मन्दाकिनी का मस्त चोदन 6

बिना पैसो के मैं इस छिनार को भी कोई गिफ्ट नही दे पाउँगा। मैं अचानक से पैसो की बड़ी जरुरुत महसूस करने लगा। सुबह 8 बजे अब लोगो की नींद टूटी।
ऐ प्रकाश, देख तो रांड का छेद कितना बड़ा हो गया है? मैंने पूछा
प्रकाश ने पता लगाया।
भाई बहुत बड़ा हो गया है। तूने मस्त चुदाई की है इस रांड की! प्रकाश बोला।
मुझे ख़ुशी हुई। ना सही पढाई में, कम से कम चुदाई में तो मेरा परफॉर्मेन्स अच्छा है। मैं भी सर्वे करने गया तो देखा मन्दाकिनी की बुर पहले से बड़ी हो गयी है। बुर के ओंठ अब पुरे 2 खुल चुके है। लगता है की काफी चूड़ी है। गांड का छेद भी अच्छा खासा बड़ा हो गया है। कोई और लौंडा देखता तो कहता की खूब गांड मराई है इस छिनार ने।

मैं अपनी टी शर्ट और लोवर फंटज़ हूँ और किचेन में जाकर कॉफी बनाता हुई। तीनो कॉफी पिटे है।
तुझे मजा आया रात को? प्रकाश पूछता है।
मन्दाकिनी एक बार फिर शरमा जाती है। वो कुछ नही कहती और दूसरी तरफ देखने लग जाती है। यह उसका कोड हो गया है। क्योंकी कोई भी हिंदुस्तानी लौंडिया अपने मुँह से नहीं कहेगी की कल रात चुदाई में मुझे बड़ा मजा आया।

दर्द तो नही हो रहा है? मैंने मन्दाकिनी से पूछना हूँ। मुझे उसकी फिक्र है।
नहीं  वो धीरे से कहती है।
मुझे सन्तोष मिलता है। मन्दाकिनी अब मेरी और प्रकाश की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। प्रकाश सिगरेट सुलगाता है। मैं भी पिता हूँ और मन्दाकिनी भी पिटी है।
जब तेरे बच्चा हो तू सिगरेट मत पीना  मैं कहता हूँ।

3 महीनो बाद प्रकाश को काल सेंटर में जॉब गयी। ये इंटरनेशनल नही बल्कि देसी काल सेंटर था। प्रकाश की इंग्लिश कमजोर थी इसीलिए उसका इंटरनेशनल में नही हो पाया। अब प्रकाश को 12 हजार मिलने लगी। मन्दाकिनी ने एक फर्म में अकाउंटेंट की जॉब कर ली। पर मैं इंटरवीएव पर इंटरवीएव देता गया। कहीं जॉब नही मिली। कहीं जॉब नहीं मिली। सब यही कहते की काल करके बाद में बताएंगे।

इस दौरान मन्दाकिनी के पापा के शारीर में कैन्सर हर जगह फैल गया। डॉक्टरों ने बताया की कीमोथेरपी करनी होगी। और 6 7 लाख का खर्च आएगा। मन्दाकिनी की माँ मुझसे रोकर अपना हाल सुनाने लगी। मैं भी रोने लगा। मन्दाकिनी को मात्र 5 हजार ही मिलते थे क्योंकि उसको एक्सपेरिंस नहीं था। इन पैसो से कुछ नही होने वाला था। 6 7 लाख जमा करना बड़ी बात थी।

मन्दाकिनी और मैं दोनों परेशान थे। इस और मैं प्रकाश से मिलने उसके किराये के घर पर गया। प्रकाश बिहार से था और कमर लेकर अकेले ही रहता था। उसने मन्दाकिनी का हाल पूछा। उसने बताया की उसकी साथ के लड़के जो काल सेंटर में काम करते है चुदाई के लिए लड़कियां 5 हजार रात पर लाते है। अगर वो चाहे तो मन्दाकिनी पैसा कमा सकती है।

हाँ यार! तू अपने दोस्तों से बात कर। मन्दाकिनी पैसे के लिए कुछ भी करेगी। वो अपने पापा को हर हाल में बचाएगी। वो उनको मरने नही देगी। सन्डे वाले दिन बात तय हुई। 5 लड़कों से बात हुई। सब 1 1 हजार देंगे पर पुरी रात मनंदाकिनी को चोदेंगे। प्रकाश के कमरे पर ही मन्दाकिनी अपना धनधा करेगी।

मन्दाकिनी ने अपने माँ से बताया की क्लोजिंग होने वाली है। रात भर काम करना है। उसे लेकर मैं शनिवार की रात ठीक 9 बजे प्रकाश के कमरे पर आ गया। सारे लड़के लम्बे चौड़े थे। सरे जीन्स टी शर्ट पहने थे। मुझे काफी ख़राब लग रहा था। सब बारी 2 मेरी मोहब्बत मेरे प्यार को चोदेंगे। ये बड़ी बात थी। पर हमे पैसे चाहिए थे। और कोई भी किसी को अपना पैसा फ्री में नही देता है।

ये दुनिया पैसे ने चलती है। पैसा नही तो कुछ भी नही। 5 में से 3 लड़के  सुशिल, रोशन, रवि तो बिहार से ही थे। 2 लड़के यूपी से थे। मेरी छिनार आज असली छिनार बन जाएगी। मैंने सोचा। सुशिल पहलवान टाइप था, बोला की लड़की को पंचो एक साथ चोदेंगे। मैंने कहा की नहीं बारी 2 से चोदोगे। ये कोई जीबी रोड की रण्डी नही है। बस पैसो की जरूरत है इसलिए ये काम कर रही है। मंजूर नही तो मैं लड़की को लेकर जा रहा हूँ।

वो मन गए। सबने मन्दाकिनी से नमस्ते किया। मन्दाकिनी ने धीरे से सर हिलाया। सारे लड़के लॉबी में आ गए। उन्होंने आपस में तय कर लिया था की बारी 2 एक लड़का कमरे में जाएगी और मन्दाकिनी को चोदेगा। सामूहिक चुदाईं के लिये मैंने मना कर दिया था। सुशिल जो पहलवान टाइप था सबसे पहले अंदर गया। बाकि सब बाहर लॉबी में आ गए।

मैं भी बाहर आ गया। कैसी मन्दाकिनी चुद रही होगी मैं सोचने लगा। मैं बेचैन हो उठा था पहली चुदाई में। ये बहुत गलत काम था। हमलोगों को पुलिस भी पकड़ सकती थी। पर जिंदगी में रिश्क तो लेना ही होता है। करीब 40 मिनट बाद सुशिल मन्दाकिनी को छोड़कर निकला। मैं मन्दाकिनी ने मिलने गया। वो ठीक थी। उसने बताया की सुशिल ओंठ पर चुम्मा मांग रहा था। उसने नहीं दिया।

मैंने बाकी चारों से कह दिया की ओंठ छोड़कर वो कहीं भी चुम्मा ले सकते है। लण्ड भी चुसवा सकतें है। फिर रोशन गया। गाण्डू ने इतना लण्ड चुसवाया की चोदन शूरू करतें ही 2 मिनट में आउट हो गया। सब लड़के हसने लगे। बाकि लड़के कोई 30 मिनट में आउट हुआ, कोई 50 मीनट में। कोई 20 में तो कोई 15 मिनट में। पहले राउंड में सबसे बढ़िया चुदाई शुशील पहलवान ने की थी।

मन्दाकिनी ने आधे घण्टे का ब्रेक लिया। वो बाथरूम जाकर मुतवूत ली। दूसरे राउंड फिर शूरू हुआ। चुदाई सुरु हुई। इस बार रोशन ने मन्दाकिनी से लण्ड नही चुसवाया। सीधे चोदने लगा। जैसे ही झड़ने वाला होता तो गाण्डू लौड़ा की मन्दाकिनी की मशीन से निकाल लेता। बड़ा चालक निकल ये दुबला पतला लौंडा। मदरचोद ने मन्दाकिनी को किसी बाजारू रण्डी की तरह ढेड़ घण्टे तक चोदा।

ओ माँ! ओ माँ! मर जाउंगी! मर जाउंगी!  की मादक आवाजों ने कमरा गूंज उठा। मैं खुश हुआ। एक तो मन्दाकिनी जिंदगी के मजे लूट रही थी, और दूसरी ओर पैसे भी कमा रही थी।
जब रोशन बाहर आया तक पसीने से भीगा था। सभी ताली बजाने लगे। घड़ी की सुई आगे बढ़ती रही और मन्दाकिनी नये 2 लण्ड खाती रही। मैं डाइनिंग टेबल पर ही सो गया।

सुबह आठ बजे सभी लड़कों ने अपने 2 पर्स ने एक एक हजार दे दिए। मैं 5 हजार रूपए 2 बार गिन कर अच्छी तरह गिन कर अपने पर्स में रख लिए। बाहर जाकर मैं मन्दाकिनी को 10 हरे 2 पांच सौ के नोट पकड़ाए। उसने चुप 2 ले लिए। उसे मैंने बाइक पर बैठाया। मन्दाकिनी ने अपना मुँह में काला स्टाल बँधा ताकि कोई उसे पहचान ना सके। उसे मैं उसके घर छोड़ आया।

ईमानदार मन्दाकिनी ने 5 हजार अपनी माँ को दे दिए। और बताया की उसे सलरी मिली है। अगली सनिवार को मिल प्रकाश ने मुझे फोन किया। और कहा की लड़के फिर मन्दाकिनी को चोदना चाहते है। मैं  रात के अँधेरे में फिर मन्दाकिनी को लेकर चला।
मन्दाकिनी तुझे कोई दिक्कत तो नही होती है   मैंने पूछा।
नहीं  वो बोली। वो बहुत सिरियस थी।

अगली सबह 5 हजार फिर मिले। मन्दाकिनी ने 500 का एक नोट मुझे दिया। मैंने चुपचाप लें लिया। क्योंकि मुझे फ़ोन में बैलेंस भरवाना था और जेब में एक भी पैसा नही था।
राशिद 7 लाख जमा हो जाने के बाद मैं ये काम बन्द कर दूंगी  वो बोली
ठीक है   मैंने कहा।

1 महीने में मन्दाकिनी ने 20 हजार कमाकर अपनी माँ को दिए। उसने बताया की उसकी सैलरी बढ़ गयी है। माँ जी को जरा भी खबर नही थी वो 20 हजार उनकी लौंडियाँ की रात रात भर चुदाई का पैसा है। कुछ दिनों बाद मुझे एक बढ़िया ऑफर मिला। एक बड़ी राजनितिक पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष लखनऊ 1 हफ्ते के लिये आ रहा था। यूपी में चुनाव होने वाले थे और मन्त्रीजी को अपनी पार्टी को यूपी में मजबूत करना था। मुझे ऑफर मिला की यह हफ्ते के लिए 2 हसीं लौण्डिया चाहिए। 1 लाख मिलेंगे।

मैंने तुरंत प्रकाश से बात की। उसकी गिरलफ्रेंड भी गरीब घर से थी। वो भी धन्धे के लिए तैयार हो गयी। मंत्री जी बड़े पावरफुल आदमी थे। केशव प्रकाश प्रजापति नाम था उनका। 5 आदमियों के बराबर तोंद थी उनकी। दिन पर रैली, भासण, पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलना होती साम को आराम, भोजन और चोदन होता। मन्त्रीजी की कारो के काफिले से मुझे एक स्विफ्ट डिजायर मिल गयी थी। कार में मैं, मंददकिनी, और गीता सारा दिन घूमते थे।

एक सफ़ेद ड्रेस वाला ड्राईवर भी मिला था। मन्त्रीजी ने अपना देबितकयार्ड दे दिया था। पुरे दिन हम शॉपिंग मॉल्स के घूमते, मुल्टिप्लेक्सेस में घूमते और महंगे रेस्टोरंट में घूमते। पहली रात मैं लड़कियों को लेकर होटल में गया ताज होटल। 23 साल की मन्दाकिनी  और 24 साल की गीता को देखकर मन्त्रीजी के मुँह में पानी आ गया। तुरन्त मेरी ओर 20 हजार की गद्दी फेकी और सुबह आने को कहा।

जैसे आपका हुकुम मन्त्रीजी!  मैं हसकर कहा और वहां से दफा हुआ। 20 हजार की हरी 2 गद्दी की खुसबू को मैंने सुंघा। सच में कितनी अच्छी होती है नए 2 छपे महात्मा ग़ांधी की तस्वीर वाले ये नोट।
यहाँ आओं बच्चियों? क्या नाम है तुम्हारा? मन्त्रीजी ने बड़े प्यार से मन्दाकिनी का हाथ पकड़ पूछा।
मैंने मन्दाकिनी को आज काली सारी और गीता को लाल सारी पहनाई थी। मन्त्रीजी पुराने खयालात के थे, इसलिए साडी में लड़कियां की डिमांड की थी। मैं अब मन्दाकिनी और गीता का दलाल बन चूका था।

मन्त्रीजी को पहली बार में मेरी प्यार मन्दाकिनी ही पसंद आये। वो चीज ही ऐसी था। ऐसा मॉल था की उसे देखकर छक्के का लण्ड भी खड़ा हो जाए। अपनी बाँहों में भरके वो मन्दाकिनी के बालों में लगे बेले की फूल की खुसबू लेने लगे। मन्दाकिनी ने गहरे लाल रंग की लिपिस्टिक लगा राखी थी। मन्त्रीजी के हाथ मेरी छिनार के मम्मो, छाती और पुट्ठों पर जाने लगे।
जितना मन आए चोद लो मन्त्रीजी , आपसे 1 लाख जो मिलेगा। मेरी रण्डी ने सोचा।
पुरे महीने चुदकर भी मैं 20 हजार ही कमा पाती  मन्दाकिनी मन ही मन बोली।
मन्त्रीजी खुद अपने हाथों से मन्दाकिनी का चीर हरण करने लगे। उन्होंने साड़ी निकली, फिर खुद ही अपने हाथों ने मन्दाकिनी के काले ब्लौज के एक एक हुक निकलने लगे। मन्दाकिनी के चुज्जे जो मैं और प्रकाश ने उसे 4 साल तक चोद छोड़कर बड़ी मेहनत से बड़े किये थे। वो अब बाहर आने को बेताब थे।

मैंने मन्दाकिनी के लिए खूब टाइट ब्लौस सिलवाये थे। जिससे वो मन्त्रजी जी खुश कर सके। जैसे ही काला ब्लाउज़ मन्त्रजी ने उतार, मन्दाकिनी के बड़े 2 मम्मो की झलक मन्त्रजी को मिली। उनका बड़ा सा लौड़ा रूस की मिसाइल की तरह तन गया। उन्होंने झटके से मन्दाकिनी की ब्रा को उतार फेका। जैसे ही 2 बेहद खूबसूरत गोल 2 रसीले बड़े 2 घेरो वाले मम्मे उनकी नजरों के सामने आये मन्त्रजी होश खो बैठे।

मन्दाकिनी के गालों के डिंपल और कमल की पंखुड़ियों समान उसकी बड़ी 2 पलकों ने मन्त्रीजी को बस में कर लिया। 5 लोगों के वजन के बराबर मंत्री जी एक ही सेकंड में मेरी प्यारी रण्डी मन्दाकिनी को गोद में उठा लिया।

तुम्हारा जो भी नाम है, तुम एक बेहद खूबसूरत औरत हो। क्या तुम जानती हो?  मन्त्रजी बोले
मैं आज तक हजारों कमसिन कलियों के साथ सोया हूँ पर तुम्हारे जैसी हसीं औरत मैंने नही देखी मन्त्रजी बोले।
मन्त्रजी ने सुलगती वासना के बिच मन्दाकिनी  के बाँये चुच्चे को मुँह में भर लिया और चूसने लगे। इस समय मन्त्रीजी विष्णु की तरह स्वर्ग का भ्रमढ कर रहे थे। ये बायाँ चुच्ची मन्दाकिनी के दिल के पास थी। मेरी रण्डी का दिल जोर 2 से धड़कने लगा। मन्त्रजी के बड़े से सुरसा मुँह में मन्दाकिनी का बायाँ मम्मा पूरा का पूरा गायब ही हो गया। मन्दाकिनी मम्मो को ऐसे पिने लगे जैसे बचपन में अपनी माँ का दूध पिते थे।

मन्त्रजी मदमस्त हो गए। चुदाई का नशा उनपर पूरी तरह से हावी हो गया। ऐसी मस्त लौण्डिया मन्त्रजी को आजतक चोदने को नही मिली थी। फिर मंत्रीजी ने मन्दाकिनी की चड्डी निकली और उसे काफी देर तक सूंघते रहे। छिनार की बुर की खूश्बू ही अलग थी। मंत्रीजी ने इससे पहले भी बहुत सी लड़कियों की चड्डी सूंघी थी पर आज मन्दाकिनी की बुर की खुश्बु उन्हें भा गयी।

घण्टों सूंघने के बाद मन्त्रजी बोले….
दिखा तो अपनी जमीं बच्ची!  और मन्त्रीजी ने मन्दाकिनी के पैर फैला दिए। मन्दाकिनी की मस्त बुर उनको दिखने लगी।
ओह कितनी प्यारी है! बिलकुल मेरी बीबी की ऐसी थी जब शादी हुई थी  वो बोले
वो मन्दाकिनी की बुर चाटने झुके।
अरे तूने तो सोने की बाली पहन रखी है। बड़ी रँगीज मिजाज हो   उन्होंने कहा और हरामिन की बुर चाटने लगे। बेहद रसीली बुर। बेहद नरम। मन्त्रजी बुर को ऐसे चाट रहे थे जैसा स्वादिस्ट हलवा हो। रण्डी की सिसकारियाँ निकलने लगी। वो बेचैन होने लगी। मंत्रीजी मन्दाकिनी के मम्मे दाबते और फिर सहलाते। और गोल 2 सहलाते। उसकी बड़ी सी बुर में अपनी जीभ ऊपर से निचे दौड़ाते। रांड की बुर के छेद में जीभ डालते।

यही सब चला घंटों तक। फिर मंत्रीजी मन्दाकिनी की ज़मीन में सीढ़ियों से निचे उतरने लगे। बेकाबू होती मेरी रण्डी को मन्त्रजी ने कसके पकड़ लिया। मन्दाकिनी मेरे और प्रकाश के लिये तो काफी हट्टी कट्टी थी पर मंत्रीजी के सामने मेरी कुतिया एक बच्ची ही लगती थी। उन्होंने मेरी रखैल को कूटना शूरू किया। गप्प गप्प गप्प गचा गच्च गचा गच । वो रफ़्तार पकड़ने लगे। मन्दाकिनी को अपनी मर्जी से खाने खेलने लगे।

अपनी बुर में तू सोने की बाली पहनती है, तुझे तो मैं सोने के कंगन दूंगा  मंत्रीजी रण्डी को पेलते 2 ही बोले। वो गचा गच रांड को पेले जा रहे थे। मन्दाकिनी ने पेलवाते समय आँखें बन्द कर ली थी। वो ऐसा ही करती थी। चुदाई के समय वो किसी कस्टमर की आँखों में नही देखती थी। उसे डर था अगर गचा गच पेलवाते समय उसने उसे किसी कस्टमर की आँख में देखा तो वो ठरकी हो जाएगी और उससे प्यार करने लग जाएगी।

मन्दाकिनी की कमल के समान बड़ी 2 बन्द पलकों को देखकर मंत्रीजी फिर पागल हो गए।
सच में तू दुनिया की सबसे खूबसूरत औरत है  वो बोले।
मंत्रीजी मेरी छिनार की बुर अपनी मर्जी से चलाये जा रहे थी। कभी मनककिनी को बाये तरह करते कभी दयीं तरफ। मंत्रीजी के हाथों में मेरी कुतिया कागज की नाव की तरह थी। मंत्रीजी मन्दाकिनी की भंगाकुर को एक ऊँगली से घिस रहे थे और चोदते जा रहे थे। ये दृश्य देखने लायक था।

सैकड़ों मर्दों से चुदने ले बाद अब मन्दाकिनी ने एक नई चीज सिख ली थी। चुदाई के वक़्त अब उसकी कमर नाचने लग गयी थी। लगता था जैसे कोई स्प्रिंग हो। चुदते समय उसकी कमर खूब लहराकर मटकती थी। ये नई उपलब्धि थी। जब मंत्रीजी मेरी रखैल को बजा रहे थे तो अचानक से रण्डी की कमर नाचने लगी। मंत्रीजक पागल हो गए।

बड़ी गर्म है साली! तेरी गर्मी तो मैं बिस्तर पर निकाल दूंगा   मंत्रीजी बोले और मन्दाकिनी की बुर फाड़ते रहें। चाहकर भी मन्दाकिनी नही छुड़ा सकती थी। मंत्रीजी 5 आदमियों के बराबर थे। एक बार मंत्रीजी की कार पर विरोधी नेता ने हमला कर दिया था। मंत्रीजी ने केवल अपने ड्राईवर के साथ 10 लोगों का सामना किया था। और 3 को गोली मार दी थी। बड़ी भाग खड़े हुए थे। मंत्रीजी किसी फ़िल्म के हीरो से कम ना थी।

मंत्रीजी ने करीब 2 घण्टे तक मन्दाकिनी को चोदा। उसके सारे धागे खोल दिया। फिर उन्होंने अपना माल मेरी रांड की नाभि में छोड़ दिया।
दिल खुश कर दिया तूने! सच में तेरे जैसी खूबसूरत औरत मैंने आज तक नही देखी। अगर मैं जवान होता तो तुझसे शादी करता! मेरी रखैल बनेगी!  मंत्रीजी ने पूछा
मन्दाकिनी कुछ नही बोली।

ठीक है मैं रशीद से बात करूँगा!  मंत्रीजी बोले
वैसे रशीद तेरा क्या लगता है   मंत्री ने पूछा
मेरा हस्बैंड है   मन्दाकिनी बोली

मंत्रीजी को मन्दाकिनी इतनी पसन्द आ गयी की उन्होंने गीता को हाथ नही लगाया। पूरी रात बस मन्दाकिनी को भी पोज़ बदल 2 के पेलते रहे। धुँआ निकाल दिया उन्होंने मण्डस्किनी के भोसड़े का। आग जला दी चूत में। मंत्रीजी को मन्दाकिनी इतनी पसन्द आ गयी की वो उनकी गांड की चाट लेते थे। जब मैंने और प्रकाश ने मन्दाकिनी की चूत और गांड खूब मारी थी पर उसे कभी चाटा नही था।

पर मन्दाकिनी मंत्रीजी के दिल में उत्तर गयी। हर रोज मैं ताज होटल मन्दाकिनी को लेकर ठीक रात 9 बजे पहुच जाता और सुबह 9 बजे लेने आ जाता। दिन में मंत्रीजी रैली करते, भासण देते। 7 दिन पुरे हो गए। मंत्रीजी ने मण्डस्किनी को खूब चोदा। वो बिलकुल उसके दीवाने हो गए। 80 हजार उन्होंने मेरे हाथ में रखे। मैंने पैसो को अपने बैग में रख लिया।
मैं तेरी औरत को कुछ दिनों के लिए रखना चाहता हूँ। तू बस कीमत बोल  वो बोले
मैं तुरन्त क्रोधित हो गया।
मैं अपनी औरत से धंधा जरूर करवाता हँ पर जो आप माँग रहे है वो नही हो सकता  मैंने कहा
मंत्रीजी जो मारपीट में बड़े होशियार थे, अचानक उन्होंने बिजली की रफ़्तार से मेरी शर्ट के कलर पकड़ लिए..
देख रशीद, तू बात को समज नही रखूँगा, मैं तेरी औरत को कुछ दिनों के लिए रखूँगा। मैं इसके लिए कुछ भी कर सकता हूँ। किसी को मार भी सकता हूँ!! उन्होंने मुझे घूरकर गुर्राते हुए कहा।
देख प्यार से मान जा वरना दूसरे रस्ते भी है मेरे पास  वो चीखकर बोले।
मंत्रीजी का हाथ उनकी कमर में लगी गन पर पहुँच गया। मैं बहुत डर गया। मैं कपङे लगा। मेरी साँस फूलने लगी।
अब साले हाँ करता है की नही  वो मुझपर पिस्तौल तान के बोले। मेरी आँखों के सामने अँधेरा छा गया।
हाँ  मैंने डरकर हाँ कर दी।

मंत्रीजी ने गन मेरी खोपड़ी से हटा ली। वो शांत हो गए।
तू नही जनता रशीद! तेरी बीबी कितनी खूबसूरत है। मैंने सातों दिन इसकी खूबसूरती देखी है। सच में ये कमाल की है  मंत्रीजी बोले।

तू पैसो की परवाह मत करना। तुझे सही कीमत मिलेगी। वो मुस्कान लगे।
तेरी गर्लफ्रेंड है ना ये? उन्होंने पुछा
हाँ   मैंने कहा।
पर हमने कोर्ट मैरिज कर ली है चुपके से । मैंने झूठ बोल दिया।
मंत्रीजी की आँखों में मन्दाकिनी के लिए वासना ही वासना थी। मैंने नोटिस किया।
चरमसुख दिया है तुम्हारी औरत ने मुझे। पिछले 10 सालों में मैं हजारों औरतों के साथ सोया हूँ पर कभी मुझे चरमसुख नही मिला। मैं बता नही सकता की ये कितनी कमाल की है  मंत्री बोले।

तुम इसे लेकर जाओ। जब होगा मैं गाडी भेज दूंगा। और सुनो पैसा की परवाह मत करना  मंत्री मुस्काकर बोले। मन्दाकिनी ने हमारी बातें सुन ली। मैं मंददकिनी को बाइक पर ले आया। इस महीने मन्दाकिनी ने बिना कोई टैक्स दिये 1 लाख कमाए थे। हजार की गद्दी उसने मुझे दी। मन्दाकिनी ने घर में पैसे माँ को दिए। पर अभी भी कुल मिलाकर 1 लाख 10 हजार ही हुए थे। डॉक्टर्स ने 2 लाख जमा करने को कहा था। अभी भी मंजिल दूर थी।

मन्दाकिनी के पापा की तबियत बिगड़ रही थी। उन्हें बड़ी जोर 2 दर्द होता था। कैन्सर में ऐसा ही होता है। उनकी चीखे सुनकर सारा मोहल्ला इखट्टा हो जाता था। पैसो की जरूरत बनी हुई थी। छोटी मोटी चुदाई से जादा पैसे नही मिलते थे इसलिए मैं मंत्री के ऑफर के बारे में सोचने लगा।
मंत्री के पास जाओगी   मैंने बेहद गम्भीर होकर मन्दाकिनी से पूछा।
क्या मुझे जाना चाहहिये ?  वो बोली
अगर पैसे कमाने हो तो जाओ   मैंने कहा।
मैं सोच में पड़ गयी। ठीक है  मैं जाउंगी  वो सीरियस होकर बोली।