछ नही कहा। मैं दीवाल के पीछे छिपा रहा और सारे काण्ड को देखता रहा। मामा ने फिर से मेरी खूबसूरत जवान और चुदासी माँ की सेक्सी कमर में हाथ डाल दिया था।

“जान….चलो कमरे में चलते है। तुम्हारी चूत मारने की तलब लगी है” मामा बोले

“अरे रुको बाबा। मुन्नीलाल के लिए खाना तो पका दूँ। बेचारा कितना भूखा होगा। तुम कमरे में चलके टीवी देखो। मैं कुछ देर में आ रही हूँ। तब मुझे कसके चोद लेना!!!” मेरी माँ किसी छिनाल की तरह हंसकर बोली।

फिर मेरे टीटू मामा बेमन से उनके बेडरूम में चले गये और टीवी देखने लगे। अब मैं साफ़ साफ समझ गया था की मेरी चुदक्कड माँ मेरे टीटू मामा से ही फंसी हुई थी। जब जब वो हमारे घर पर आते थे, मेरी जवान चुदासी माँ की गर्म चूत में लौड़ा डालकर पेलते थे और कसके चूत बजाते थे। अब मेरा हर तरह का शक दूर हो चुका था। पर मैं अनजान ही बना रहा। कुछ देर बाद मेरी माँ ने खाना बना दिया। “मुन्नीलाल, खाना बन गया है बेटा। अगर भूख लगे तो किचन में जाकर निकाल लेना” माँ बोली और सीधे मामा के कमरे में चली गयी। और अंदर से दरवाजा उन्होंने बंद कर लिया। मैंने भी जल्दी से भागा और दरवाजे के छेद से मैं सब कुछ देखने लगा। मामा ने मेरी जवान खूबसूरत माँ को बाँहों में भर लिया और उसके गाल पर चुम्मी लेने लगे।

“ओह्ह्ह्ह जान कहाँ थी तुम। कितनी देर लगा दी। देखा मेरा लौड़ा भी इंजतार करते करते थक गया” मामा बोले और उन्होंने अपनी पेंट खोल पर लौड़ा मम्मी के हाथ में दे दिया। उनका लौड़ा सूख गया था। मेरी माँ एक बहुत ही खूबसूरत औरत थी। वो बहुत गोरी चिट्टी मॉल थी और उसका जिस्म बिलकुल भरा हुआ था। दोस्तों मेरी माँ को जब कोई भी मर्द बजार या किसी माल में देख लेता था तो उसका लंड ही खड़ा हो जाता था। वो मेरी माँ को कसके चोद लेने के सपने देखने लग जाता था। इतनी खूबसूरत औरत थी मेरी माँ। उसका जिस्म बिलकुल मक्खन जैसा गदराया हुआ था। और फिगर 36 30 और 32 था। इसी से आप अंदाजा लगा सकते है की वो कितनी झक्कास माल थी।

फिर मेरे मामा से माँ को बाहों में भर लिया और गाल पर किस करने लगे। माँ भी उनको चूमने लगी। फिर दोनों बेड पर लेट गये और चुम्मा चाटी करने लगे। मामा मेरी खूबसूरत माँ के उपर लेटे थे और उसके ताजे ताजे होठो को चूस रहे थे। मेरी माँ बहुत बड़ी वाली चुदक्कड औरत थी। माँ की लौड़ी अपने सगे से सेट हो गयी थी। फिर मामा ने माँ को दोनों बाहों में भर लिया और पेट और कमर पर सहलाने लगे।

“बहना, तेरी चूत में जो नशा मुझे मिलता है वो तो मेरी बीबी की चुद्दी मारने में भी नही मिलता है” टीटू मामा बोले

“क्यों भाभी की चूत कैसी है???” माँ ने किसी रांड की तरह हँसते खिलखिलाते हुए पूछा

“अरे बहन की लौड़ी की चूत बिलकुल छोटी सी सूखी हुई है। लगता है की किसी बकरी की चूत मार रहा हूँ। पर बहन तेरी चूत जब बजाता हूँ तो माँ कसम लंड की मैराथन दौड़ लग जाती है!!” टीटू मामा बोले

“चल चुदाई करते है भाई!!” मेरी माँ किसी देसी चुदासी रंडी की तरह बोली

“चल बहना” मामा बोले

उसके बाद दोनों अपने अपने कपड़े उतारने लगे। मामा ने अपने कपड़े निकाल दिए। और मेरी माँ से अपनी साड़ी और ब्लाउस खोल डाली। ब्रा निकाली तो माँ के 36” के बड़े बड़े दूध मैंने देखे तो मेरा भी लौड़ा खड़ा हो गया था दोस्तों। मैं उस कमरे के बाहर से लॉक वाले छेद से सब काण्ड देख रहा था। मामा मेरी माँ के उपर चढ़ गये। माँ अब सिर्फ पेटीकोट में थी और उपर से नंगी हो गयी थी। माशाअल्लाह क्या मस्त मस्त चूचियां थी माँ की। एक बार तो मेरा दिल करने लगा की आज मैं खुद ही अपनी माँ को चोदकर मादरचोद बन जाऊं। पर मैं ये सब ठुकाई वाले कांड करने के लिए अभी बहुत छोटा था। मुझे तो ये सब देखने में ही बड़ा मजा मिल रहा था। मेरी चुदक्कड अल्टर माँ ने मामा को दोनों बाहों में भर लिया और उनके जिस्म को बार बार सहलाने लगी। उधर मामा भी ऐसा ही कर रहे थे।

दोनों एक दूसरे के जिस्म को सहला रहे थे। फिर मामा ने माँ के रसीले होठो को चुसना फिर से शुरू कर दिया था। दोनों गरमा गर्म चुम्बन लेने लगे तो मामा का सूखा हुआ लंड फिर से खड़ा होने लगा।

“वाह रे बहना!! तेरी जैसी मस्त माल मैंने आजतक नही देखी है। तेरी रसीली चूत दुनिया की सबसे रंगीन और नशीली चुद्दी है” मामा बोले

“बहनचोद!! तो फिर इन्तजार क्यूँ कर रहा है। मुझे कसके चोद ना” मेरी माँ किसी लंड की प्यासी छिनाल की तरह बोली।

टीटू मामा ने मेरी खूबसूरत माँ के हसीन दूध को दाबना शुरू कर दिया। वो जल्दी जल्दी माँ के 36” के मम्मो को हाथ से दबाने लगे। माँ “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” करने लगी। उसे भी अपने बड़े बड़े बूब्स दबवाने में बहुत मजा मिल रहा था। मेरे टीटू मामा माँ के खूबसूरत गोल गोल मुसम्मी जैसे बूब्स को बार बार सहला रहे थे। बूब्स पर हाथ फेर रहे थे और सहला रहे थे। धीरे धीरे माँ पर सेक्स और वासना का गहरा नशा चढ़ रहा था। फिर टीटू मामा ने माँ की रसीली और मदमस्त छातियों को दबाना शुरू कर दिया। माँ सिसकियाँ लेने लगी। उसे बहुत मजा आ रहा था। मुझे नही मालुम था की मेरी माँ मेरे बाप से चुदवाती होगी की नही, पर मामा से चुदाने में उसे खूब मजा मिल रहा था। फिर टीटू मामा पर कामवासना पूरी तरह से हावी हो गयी। वो दोनों हाथों से माँ की एक एक छाती हो दबा रहे थे। मेरी चुदक्कड़ माँ सिर्फ पेटीकोट में थी। उपर से वो पूरी तरह नंगी थी।

आज मैंने पहली बार अपनी माँ को नंगी देखा था। दोस्तों मेरा भी लौड़ा उसे देखकर खड़ा हो गया था। मन कर रहा था की अभी कमरे में घुस जाऊं। टीटू मामा की गांड पर २ लात मारके उसे भगा दूँ, और अपनी माँ को कसके आज चोद लूँ और उसकी गांड भी मार लूँ। दोस्तों मेरा यही मन कर रहा था। उधर मैं दरवाजे के छेद से सारा चुदाई काण्ड देख रहा था। टीटू मामा जोर जोर से माँ के मम्मो को दबा रहे थे और मुंह में लेकर चूस रहे थे। वो इस समय मेरी माँ की दाई भरी हुई चिकनी और बेहद खूबसूरत छाती तो चूस रहे थे। उसका सारा रस पी रहे थे और दूध को जोर जोर से दबा रहे थे। मेरी आवारा माँ “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की आवाज निकाल रही थी। वो अपनी मुसम्मी को मजे से दबवा रही थी और भरपूर मजे ले रही थी।

साफ़ था की मेरी माँ को भी खूब मजे मिल रहे थे। फिर टीटू मामा ने उनकी बायीं छाती को हाथ में ले लिया और तेज तेज दबाने लगे। फिर मुंह में भरके पीने लगे। मेरी माँ चुदास की उतेज्जना में बार बार अपना मुंह खोल देती थी। उसका चेहरा बता रहा था की उसे भी खूब आनंद मिल रहा है। मामा तो मेरी माँ के दूध को ऐसा चूस रहे थे जैसे वो उनकी सगी बीबी हों। फिर माँ बहुत चुदासी महसूस करने लगी और “…..ही ही ही ही ही…….अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह…..उ उ उ…” की आवाज निकालने लगी। माँ ने अपना हाथ नीचे की ओर डाल दिया और मामा के 9” के मोटे लौड़े को पकड़ लिया और जल्दी जल्दी फेटने लगी। अब तो टीटू मामा को सेक्स का नशा और जादा चढ़ गया था। वो जोर जोर से माँ की निपल्स को चूसने लगे और बार बार अपने दांत उस पर गड़ाने लगे। अब तो मेरी माँ और जादा उत्तेजित हो गयी थी।

“ओह्ह्ह्ह माँ… अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह…. उ उ उ…चूसो चूसो….और चूसो…मेरे मम्मो  को…अच्छे से चूसो”  इस तरह मेरी छिनाल माँ चिल्लाने लगी। फिर मामा भी बहुत सेक्सी महसूस करने लगे और दोनों निपल्स को वो जल्दी जल्दी चूसने लगे। दोस्तों ये सारे कांड देखकर मेरा भी लंड खड़ा हो गया था। उसके बाद टीटू मामा ने कोई आधे घंटे तक मेरी माँ की दोनों छातियों को मन भरके चूसा और दांत गडा दिए। मेरी माँ की छातियों पर लाल लाल कई जगह निशान बन गए थे। पर उन्होंने एक बार भी मामा को मना नही दिया था क्यूंकि उनको भी अपने दूध पिलाने में परम सुख मिला था। फिर मामा अब नीचे को बढ़ गए। वो गहरी नजरों से मेरी चुदासी माँ की सेक्सी नाभि को ताड़ने लगे। ओह्ह्ह मेरी माँ की नाभि बहुत सेक्सी थी। मामा उसे वासना की नजर से देखने लगे, फिर उसने ऊँगली करने लगे। उन्होंने अपनी जीभ निकालकर नाभि को चाटना शुरू कर दिया।

मेरी चुदक्कड माँ इधर उधर मचलने लगी और कुलांचे भरने लगी। टीटू मामा तो आज उनके खूबसूरत जिस्म को देखकर पागल हो गये थे। फिर उन्होंने माँ का पेटीकोट का नारा खोल दिया और निकाल दिया। फिर उनकी पेंटी भी निकाल दी। अब मामा मेरी माँ की चूत दे दर्शन करने लगे। माँ की चूत बिलकुल साफ, और सुंदर थी। एक भी झांट का बाल उस पर नहीं था। इस चूत में मामा ने कई बार कसके चोदा था पर जिनती बार वो इस चूत को मारते थे ये और जादा उनकी प्रिय चुद्दी बन जाती थी। टीटू मामा से अपना सीधा हाथ मेरी माँ की चुद्दी पर रख दिया और जल्दी जल्दी सहलाने लगे। मेरी रंडी माँ “आई…..आई….आई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की आवाज निकाल रही थी। कहना गलत ना होगा की उसे भी बड़ा आनंद मिल रहा था।

माँ को अपनी चूत पर साथ घुमाना बहुत अच्छा लग रहा था। फिर मामा ने माँ के भोसड़े में लंड डाल दिया और उसे चोदने लगा। लगा की मामा ने किसी बिजली वाले सोकेट में अपना प्लग जोड़ दिया हो। माँ की चूत बड़ी गदराई हुई थी। मामा ने उस गद्देदार और फूली फूली चूत में अपना लौड़ा सरका दिया था और उसकी बुर का भोग लगाने लगे। मेरी अल्टर माँ ने मारे शर्म के अपनी आँखें बंद कर ली और अपने चेहरे को दोनों हाथो से छुपा लिया। सायद उसे शर्म आ रही थी। मामा उसे पक पक पेलने गे। “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” माँ चिल्ला रही थी। मुझे उसकी आवाजे अच्छी लग रही थी। मामा तेज तेज कमर मटकाकर उसे बजाने लगा। उनका बेड चर्र चर्र की आवाज करने लगा। मेरे टीटू मामा ने मेरी सगी माँ को 50 मिनट नॉन स्टॉप चोदा और चूत में ही झड़ गए। कहानी आपको कैसे लगी, अपनी कमेंट्स नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरुर दे।

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