पड़ोस वाले अंकल ने मुझे बिलकुल नंगा करके चोदा और मेरी बुर का छेद चौड़ा कर दिया

 

नॉन वेज स्टोरी के सभी पाठकों को साँची का बहुत बहुत नमस्कार। मैं पीलीभीत की रहने वाली हूँ। आज मैं आप लोगो को अपनी सेक्सी कहानी सुन रही हूँ। मैं उस समय २१ साल की थी और फुल जवान हो चुकी थी। जवान होने के कारण मेरे मम्मे बहुत बड़े बड़े हो गये थे और 38” हो गये थे। मेरी मम्मी की छाती भी खासी बड़ी बड़ी थी इसलिए मेरे दूध भी सिर्फ २१ साल में ३८ के हो गये थे। मैं चुदने लायक हसीन लड़की हो गयी थी और मेरे मोहल्ले में सारे लड़के मुझे घूर घूर कर देखा करते थे। मैं अच्छी तरह से जानती थी की वो लड़के मुझे देख देख कर ललचाते है और मन ही मन में मुझे चोदना चाहते थे। पिछले साल मेरे पड़ोस में एक अंकल रहने आये जिन्होंने मेरे घर के बगल वाला फ्लैट किराए पर लिया था।

उस फ़्लैट का मालिक मेरी माँ का बहुत अच्छा दोस्त था जो कुछ महीनो के लिए अमेरिका चला गया था। इसलिए चाभी अब मेरे माँ के पास ही रहती थी और वो ही किराया वसूल करती थी। मुझे आज भी याद है वो दिन जब शर्मा अंकल मेरे घर में आये थे। वो बैठक में बैठे हुए थे और खाली फ्लैट के बारे में मेरी माँ से पूछ रहे थे। माँ ने मुझे एक कप चाय लाने के लिए भेज दिया। जब मैं सलवार कमीज में शर्मा अंकल के लिए चाय लेकर गयी और जैसे ही झुककर उनके सामने  मेज पर रखने लगी तो मेरे बड़े बड़े 38” के दूध शर्मा अंकल को दिख गये। वो ललचा गये।

“ये लड़की कौन है???’ शर्मा अंकल ने मेरी माँ से मुस्कुराते हुए पूछा

“….जी!! ये मेरी बेटी है साँची !!” मेरी माँ बोली

उसके बाद माँ से मुझे वही बिठा लिया और शर्मा अंकल चाय सुर्र सुर्र करके पी रहे थे और मुझे गहरी नजरो से देख रहे थे। जैसे मेरे मोहल्ले के लड़के मुझे घूर घूर कर खा जाने वाली नजरों से देख रहे थे। मेरी माँ और शर्मा अंकल में गहरी छनने लगी और माँ ने फ्लैट उनको किराए पर दे दिया। उसके बाद तो मेरी माँ आये दिन शर्मा अंकल में फ्लैट में जाने लगी। कभी किराया वसूलने, कभी टीवी देखने। एक दिन मैं जब माँ को बुलाने शर्मा अंकल के फ्लैट में गयी तो जो मैंने देखा उसके बाद तो मेरा दिमाग ही खराब हो गया। मेरी माँ पूरी तरह से नंगी थी और शर्मा अंकल भी पूरी तरह से निर्वस्त्र थे। दोनों बिस्तर में एक दुसरे की बाहों में थे और एक दूसरे को चूम और सहला रहे थे।

“शर्मा !! आज मुझे चोद दो मेरे यार!! कितने दिन से मैं नही चुदी हूँ!! आज मुझे अपना लंड खिलाकर मेरी प्यासी चूत की प्यास भुझा दो!!!”मेरी माँ उनसे कह रही थी। शर्मा अंकल मेरी माँ के जिस्म पर हर जगह हाथ से धीरे धीरे सहला रहे थे। फिर वो मेरी माँ के दूध पीने लगे और घंटो मेरी जवान चुदासी माँ के चिकने बदन का मजा लुटते रहे। उसके बाद शर्मा अंकल ने मेरी माँ की दोनों टाँगे उठाकर उनको किसी रंडी की तरह चोदा। खूब चोदा मेरी माँ को। उस दिन दोस्तों, मैंने साक्षात देखा की मर्दों का लंड कितना बड़ा, लम्बा और मोटा होता है। दोस्तों, ना जाने क्यूँ, मैं सोचा की अगर कभी मैं चुदवाउंगी तो किसी उम्र दराज मर्द से ही चुदवाउंगी, किसी लड़के से नही चुदवाउंगी। क्यूंकि जादा उम्र के मर्दों का लंड बहुत बड़ा और मोटा होता है।

इस तरह मेरी माँ हफ्ते में २ ३ बार शर्मा अंकल में फ्लैट पर जाकर चुदवा लेती और वो माँ को फ्लैट का किराया बिलकुल टाइम पर दे देते। कभी नागा नही करते। शर्मा अंकल हम लोगो के लिए बजार से तरह तरह के फल, और मिठाइयाँ लाते और मेरी माँ को खूब खिलाते पिलाते। उन्होंने जब मेरी माँ को खूब जीभर के चोद लिया और उनकी गांड भी जीभर के मार ली थी सायद शर्मा अंकल का दिल मेरी चुदक्कड़ माँ से भर गया। एक दिन माँ ने खीर बनाई तो मुझे शर्मा अंकल के लिए एक कटोरी खीर निकाल दी और मुझसे देने को कहा। जब मैं देने गयी तो शर्मा अंकल ने मुझे जबरदस्ती बिठा लिया और मुझे यहाँ वहां छूने लगा। मुझे थोडा गुस्सा आ गया।

“शर्मा अंकल !! मैं अच्छी तरह से जानती हूँ की आपने मेरी जवान माँ को पटा लिया है और उनको खूब चोदते है आप। मैं सब जानती हूँ, मेरी माँ लंड की प्यासी है इसलिए वो आपसे फंस गयी है। आप उसकी गांड भी खूब मारते है! अंकल !! मैं सब जानती हूँ!!” मैंने कहा

कुछ देर तक तो शर्मा अंकल के चेहरे का रंग की उड़ गया। फिर वो मुस्कुराने लगी।

“साँची बेटा!! तुम जवान हो, बला की खूबसूरत हो!! एक बार अपने रूप का रस मुझे चखा दो तो मेरी लाइफ सेट हो जाए! तुम जितना पैसा मांगोगी, मैं तुमको दूंगा। मेरे पास पैसे की कोई कमी नही है!!” शर्मा अंकल बोले

“ठीक है !! अंकल ! मैं आपके ऑफर पर सोचूंगी!” मैं कहा। दोस्तों, उसके बाद मुझे ना जाने क्यूँ सपने में शर्मा अंकल की दिखाई देने लगे। कभी वो मेरे दूध दूध पी रहे होते और कभी वो मुझे चोद रहे होते। मैं सोचने लगी की अगर मैं शर्मा अंकल में फ्लैट पर जाकर चुदवा भी लूँ तो कौन सा किसी को पता चल जाएगा। उपर से मैं अंकल से मोती रकम वसूल करुँगी और अपने लिए सोने के गहरे बनवा लुंगी। कुछ दिनों बाद मेरी चुदक्कड़ माँ ने रसगुल्ले बनाये तो एक कटोरी में निकाल दिए और मुझे शर्मा अंकल को देनें के लिए कहा। मैं रसगुल्ले लेकर गयी तो शर्मा अंकल बनियान और लुंगी में थे।

मैं उनके पास जाकर बैठ गयी और बातें करने लगी।

“अंकल!! मैं आपसे एक बार चुदवाने के 5 हजार रुपए लुंगी!!” मैंने कहा

उनकी तो जैसे आंखे चमक उठी। वो कोई बड़े सरकारी अधिकारी थे और 30 ४० हजार तो वो रोज घूस पाते थे। इसलिए मुझे एक बार चोदने के 5 हजार वो आराम से दे सकते थे। क्यूंकि वो कौन सी उनकी मेहनत की कमाई थी। वो तो रिश्वत की कमाई थी।

“साँची !! बेटे! मुझे मंजूर है!!” शर्मा अंकल बोले

उसके बाद वो मुझे यहाँ वहां छूने लगे तो मैंने भी कोई ऐतराज नही किया। धीरे धीरे शर्मा अंकल मेरे हाथ अपने हाथो में लेकर चूमने लगे। कुछ देर बाद उन्होंने मेरे सीने से मेरा दुपट्टा हटा दिया और किनारे रख दिया। मेरे सीने पर उनके हाथ आ गये और वो मेरे बड़े बड़े ३८” के दूध को छूने लगे। मुझे भी मजा आने लगा

“आआआ आह !! अंकल दबाइए !! अच्छा लग रहा है!! आराम से मजे लेकर मेरी छाती आप दबाइए! आज तो मुझे आपसे ही चुदवाना है!” मैंने कहा

उसके बाद दोस्तों, शर्मा अंकल मजे से मेरे दूध छूने और सहलाने लगे। कुछ देर बाद वो तेज तेज मेरी छाती का अंग मर्दन कर रहे थे। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था। दोस्तों, आज तक किसी लड़के ने मुझे नही चोदा था, ना की किसी ने मेरे उरोज मर्दन किया था। ये पहले बार था की कोई ४५ साल का अधेड़ आदमी आज मेरी चुचियाँ मजे से दबा रहा था। कुछ देर बाद अंकल ने मुझे अपने पास सोफे पर बिठा लिया और मेरे गले में अपने हाथ डाल दिए। मेरे दूध दबाते दबाते वो मेरे होठ पीने लगा। मुझे भी ये सब बहुत अच्छा लग रहा था। आज कोई मर्द पहली बार मेरे हसीन नर्म ओंठो की लाली चुरा रहा था। कुछ देर बाद शर्मा अंकल ने मेरी कमीज निकाल दी। मुझे जाने कैसा नशा सा छा गया था। जो जो अंकल कह रहे थे, मैं करती जा रही थी। मैंने कमीज के अंदर अंडरशर्ट पहन रखी थी। अंकल ने मुझे कही का नहीं छोड़ा और मेरी अंडरशर्ट भी निकाल दी। उनके बाद लगे हाथो मेरी सलवार भी उन्होंने खोल दी और निकाल दी। अब मैं उनके सामने पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी। मेरे सफ़ेद चिकने बदन पर सिर्फ मेरी लाल रंग की पेंटी थी और कोई कपड़ा नहीं था। शर्मा अंकल कुछ देर तक मेरा गुलाबी चुदासा बदन ताड़ते रहे।

“बेटी साँची!! तुम बड़ा हसीन माल हो!! आज से तुम मेरी जाने गुलजार, जाने बहार  हो!! आज मैं तुमको जवानी के खूब मजे दूंगा और तुमको कसके रगड़ के चोदूंगा!!” शर्मा अंकल बोले

“अंकल !! मैं भी आपसे चुदने के लिए कबसे बेचैन हूँ!! शायद आपको नही पता की जब कुछ दिन पहले आप मेरी माँ को चोद रहे थे, तब मैं किसी काम से यहाँ आई तो मैंने अपनी माँ को आपसे चुदते देख लिया था, मैं अपनी चूत में बहुत देर तक ऊँगली की थी और मुठ मारी थी!” मैंने कहा

उसके बाद दोस्तों, शर्मा अंकल मेरे बड़े बड़े 38” के बड़े बड़े दूध को अपने हाथो से दबाने लगे। उनका हाथ जितना बड़ा था, मेरे बूब्स उससे भी जादा बड़े और गोल गोल किसी फ़ुटबाल की गेंद की तरह थे जो मुस्किल से शर्मा अंकल के हाथ में आ रहे थे। अंकल मेरी मस्त मस्त छाती को मजे से दबा रहे थे और मुँह से लगा रहे थे। ना जाने कितने देर तक वो मेरी काली काली तनी और नुकीली निपल्स को अपनी जीभ से चाटते रहे, और जीभ इधर उधर निपल्स पर शरारत से घुमाते रहे। और फिर जब वासना और चुदास अंकल पर पूरी तरह से हावी हो गयी तो तो वो मेरे खूबसूरत संगमरमर जैसे दूध मुँह में भरके पीने लगा। मैं कराह उठी। दोस्तों, मैं बता नही सकती हूँ की मैं कितना ऐश कर रही थी। अंकल मेरी बड़ी बड़ी रसभरी गुप्त छातियों को मुँह में भरके पीने लगे। मुझे तो स्वर्ग मिलने लगा और अंकल को भी स्वर्ग मिलने लगा। आज तक दोस्तों, मैं किसी अनजान मर्द के सामने नंगी नही थी थी, आज तक किसी ने मेरी इज्जत मेरे रसीली छातियों को नंगा नही देखा था। आज तक किसी अधेड़ उम्र से मेरी जैसी हसीन २१ साल की जवान चुच्ची को नही पिया था। जब शर्मा अंकल पूरी तरह से चुदासे हो गये और हवस के पुजारी बन गये तो मेरे दूध कस कसके दांत गड़ा कर पीने लगे।

मेरी नर्म नर्म छातियों पर उनके दांत के निशान पड़ गये थे। वो मेरी रसीली आम जैसी मीठी छातियों को मजे से पीकर मजा ले रहे थे। दोस्तों, मैं झूठ नही बोलूंगी, पर मुझे भी अपने दूध अंकल में पिलाने में खूब मजा मिल रहा था। मैं मैं चुदने वाली थी और चुदकर एक सम्पूर्ण औरत और एक सम्पूर्ण नारी बनने वाली थी। मेरे गोल गोल तने दूध पीते पीते अंकल के हाथ मेरी चूत पर चले गये और वो मेरी लाल पेंटी के उपर से मेरी चूत को छूने लगे और सहलाने लगे। कम से कम ३५ मिनट तक शर्मा अंकल ने मेरे दोनों बदल बदलकर जी भरके पिये और खूब दांत काटा। मेरी सफ़ेद चूचियों पर अंकल के दांत से बने लाल लाल निशान कोई भी नोटिस कर सकता था।

उसके बाद अंकल ने मेरी पेंटी निकाल दी और मेरी चूत को छूने लगे, उससे छेड़छाड़ करने लगे। कुछ देर बाद अंकल मेरी चूत के दाने को कस कसके घिस रहे थे। फिर मेरी चूत पर सर रखकर वो मेरी बुर पीने लगे। मैं आह ओओह आआआअ हाहा ओन्हों ओं माँ ओं माँ उंहू उंहू करने लगी। मेरी गर्म गर्म मीठी सिस्कारे सुनकर अंकल जीभ निकाल कर मेरी बुर पीने लगे। मुझे भी अपनी चूत पिलाने में बहुत मजा आ रहा था दोस्तों। अंकल किसी कुत्ते की तरह जीभ निकालकर मेरी चूत को चाट रहे थे। मेरी चूत जो पहले ठंडी थी अब बिलकुल गर्म हो गयी थी। फिर अंकल ने अपनी लुंगी खोल दी। वो पुराने ज़माने का पटरे वाला कच्छा पहनते थे, उन्होंने वो भी निकाल दिया। उनका लंड अपने विकराल रूप में आ चूका था और मुझे चोदने को बेक़रार हो चूका था। शर्मा अंकल ने मेरी चूत पर अपना विकराल लंड रख दिया और जोर से पेलकर एक धक्का मारा। गपाक से उनके लंड ने मेरी नाजुक और कमसिन चूत की सील तोड़ दी। और अंदर घुस गया। मेरी चूत से बहुत सारा खून भी निकल आया था। पर मैंने अंकल में नही रोका।

वो मुझे धीरे धीरे चोदने लगे और मेरी चूत में लंड अंदर बाहर करने लगे। मैं एक ४५ साल के अधेड़ उम्र के मर्द से चुदने लगी। शुरू शुरू में मुझे बहुत दर्द हो रहा था। शर्मा अंकल ने मेरी मुँह पर अपना मुँह रख दिया और मेरे होठ पीने लगे। इससे मेरी आवाज भी दब गयी। २० मिनट बाद मेरा दर्द कम हो गया था। अंकल ने मुझे बाहों में लपेट लिया था और घपा घप चोद रहे थे। ओह्ह्ह्ह !! मैं बता नही सकती हूँ की चुदाई में मुझे एक अजीब सा नशा मिल रहा था। मैं अंकल के सामने एक छोटी बच्ची लग रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे वो अपनी ही सगी लड़की को चोद रहे है। बिलकुल यही लग रहा था दोस्तों। फिर तो अंकल ने मेरे दोनों नाजुक कंधे पर अपने शक्तिशाली हाथ रख दिए और मुझे पका पक पेलने लगे। मेरी चूत के अंदर उनका विशाल लंड बड़ी जल्दी जल्दी अंदर बाहर जा रहा था। मेरी चूत चुदने से चट चट की मीठी आवाज हो रही थी। जैसे कोई ताली बजा रहा हो।

दोस्तों, मैं चुद रही थी और ऐश कर रही थी। मुझे बहुत मीठा मीठा लग रहा था। कुछ देर बाद अंकल मुझे बहुत तेज तेज चोदने लगे। किसी मशीन की तरह उन्होंने मुझे १० मिनट में कोई ५०० बार जल्दी जल्दी चोद दिया और मेरी चूत में लंड अंदर बाहर कर दिया। उसके बाद अंकल मेरी बुर में ही झड़ गये। पिच्च पिच्च उन्होंने अपना माल मेरी चूत में छोड़ दिया। जब अंकल ने अपना लंड मेरे भोसड़े से निकाला तो मेरी कुवारी चूत बहुत चौड़ी हो चुकी थी। और चूत का छेद इतना मोटा हो चूका था की इसमें ३ मोटे लंड आराम से समा जाए। शर्मा अंकल ने अपने फोन से मेरी चूत की फोटो खीची और मुझे दिखाई।

“साँची बेटी !! देखो मैंने तुम्हारी चूत को चोद चोदकर कितना चौड़ा कर दिया है!!” अंकल बोले और मुझे फोटो दिखाई

“अंकल !! आपने तो मेरी बुर का भोसड़ा बना दिया!” मैंने कहा

“तुम सही कह रही हो बेटी! तुम्हारी माँ की चूत के छेद को भी मैंने इसी तरह चोद चोदकर बहुत चौड़ा कर दिया था!” अंकल बोली

दोस्तों, मुझे उन्होंने एक बार और गोद में बिठाकर चोदा और फिर अपने पर्स से निकालकर मुझे ५००० रूपए दे दिए। कुछ ही दिनों में मुझे अंकल के पैसो और लंड दोनों का बुरा चस्का लग चुका था। उसके बाद मैं अंकल ने हर हफ्ते चुदवाने लगी और आज मेरे पास सोने के कई गहने है और बहुत पैसा है। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

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