माँ बेटे की चुदाई की सच्ची कहानी

हेल्लो दोस्तों, नमस्कार, जैसा की आप भी फैन है इस वेबसाइट का तो  में नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम का बहुत बड़ा फैन हूँ। में ज्यादातर भाई बहन और मम्मी की कहानी पढ़ता हूँ। जिससे मुझे भी अपनी मम्मी को चोदने का मौका मिला, इसलिये आज में अपना अनुभव शेयर करने जा रहा हूँ, जो कि मेरी मम्मी के साथ हुआ। ये एकदम सच्ची घटना है और मेरी कहानी पसंद आये, तो मुझे मेल करे। मेरा नाम कमलेश है और में 20 साल का हूँ। में प्राइवेट बी.कॉम कर रहा हूँ। मेरी फेमिली में 3 मेंबर है, मेरे पापा, मम्मी और में। मेरे पापा सरकारी कर्मचारी है। पैसों के मामले में मेरा परिवार अच्छा ख़ासा है। मेरी मम्मी का नाम सावित्री है और वो 40 साल की है और वो हमेशा साड़ी पहनती है, मेरी मम्मी एकदम सेक्सी औरत है। 40 की उम्र में वो 32-33 की कामुक महिला लगती है और उनके बूब्स का साईज़ 38 है, जो कि मुझे बाद में पता चला और जब वो चलती है, तो उनकी गांड देखकर मेरा 6 इंच का लौडा एकदम खड़ा हो जाता है और मम्मी की चुदाई करने का मन करता है।
मेरे पापा का नाम नरेश है और वो 43 साल के है। ये कहानी आज से 2 महीने पहले की है। मेरे घर में मम्मी पापा ग्राउंड फ्लोर पर रहते है और में फर्स्ट फ्लोर पर, एक रात मुझे टॉयलेट लगी, तो में ग्राउंड फ्लोर पर टॉयलेट करने आया और टॉयलेट ग्राउंड फ्लोर पर था। तब मुझे मम्मी पापा के कमरे से कुछ आवाज़ सुनाई दी। मैंने पास जाकर सुना, तो वो मम्मी की सिसकारियों की आवाज़ थी। मुझे पता चल गया कि मम्मी पापा चुदाई कर रहे है, मेरा लौडा भी एकदम खड़ा हो गया और टाईट हो गया। मेरा मन उनकी चुदाई देखने का हुआ, तो मैंने चुपके से खिड़की से देखा कि अंदर एक ज़ीरो वॉट का बल्ब जल रहा था और हल्की रोशनी थी, पर देखने के लायक काफ़ी थी, जैसे ही मैंने अंदर देखा, तो दंग रह गया। पापा मम्मी की चूत में उंगली कर रहे थे और मम्मी सिसकारियाँ भर रही थी, आआहह मर गई। मेरे राजा बड़ा मज़ा आ रहा है, आहहह। सबसे ज़्यादा तो में ये देखकर दंग रह गया कि मम्मी ने एक मिनी स्कर्ट पहन रखी थी और एक ट्रान्स्परेंट टॉप जीन्स, मम्मी को में आज तक साड़ी में देखता आया था, वो मिनी स्कर्ट में बहुत ही सेक्सी लग रही थी।
फिर 5 मिनट तक पापा मम्मी की चूत में उंगली करते रहे। फिर पापा ने धीरे धीर मम्मी की स्कर्ट निकाल दी और फिर टॉप भी उतार दिया। मम्मी को पूरा नंगा देखते ही मेरी हालत खराब हो गई। फिर पापा ने मम्मी को डॉगी स्टाइल में किया और अपना लौडा मम्मी की गांड में डाल दिया। पापा का लौडा लगभग 5 इंच का होगा। लौडा अंदर जाते ही मम्मी को शुरू में थोड़ा दर्द हुआ और फिर वो मज़े लेने लगी और सिसकारियां भरने लगी, आआहहह मार डाला तुमने। मेरे राजा कितना मज़ा आ रहा है और चोद इस रंडी को, चोद मुझे में एक रांड हूँ, आहह आहहहहह चोद दे मुझे और फिर 5 मिनट तक चोदने के बाद पापा झड़ गये, लेकिन मम्मी की प्यास अभी बुझी नहीं थी।
पापा थककर बेड पर लेट गये। फिर मम्मी ने कहा कि अभी तो मेरी चूत की बारी है, उसे और शांत करो। पापा कहने लगे कि अब तेरी चूत नहीं मारूँगा, तेरी चूत मारने में अब मज़ा नहीं आता, सिर्फ़ गांड मारा करूँगा। तब मम्मी ने कहा कि क्या आप भी ना, 4 महीनों से मेरी गांड ही मार रहे हो, गांड को तो मार मारकर फाड़ दिया और मेरी चूत प्यासी ही रह जाती है, इसे शांत करने के लिए मोमबत्ती डालनी पड़ती है। फिर पापा ने कहा कि बुरा क्यों मान रही हो मेरी जान, तेरे लिए तो इतने मॉडर्न कपड़े लाता हूँ, जिसमें टू औरत से लड़की जैसी लगती है, इसे पहनकर तुझे मज़ा नहीं आता। तब मम्मी बोली कि कहाँ का मज़ा सिर्फ़ रात में चुदाई के वक़्त ऐसे छोटे कपड़े पहनती हूँ। दिन में तो पहन नहीं सकती और मन तो बहुत करता है, पर कमलेश जो रहता है, वो अपनी मम्मी को ऐसे कपड़ो में देखकर क्या सोचेगा, वरना मेरा बस चले, तो पूरे दिन बिकनी में घूमती रहूँ।
फिर पापा ने कहा कि चिंता मत कर मेरी रंडी, किसी दिन कमलेश को तेरे मामा के यहाँ भेज देते है, तब पूरे दिन घर में अपना नंगा बदन लेकर घूमना। उस दिन तुझे पूरे दिन चोदूंगा और कल तेरे लिए कुछ और मॉडर्न सेक्सी कपड़े लाता हूँ। फिर पापा सो गये और मम्मी अपनी चूत में मोमबत्ती डालने लगी और सिसकारियां भरने लगी। उसके बाद में सीधा अपने कमरे में गया और मम्मी को सोचकर 3-4 बार मूठ मारी। उस रात अगले दिन मैंने मम्मी को चोदने का प्लान बनाना स्टार्ट किया। मुझे पता था कि पापा ने मम्मी की चूत कई महीनो से नहीं मारी, तो मम्मी को भी चूत मरवाने का मन करता होगा। दोपहर में खाना खाने के बाद मम्मी और में टी.वी. देख रहे थे और टी.वी. में गाने आ रहे थे। मैंने मम्मी से कहा कि मम्मी ये फ़िल्मो में हिरोइन ऐसे मॉडर्न कपड़े पहनती है और आजकल की लड़कियां भी सब ऐसे ही कपड़े पहनती है, तो आप कभी मोर्डन कपड़े ट्राई क्यों नहीं करती, हमेशा साड़ी में रहती हो।
फिर मम्मी ने कहा कि तू पागल हो गया है। अब इस उम्र में आकर तू मुझे जीन्स स्कर्ट पहनने को कह रहा है। फिर मैंने कहा कि मम्मी आपकी उम्र भले ही 40 हो, लेकिन आप अभी भी एक लड़की लगती हो। मम्मी शरमाते हुए बोली कि झूठ बोलने के लिए में ही मिली हूँ तुझे। मैंने कहा कि झूठ नहीं, सच कह रहा हू। मम्मी ने कहा कि शादी से पहले तो में ऐसे छोटे कपड़े पहना करती थी, लेकिन शादी के बाद से नहीं। फिर मैंने कहा कि मम्मी मैंने आपकी अलमारी में मिनी स्कर्ट्स देखी थी। दोस्तों में जान गया था कि पापा के लाये हुए कपड़े मम्मी ने अलमारी में रखे होगें, क्योंकि मम्मी अपने सारे कपड़े अलमारी में रखती थी, इसका मतलब में क्या समझूँ। मम्मी एकदम चोंक पड़ी और बोली कि अरे वो तो तेरे पापा मेरे लिए लाये थे, पर में पहनती नहीं और तू बड़ा ताक झाँक करने लगा है मेरे कमरे में। मैंने कहा कि नहीं मम्मी वो तो उस दिन यूँ ही। फिर मम्मी ने कहा कि चल ठीक है, पर आगे से मत करना। मैंने कहा ठीक है मम्मी। फिर में मम्मी से बोला कि अगर आपके लिए कपड़े लेकर आये है, तो आप पहनती क्यों नहीं? फिर मम्मी बोली कि मन तो करता है, पर इस उम्र में शर्म आती है, तेरे सामने ऐसे कपड़े पहनने में और फिर तू क्या सोचेगा मेरे बारे में।
में बोला कि मम्मी ऐसी कोई बात नहीं और ये तो आजकल का फैशन है, अगर आपका मन करता है, तो पहन लिया करो मुझे कोई ऐतराज नहीं और अगर आप चाहे, तो मुझे पहनकर दिखा सकती है। तब मम्मी बोली कि हट पगले, अब जा और मुझे आराम करने दे। फिर उसके बाद में चला गया और मम्मी को गर्म करने की आगे की प्लानिंग बनाने लगा। उसके बाद मुझे मम्मी को गर्म करने में कोई सफलता नहीं मिली। में जब भी मम्मी से कहता कि मुझे पापा के लाये हुए कपड़े पहनकर दिखाओ ना, तो मम्मी मना कर देती थी, मेरे ज़्यादा फोर्स करने पर मम्मी मुझे डांट भी देती। फिर ऐसे ही एक महीना बीत गया, दो दिन बाद मम्मी की शादी की सालगिरह थी। फिर तो मैंने पक्का सोच लिया था कि उस दिन तो मम्मी को चोदकर ही रहूंगा।
फिर सालगिरह वाले दिन मम्मी पापा ने एक दूसरे को विश किया और फिर पापा काम पर चले गये। मैंने सुबह ब्रेकफास्ट के बाद मम्मी के कमरे में जाकर उन्हे विश किया और कहा कि मम्मी आज तो ये साड़ी मत पहनो, आज तो पापा की लाई हुई मॉडर्न ड्रेस पहनो। मम्मी कहने लगी कि तू फिर इसी बात पर आकर अटक गया। मैंने कहा कि मम्मी प्लीज़, आज तो पहन लो। आज आपकी शादी की सालगिरह है, अगर आज भी नहीं पहनोगी, तो फिर उन्हे लाने का क्या फायदा और फिर आपने भी कहा कि मेरा भी मन करता है मॉडर्न ड्रेस पहनने का, मेरे ज़्यादा कहने पर मम्मी मान गई और कहने लगी कि पापा को मत बताना। फिर मम्मी ने अपनी अलमारी खोली और में उसमे देखकर चोंक पड़ा, एक तरफ तो साड़ी थी और दूसरी तरफ मिनी स्कर्ट्स, जीन्स, टॉप्स यहाँ तक की बिकनी भी थी। दोस्तों ये कहानी आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
फिर मैंने मम्मी को बिकनी पहनने को कहा, तो मम्मी ने मना कर दिया और बोली कि अब तू बाहर जा। फिर में बाहर आ गया, मेरी साँसे तेज़ होने लगी, मुझे लगने लगा कि आज काम बनने वाला है। फिर 10 मिनट बाद मम्मी ने आवाज़ लगाई, जैसे ही में अंदर मम्मी के रूम में गया, तो अपनी मम्मी को मिनी स्कर्ट्स में देखकर मेरा तो बुरा हाल हो गया और मेरा 6 इंच का लौडा फनफनाने लगा और पेंट में तंबू बनकर खड़ा हो गया। मम्मी की गोरी नंगी जांघे एकदम मस्त लग रही थी, जी तो कर रहा था कि अभी जाकर चोद दूँ इस साली रंडी को, जिसने इतने महीनो से तड़पा रखा है। फिर मैंने किसी तरह उसको कंट्रोल किया। फिर मम्मी ने मुझसे कहा कि में कैसी लग रही हूँ, तो मैंने कहा कि आप एकदम सेक्सी लग रही हो। आज आप इस ड्रेस को पूरे दिन घर में पहनना और हम आपकी शादी की सालगिरह सेलीब्रेट करेंगे। मम्मी ने कहा कि ठीक है, तो बाजार से जाकर केक ले आया और मम्मी से केक काटने को कहा। मम्मी ने कहा कि अभी तेरे पापा को तो आने दे। मैंने कहा कि पापा जब आयेंगे, तो एक केक और काट लेंगे, फिलहाल तो ये काट लो। फिर मम्मी केक काटने लगी और में अपने मोबाइल से मम्मी के फोटो लेने लगा, मम्मी ने मुझे केक खिलाया और मैंने भी। फिर मैंने मम्मी को बिकनी पहनने के लिए कहा, तो मम्मी ने मना कर दिया कि मुझे शर्म आती है इतनी छोटी ड्रेस पहनने में, मेरे ज़्यादा कहने पर मम्मी मान गई और कहा कि ठीक है तू बाहर जा।
फिर में रूम के बाहर आ गया, 5 मिनट बाद मम्मी बाहर आई, तो उन्हे देखकर मेरा बुरा हाल हो गया। उन्होने 2 पीस पीले कलर की स्ट्रिंग वाली बिकनी पहन रखी थी। मम्मी का नंगा बदन देखकर में काबू में नहीं रहा और मम्मी की फोटो लेने लगा, मम्मी मना करने लगी। मैंने कहा कि आप रोज़ रोज़ तो बिकनी पहनोगी नहीं, जब मेरा मन करेगा तब आपकी फोटो देख लिया करूँगा। मम्मी ने कहा कि में इतनी अच्छी लगती हूँ तुझे। फिर मैंने हाँ बोला और मम्मी को बेड पर लेटने को कहा और मम्मी की फोटो लेने लगा। मम्मी को ऐसी हालत में देखकर में कंट्रोल खो बैठा और मम्मी के गले लग गया और कहने लगा कि मम्मी आप बड़ी सेक्सी लग रही है और मम्मी को जोरदार किस करने लगा। मम्मी पीछे हटी और कहने लगी, ये क्या कर रहा है? में तेरी मम्मी हूँ। मैंने कहा कि मम्मी आप मुझे बहुत सेक्सी लगती हो, में आपसे प्यार करता हूँ और आपके साथ सेक्स करना चाहता हूँ। मम्मी बोली तू पागल है क्या? ये पाप है, मम्मी बेटे ऐसा नहीं कर सकते, सुधर जा वरना अभी तेरे पापा को बताती हूँ।
फिर में बोला कि मम्मी और आप भी तो यही चाहती है। मैंने देखा है कि रात को पापा आपकी सिर्फ़ गांड मारते है चूत नहीं, आपका भी तो चूत मरवाने का मन करता होगा, प्लीज़ मान जाओ और मैंने अपना खड़ा लौडा बाहर निकालकर मम्मी के सामने रख दिया और कहा कि देखो क्या हाल बना दिया है आपने इसका, मम्मी लौडा को देखती ही रह गई। फिर मम्मी बोली कि तू अपने कमरे में जा और मुझे सोचने दे। फिर में ऊपर अपने कमरे में आ गया, मुझे लगा कि काम लगभग बन गया। आधे घंटे बाद मम्मी मेरे कमरे में आई और बोली कि चल ठीक है, लेकिन अपने पापा को ये बात मत बताना, मेरा खुशी से ठिकाना नहीं रहा। फिर मैंने मम्मी को बिस्तर पर पटका और किस करने लगा। मम्मी भी बड़ी हवस के साथ मेरा साथ दे रही थी। फिर मैंने धीरे धीरे मम्मी की बिकनी उतार दी और मम्मी ने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए।
फिर मैंने मम्मी को लौडा चूसने को कहा और मम्मी मेरा लौडा मुँह में लेकर बड़े मज़े से चूसने लगी। तभी में बड़बड़ाने लगा कि चूसो मम्मी और चूसो मेरा लौडा, बड़ा मज़ा आ रहा है, आआहहहह चूसो और तेज़ आआहहाह। आपने कहाँ से सीखा इतना बढ़िया लौडा चूसना। मम्मी बोली कि ये तेरे पापा की कृपा है और तू मुझे आज से मम्मी मत बोला कर, मुझे सावित्री कहकर बुलाया कर, आज से में तेरी सावित्री रंडी हूँ। में एक रांड हूँ, में भी फिर तेज़ तेज़ आवाज़ में बोलने लगा, चूस मेरा लौडा, सावित्री रंडी, चुदक्कड़ औरत चूस, भोसड़ी वाली मेरी रंडी, चूस। 5 मिनट बाद में झड़ गया और मम्मी के मुँह में ही सारा पानी निकाल दिया। फिर मम्मी के बूब्स की बारी आई, उन्हे में बेसब्री के साथ चूसने लगा, क्या मोटे मोटे बूब्स थे, में तो जैसे जन्नत की सेर कर रहा था। फिर मम्मी ने सेक्सी आवाज़ में कहा कि अब और इंतज़ार मत करवा मेरे राजा, चोद दे मुझे। इस रंडी की चूत कब से लौडा की प्यासी है। इसकी तड़प मिटा दे और अब और देर ना कर।
फिर मैंने अपना लौडा मम्मी की चूत पर रखा और अंदर डालने लगा। लौडा अंदर नहीं जा रहा था, तो मम्मी ने कहा कि अभी तू बच्चा है एक ज़ोर का झटका मार। फिर मैंने बहुत ज़ोर लगाया और लौडा आधा अंदर चला गया। मम्मी एकदम चीख पड़ी, मर गई। मैंने कहा कि थोड़ी देर रुक जाऊं, तो मम्मी बोली कि नहीं, मेरे राजा तू रुक मत, दर्द में ही तो मज़ा है। ये मेरी चुदक्कड़ चूत बहुत दिनों से चुदी नहीं है, इसलिये फड़फड़ा रही है, तू चोदना चालू रख। मैंने भी फिर तेज तेज धक्के मारने स्टार्ट किये, चुदते हुए मम्मी बोल रही थी कि चोद मेरी चूत को फाड़ डाल, बना दे इसका भोसड़ा। साली महीनो से चुदी नहीं है, यहहहहहा हहा हाईईई, कितना मज़ा आ रहा है। इतना मज़ा तो तेरे पापा भी नहीं देते, बड़ा अच्छा चोद रहा है तू, अहहहः मर गई, चोद इस रंडी को चोद मादरचोद, हे भगवान में कैसी मम्मी हूँ, जो अपने बेटे से चुदवा रही है, आआहहह ऑश आहहाह मर गई अहाहह।
फिर मैं भी धक्के मारते हुए बोलने लगा कि हाँ मेरी रंडी सावित्री आज तेरी चूत का भोसड़ा बना दूँगा। बड़ी चुदास उठी है ना तुझे, रंडी, बहन की लोड़ी ले चुदवा अपने बेटे से आहहहह सावित्री मेरी सावित्री मेरी रंडी सावित्री, अहहाः कितनी सेक्सी है तेरी चूत मारने में बड़ा मज़ा आ रहा है, मेरी सावित्री रंडी। मम्मी का नाम लेकर चोदने में मुझे और भी मज़ा आने लगा। फिर 10 मिनट तक चोदने के बाद में झड़ने वाला था, तो मम्मी ने कहा कि मेरी चूत में ही झाड़ दे। मैंने ऑपरेशन करवा रखा है कुछ नहीं होगा। फिर मैंने मम्मी की चूत में ही झाड़ दिया। फिर 30 मिनट तक मेरी रंडी सावित्री और में चुम्मा चाटी करते हूऐ एक दूसरे के जिस्म से लिपटे रहे और सिसकारियां भरते रहे। फिर मेरा लौडा दोबारा खड़ा हुआ। फिर मैंने दोबारा सावित्री को चोदने को बोला, तो सावित्री बोली कि ऐसे नहीं थोड़ा अलग अंदाज़ में करते है और आज मेरी शादी की सालगिरह है और हम दोनों की सुहागरात भी, अब तू मेरा पति बनकर मुझे चोदेगा। तू यही रुक और आधे घंटे में मेरे कमरे में आ और मुझे बड़ा मज़ा आने लगा, में आधे घंटे तक नंगा ही लेटा रहा। फिर में मम्मी के कमरे में गया और देखा, तो मम्मी दुल्हन बनकर बेड पर बैठी है।
मेरी रंडी मम्मी सावित्री ने लाल कलर की साड़ी पहनी है, जिसे उसने अपनी शादी के दिन पहनी थी। में बेड पर गया और मम्मी को बोला कि मेरी रंडी सावित्री कितनी सेक्सी लग रही है तू और मम्मी को किस करने लगा। 5 मिनट तक चिपका चिपकी चलती रही। फिर मैंने मम्मी की साड़ी निकाल दी और फिर ब्लाउज और फिर पेटीकोट का नाड़ा भी खोल दिया, अंदर मम्मी ने एक नई बिकनी पहन रखी थी। मैंने वो भी उतार दी, अब मैंने मम्मी की गांड मारने को कहा, तो मम्मी ने कहा कि अभी गांड नहीं, अभी तो मेरी चूत की प्यास भी नहीं बुझी है, पहले मेरी चूत मार। फिर मम्मी मेरे ऊपर आ गई और मेरे लौडा पर अपनी चूत रखकर बैठ गई और ऊपर नीचे होने लगी। मम्मी के बूब्स हवा में ऊपर नीचे होते हुये बड़े सेक्सी लग रहे थे। 5 मिनट तक ऐसे ही चोदने के बाद मैंने मम्मी को नीचे किया और अपने धक्को की स्पीड बढ़ा दी।
मम्मी की चीख निकलने लगी, आहाह मार डाला मादरचोद भोसड़ी के मर गई में। फिर में भी बोलने लगा कि और चुदवा रंडी सावित्री मुझसे, बहन की लोड़ी, बड़ी प्यासी थी ना तेरी चूत, ले अब इससे शांत करता हूँ ले भोसड़ीवाली ले रंडी बहनचोद चुदक्कड़ रांड। फिर धीरे धीरे मम्मी को और मज़ा आने लगा और बोलने लगी, हाय राम कितना मज़ा आ रहा है अपने बेटे से चुदवाने में, चोद डाला अहहा चुद गई सावित्री अहहहः चोद अहहहः मिटा दे जन्मो की प्यास, मेरे राजा में तेरी रंडी मम्मी हूँ। आज से तेरी रंडी सावित्री आई लव यू बेटा और में भी कहने लगा कि आई लव यू टू मेरी रंडी, अहहहा ओाहहः कितना मज़ा आ रहा है, अपनी रंडी मम्मी को चोदने में, सावित्री, मेरी प्यारी सावित्री, मेरी जान, मेरी रंडी सावित्री। 10-12 मिनट तक चोदने के बाद में झड़ गया, मम्मी भी 2 बार झड़ चुकी थी। फिर मैंने मम्मी को घोड़ी बनाया और उनकी गांड मारने लगा। मेरी रंडी मम्मी सावित्री की गांड चूत से भी ज़्यादा टाईट थी। उसे चोदने में और भी मज़ा आने लगा, तभी तो पापा मम्मी की सिर्फ़ गांड ही मारते थे और फिर भी मम्मी को बड़ा दर्द हुआ।
इस बार तो वो कहने लगी कि आराम से चोद अपनी रंडी सावित्री को, तेरा लौडा तेरे बाप से बहुत मोटा है। फिर में मम्मी को धीरे धीरे चोदने लगा। मम्मी भी लगातार सिसकारियां भर रही थी, सावित्री आऊहाहहः चोद डाला, ओाओआहाए राम। मैंने अपने बेटे से ही चुदवा लिया, कैसी रंडी मम्मी हूँ में हहह ओआहहो मर गई, बड़ा मज़ा आ रहा है अपने बेटे से चुदवाने में अहहाह। फिर थोड़ी देर बाद में फिर से झड़ गया और बुरी तरह थक गया। 1 घंटे तक हम ऐसे ही नंगे पड़े रहे तो मम्मी ने कहा कि मेरी आज तक ऐसी चुदाई नहीं हुई, आज का जितना मज़ा कभी नहीं आया, लव यू बेटा। फिर मैंने भी कहा कि मुझे भी बड़ा मज़ा आया, मेरी रंडी लव यू टू सावित्री। उसके बाद हमने कपड़े पहन लिए। मैंने मम्मी से कहा कि मम्मी अब आप घर में बिकनी मिनी स्कर्ट्स ही पहना करो, तो मम्मी भी खुश हो गई।
फिर मम्मी ने एक मिनी स्कर्ट और टी-शर्ट डाल ली, शाम को पापा आये और मम्मी को स्कर्ट में देखकर बड़े खुश हुये और बोले कि क्या हुआ आज मिनी स्कर्ट, तो मम्मी ने कहा कि आज हमारी शादी की सालगिरह जो है। फिर डिनर के बाद मम्मी पापा अपने कमरे में चले गये और में भी सो गया। उसके बाद मम्मी रात को पापा से गांड मरवाती है और दिन में उनकी चूत मारता हूँ। घर के बाहर वो मेरी मम्मी है और घर के अंदर वो मेरी रंडी है

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